• कायदे से देखा जाये तो दुनिया में कोई भी इंसान शाकाहारी नहीं है, क्योंकि...<br/>
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थोड़ा बहुत दिमाग तो हर कोई खाता है।
    कायदे से देखा जाये तो दुनिया में कोई भी इंसान शाकाहारी नहीं है, क्योंकि...
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    थोड़ा बहुत दिमाग तो हर कोई खाता है।
  • यूँ तो दुनिया में उदासी की वजह बहुत है पर फ़ोकट में खुश रहने मज़ा ही कुछ और है।
    यूँ तो दुनिया में उदासी की वजह बहुत है पर फ़ोकट में खुश रहने मज़ा ही कुछ और है।
  • आज तक ये नहीं पता चला कि मेरे अंदर कौन सा नाथूराम है जो मेरी जेब के गाँधी को रोज खतम कर देता है।
    आज तक ये नहीं पता चला कि मेरे अंदर कौन सा नाथूराम है जो मेरी जेब के गाँधी को रोज खतम कर देता है।
  • दोस्तों से अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले, <br/>
कमबख्त हर बात पर कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं।
    दोस्तों से अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले,
    कमबख्त हर बात पर कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं।
  • मैं आज तक नहीं समझ पाया कि लोगों को 'ईश्वर' से शिकायत क्यों रहती है,<br/>
उन्होंने हमारे पेट भरने की ज़िम्मेदारी ली है 'पेटियां' भरने की नहीं।
    मैं आज तक नहीं समझ पाया कि लोगों को 'ईश्वर' से शिकायत क्यों रहती है,
    उन्होंने हमारे पेट भरने की ज़िम्मेदारी ली है 'पेटियां' भरने की नहीं।
  • शहर में इतने स्कूल हो गए हैं कि ऑफिस के लिए साला कोई भी शर्ट खरीदो
    किसी ना किसी स्कूल यूनिफार्म से मैच हो ही जाते हैं।
  • बस एक बात का मतलब मुझे आज तक समझ नही आया,
    "जो गरीब के हक के लिए लड़ते हैं, वो लडते लडते अमीर कैसे बन जाते हैं?"
  • मुझे इतना भी मत घुमा ए ज़िंदगी,<br/>
मैं शहर का शायर हूँ, MRF का टायर नहीं।
    मुझे इतना भी मत घुमा ए ज़िंदगी,
    मैं शहर का शायर हूँ, MRF का टायर नहीं।
  • जब से परीक्षा वाली ज़िंदगी पूरी हुई है;<br/>
तब से ज़िंदगी की परीक्षा शुरू हो गई है।
    जब से परीक्षा वाली ज़िंदगी पूरी हुई है;
    तब से ज़िंदगी की परीक्षा शुरू हो गई है।
  • सदमें से मर गया उसी वक़्त एक मरीज़ जब डॉक्टर ने कहा कि...
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    दाल का पानी पिया करो।
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