• नीचे गिरे सूखे पत्तों पर अदब से चलना ज़रा,<br/>
कभी कड़ी धूप में तुमने इनसे ही पनाह माँगी थी।Upload to Facebook
    नीचे गिरे सूखे पत्तों पर अदब से चलना ज़रा,
    कभी कड़ी धूप में तुमने इनसे ही पनाह माँगी थी।
  • जिंदगी मे चुनौतियाँ हर किसी के हिस्से नहीं आती,
    क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आज़माती है।
  • ज़रूरी नहीं कि हर समय लबों पर भगवान का नाम आये,
    वो लम्हा भी भक्ति से कम नहीं जब इंसान इंसान के काम आये।
  • कर्मों से ही पहचान होती है इंसानों की क्योंकि महेंगे कपडे तो 'पुतले' भी पहनते है दुकानों में।Upload to Facebook
    कर्मों से ही पहचान होती है इंसानों की क्योंकि महेंगे कपडे तो 'पुतले' भी पहनते है दुकानों में।
  • इंसान के अंदर जो समा कर रहे वह स्वाभिमान है और जो बाहर छलके वो अभिमान है।Upload to Facebook
    इंसान के अंदर जो समा कर रहे वह स्वाभिमान है और जो बाहर छलके वो अभिमान है।
  • कभी संघर्ष को ऐसे पढ़ कर देखिये<br/>
'संग' + 'हर्ष'<br/>
बस फिर दुनिया बदल जाएगी।Upload to Facebook
    कभी संघर्ष को ऐसे पढ़ कर देखिये
    'संग' + 'हर्ष'
    बस फिर दुनिया बदल जाएगी।
  • सांप घर पर दिखाई दे तो लोग डंडों से मारते हैं और जब शिव लिंग पर दिखाई दे तो दूध पिलाते हैं।
    लोग सम्मान आप का नहीं, आप के स्थान और स्थिति का करते हैं।
  • कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है पर रोटी की साईज़ लगभग  सब घर में एक जैसी ही होती है।Upload to Facebook
    कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है पर रोटी की साईज़ लगभग सब घर में एक जैसी ही होती है।
  • पैसा इंसान को ऊपर ले जा सकता है;<br/>
लेकिन इंसान पैसा ऊपर नही ले जा सकता।Upload to Facebook
    पैसा इंसान को ऊपर ले जा सकता है;
    लेकिन इंसान पैसा ऊपर नही ले जा सकता।
  • मनुष्य अपने अभाव से इतना दुखी नहीं है, जितना दूसरे के प्रभाव से दुखी होता है।Upload to Facebook
    मनुष्य अपने अभाव से इतना दुखी नहीं है, जितना दूसरे के प्रभाव से दुखी होता है।
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