• पीपल के पत्तों जैसे ना बनो, जो वक़्त आने पर सूख कर गिर जाते हैं,<br />
बनना है तो मेहँदी के पत्तों जैसा बनो जो खुद पिस कर भी दूसरों की ज़िन्दगी में रंग भर जाते हैं। Upload to Facebook
    पीपल के पत्तों जैसे ना बनो, जो वक़्त आने पर सूख कर गिर जाते हैं,
    बनना है तो मेहँदी के पत्तों जैसा बनो जो खुद पिस कर भी दूसरों की ज़िन्दगी में रंग भर जाते हैं।
  • इस तरह ना कमाओ कि पाप हो जाये,<br />
इस तरह ना खर्च करो कि क़र्ज़ हो जाये,<br />
इस तरह ना खाओ कि मर्ज़ हो जाये,<br />
इस तरह ना बोलो कि क्लेश हो जाये,<br />
इस तरह ना चलो कि देर हो जाये,<br />
इस तरह ना सोचो कि चिंता हो जाये।Upload to Facebook
    इस तरह ना कमाओ कि पाप हो जाये,
    इस तरह ना खर्च करो कि क़र्ज़ हो जाये,
    इस तरह ना खाओ कि मर्ज़ हो जाये,
    इस तरह ना बोलो कि क्लेश हो जाये,
    इस तरह ना चलो कि देर हो जाये,
    इस तरह ना सोचो कि चिंता हो जाये।
  • यदि आपको अपना दर्द महसूस होता है, तो आप जीवित हैं और यदि आपको दूसरों का दर्द महसूस होता है तो आप एक इंसान हैं।Upload to Facebook
    यदि आपको अपना दर्द महसूस होता है, तो आप जीवित हैं और यदि आपको दूसरों का दर्द महसूस होता है तो आप एक इंसान हैं।
  • अगर परछाई कद से और बातें औकात से बड़ी होने लगें तो समझ लो सूरज डूबने ही वाला है।Upload to Facebook
    अगर परछाई कद से और बातें औकात से बड़ी होने लगें तो समझ लो सूरज डूबने ही वाला है।
  • एक बात हमेशा याद रखना:<br />
ढूंढने पर वही मिलेंगे जो खो गए थे, वो कभी नहीं मिलेंगे जो बदल गए हैं।Upload to Facebook
    एक बात हमेशा याद रखना:
    ढूंढने पर वही मिलेंगे जो खो गए थे, वो कभी नहीं मिलेंगे जो बदल गए हैं।
  • खेल ताश का हो या ज़िन्दगी का;<br />
अपना `इक्का` तभी दिखाना जब सामने वाला बादशाह निकाले।Upload to Facebook
    खेल ताश का हो या ज़िन्दगी का;
    अपना "इक्का" तभी दिखाना जब सामने वाला बादशाह निकाले।
  • अपनी कीमत उतनी रखिये जितनी अदा हो सके,<br />
अगर अनमोल हो गए तो तनहा हो जाओगे।Upload to Facebook
    अपनी कीमत उतनी रखिये जितनी अदा हो सके,
    अगर अनमोल हो गए तो तनहा हो जाओगे।
  • छोटा बन कर रहोगे तो, मिलेगी हर बड़ी रहमत दोस्तों;<br />
बड़ा होने पर तो माँ भी गोद से उतार देती है।Upload to Facebook
    छोटा बन कर रहोगे तो, मिलेगी हर बड़ी रहमत दोस्तों;
    बड़ा होने पर तो माँ भी गोद से उतार देती है।
  • बहुत दूर तक जाना पड़ता है सिर्फ यह जानने के लिए कि नज़दीक कौन है।Upload to Facebook
    बहुत दूर तक जाना पड़ता है सिर्फ यह जानने के लिए कि नज़दीक कौन है।
  • ऊपर जिसका अंत नहीं उसे 'आसमां' कहते हैं और  इस जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे 'माँ' कहते हैं।Upload to Facebook
    ऊपर जिसका अंत नहीं उसे 'आसमां' कहते हैं और इस जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे 'माँ' कहते हैं।
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