• इंसान को बोलना सीखने में दो साल लग जाते हैं लेकिन `क्या बोलना है?`, यह सीखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है।Upload to Facebook
    इंसान को बोलना सीखने में दो साल लग जाते हैं लेकिन "क्या बोलना है?", यह सीखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है।
  • पापी चाहे कितनी भी चतुराई से पाप करे लेकिन अंत में पापी को दण्ड भुगतना ही पड़ता है।Upload to Facebook
    पापी चाहे कितनी भी चतुराई से पाप करे लेकिन अंत में पापी को दण्ड भुगतना ही पड़ता है।
  • झूठ बेवजह दलील देता है सच खुद अपना वकील होता है।Upload to Facebook
    झूठ बेवजह दलील देता है सच खुद अपना वकील होता है।
  • सिक्के हमेशा आवाज करते हैं पर नोट खामोश रहते हैं,<br />
इसलिए जब आपकी कीमत बढे तो शांत रहिये क्योंकि हैसियत का शोर मचाने का ज़िम्मा आपसे कम कीमत वालों का है।Upload to Facebook
    सिक्के हमेशा आवाज करते हैं पर नोट खामोश रहते हैं,
    इसलिए जब आपकी कीमत बढे तो शांत रहिये क्योंकि हैसियत का शोर मचाने का ज़िम्मा आपसे कम कीमत वालों का है।
  • दूसरों को उतनी जल्दी क्षमा करें जितनी जल्दी आप ऊपर वाले से अपने लिए चाहते हैं।Upload to Facebook
    दूसरों को उतनी जल्दी क्षमा करें जितनी जल्दी आप ऊपर वाले से अपने लिए चाहते हैं।
  • ज़िन्दगी में अगर बुरा वक़्त नहीं आता तो अपनों में छुपे हुए गैर और गैरों में छुपे हुए अपनों का कभी पता न चलता।Upload to Facebook
    ज़िन्दगी में अगर बुरा वक़्त नहीं आता तो अपनों में छुपे हुए गैर और गैरों में छुपे हुए अपनों का कभी पता न चलता।
  • मुस्कुराते रहो तो दुनिया आपके कदमों में होगी क्योंकि आँसुओं को तो आँखें भी जगह नहीं देती।Upload to Facebook
    मुस्कुराते रहो तो दुनिया आपके कदमों में होगी क्योंकि आँसुओं को तो आँखें भी जगह नहीं देती।
  • आनंद एक ऐसी चीज़ है जो आपके पास ना होते हुए भी आप दूसरों को दे सकते हो।Upload to Facebook
    आनंद एक ऐसी चीज़ है जो आपके पास ना होते हुए भी आप दूसरों को दे सकते हो।
  • कर्म करने से हार या जीत कुछ भी मिल सकता है लेकिन कर्म न करने से केवल हार ही मिलती है।Upload to Facebook
    कर्म करने से हार या जीत कुछ भी मिल सकता है लेकिन कर्म न करने से केवल हार ही मिलती है।
  • दिन की शुरआत में हमें लगता है कि ज़िन्दगी में पैसा बहुत ज़रूरी है पर दिन ढलने पर हमें पता चलता है कि ज़िन्दगी में शांति और सुकून अधिक ज़रूरी है।Upload to Facebook
    दिन की शुरआत में हमें लगता है कि ज़िन्दगी में पैसा बहुत ज़रूरी है पर दिन ढलने पर हमें पता चलता है कि ज़िन्दगी में शांति और सुकून अधिक ज़रूरी है।
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