• बचपन के वो दिन भी क्या खूब थे;<br/>
ना दोस्ती का मतलब पता था, ना मतलब की दोस्ती थी।
    बचपन के वो दिन भी क्या खूब थे;
    ना दोस्ती का मतलब पता था, ना मतलब की दोस्ती थी।
  • अनुपम खेर PM बन कर घूम रहे हैं, PM विदेश मंत्री बन कर घूम रहे है, वकील मारपीट कर रहे है और विधायक जज बनकर फैसले सुना रहे हैं।
    अनुपम खेर PM बन कर घूम रहे हैं, PM विदेश मंत्री बन कर घूम रहे है, वकील मारपीट कर रहे है और विधायक जज बनकर फैसले सुना रहे हैं।
  • आज कल लोग भगवान से कम और CCTV कैमरे से ज्यादा डरते हैं।
    आज कल लोग भगवान से कम और CCTV कैमरे से ज्यादा डरते हैं।
  • भारत में राजनीती के हिसाब से मौतें दो प्रकार की होती हैं।
    एक दलित - दूसरी मुस्लिम
    और बाकी सब लावारिस की श्रेणी में आते हैं।
  • यहाँ तू हिन्दू और मुसलमाँ के, फ़र्क में मर जाता है।<br/>
वहाँ कोई हम दोनों की ख़ातिर' 'बर्फ़' में मर जाता है।
    यहाँ तू हिन्दू और मुसलमाँ के, फ़र्क में मर जाता है।
    वहाँ कोई हम दोनों की ख़ातिर' 'बर्फ़' में मर जाता है।
  • वो बोली मुझे iphone 6 दिला दो, उस बेचारी को क्या पता कि...
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    मैं खुद नोकिया की बैटरी में कागज फंसा कर दिन काट रहा हूँ।
  • मोदी जी की तरह, भारतीय सेना को भी एक बार बिना बताए पाकिस्तान हो आना चाहिए।
  • कितना इको फ्रेंडली रिलेशन है भारत और पाकिस्तान के बीच,<br/>
हमारे पीएम बिना बताये उनके यहाँ पहुच जाते हैं और उनके आतंकी बिना बताये हमारे यहाँ।
    कितना इको फ्रेंडली रिलेशन है भारत और पाकिस्तान के बीच,
    हमारे पीएम बिना बताये उनके यहाँ पहुच जाते हैं और उनके आतंकी बिना बताये हमारे यहाँ।
  • गज़ब का देश है मेरा, जहाँ मौत सामने है ये जानते हुए भी लोग फ़ौज की नौकरी नहीं छोड़ते...<br/>
और कुछ लोग अखबार पढ़कर, देश छोड़ने की बात करते हैं।
    गज़ब का देश है मेरा, जहाँ मौत सामने है ये जानते हुए भी लोग फ़ौज की नौकरी नहीं छोड़ते...
    और कुछ लोग अखबार पढ़कर, देश छोड़ने की बात करते हैं।
  • देश की रक्षा करते हुए पठानकोट में शहीद हुए फौजी भाइयों को शत शत नमन!<br/>

'लहु देकर तिरंगे की, बुलंदी को सवाँरा है, फ़रिश्ते हो तुम वतन के तुम्हें सजदा हमारा है'<br/>
~जय हिन्द
    देश की रक्षा करते हुए पठानकोट में शहीद हुए फौजी भाइयों को शत शत नमन!
    'लहु देकर तिरंगे की, बुलंदी को सवाँरा है, फ़रिश्ते हो तुम वतन के तुम्हें सजदा हमारा है'
    ~जय हिन्द