• चारों तरफ जय माता दी छाई हुई है;<br/>
फिर ये वृद्धआश्रमों मे किसकी मां आई हुई है।
    चारों तरफ जय माता दी छाई हुई है;
    फिर ये वृद्धआश्रमों मे किसकी मां आई हुई है।
  • ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में सेहत का भी ख्याल रखिए...<br/>
ऐसा ना हो कि आप पीछे रह जाएं और पेट आगे निकल जाए।
    ज़िन्दगी की भाग-दौड़ में सेहत का भी ख्याल रखिए...
    ऐसा ना हो कि आप पीछे रह जाएं और पेट आगे निकल जाए।
  • पैसा कमाने के लिए इतना समय खर्च ना करो कि,<br/>
पैसा खर्च करने के लिए ज़िंदगी में समय ही ना बचे।
    पैसा कमाने के लिए इतना समय खर्च ना करो कि,
    पैसा खर्च करने के लिए ज़िंदगी में समय ही ना बचे।
  • आपकी पढाई का कोई महत्तव नहीं रह जाता यदि आपके द्वारा फेंका गया कचरा, अगली सुबह कोई अनपढ़ व्यक्ति उठाता है।<br/>
शिक्षित हो समझदार बनो!
    आपकी पढाई का कोई महत्तव नहीं रह जाता यदि आपके द्वारा फेंका गया कचरा, अगली सुबह कोई अनपढ़ व्यक्ति उठाता है।
    शिक्षित हो समझदार बनो!
  • नीचे गिरे सूखे पत्तों पर अदब से चलना ज़रा,<br/>
कभी कड़ी धूप में तुमने इनसे ही पनाह माँगी थी।
    नीचे गिरे सूखे पत्तों पर अदब से चलना ज़रा,
    कभी कड़ी धूप में तुमने इनसे ही पनाह माँगी थी।
  • जिंदगी मे चुनौतियाँ हर किसी के हिस्से नहीं आती,
    क्योंकि किस्मत भी किस्मत वालों को ही आज़माती है।
  • ज़रूरी नहीं कि हर समय लबों पर भगवान का नाम आये,
    वो लम्हा भी भक्ति से कम नहीं जब इंसान इंसान के काम आये।
  • कर्मों से ही पहचान होती है इंसानों की क्योंकि महेंगे कपडे तो 'पुतले' भी पहनते है दुकानों में।
    कर्मों से ही पहचान होती है इंसानों की क्योंकि महेंगे कपडे तो 'पुतले' भी पहनते है दुकानों में।
  • इंसान के अंदर जो समा कर रहे वह स्वाभिमान है और जो बाहर छलके वो अभिमान है।
    इंसान के अंदर जो समा कर रहे वह स्वाभिमान है और जो बाहर छलके वो अभिमान है।
  • कभी संघर्ष को ऐसे पढ़ कर देखिये<br/>
'संग' + 'हर्ष'<br/>
बस फिर दुनिया बदल जाएगी।
    कभी संघर्ष को ऐसे पढ़ कर देखिये
    'संग' + 'हर्ष'
    बस फिर दुनिया बदल जाएगी।