• माता पिता अपनी बिटिया के लिए सुयोग्य वर खोजते समय दो बातों का ख्याल रखते हैं:<br/>
एक तो लड़का खाते पीते घर का हो<br/>
दूसरे वो पीता-खाता ना हो...<br/>
भला ये क्या बात हुई?Upload to Facebook
    माता पिता अपनी बिटिया के लिए सुयोग्य वर खोजते समय दो बातों का ख्याल रखते हैं:
    एक तो लड़का खाते पीते घर का हो
    दूसरे वो पीता-खाता ना हो...
    भला ये क्या बात हुई?
  • कायदे से देखा जाये तो दुनिया में कोई भी इंसान शाकाहारी नहीं है, क्योंकि...<br/>
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थोड़ा बहुत दिमाग तो हर कोई खाता है।Upload to Facebook
    कायदे से देखा जाये तो दुनिया में कोई भी इंसान शाकाहारी नहीं है, क्योंकि...
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    थोड़ा बहुत दिमाग तो हर कोई खाता है।
  • यूँ तो दुनिया में उदासी की वजह बहुत है पर फ़ोकट में खुश रहने मज़ा ही कुछ और है।Upload to Facebook
    यूँ तो दुनिया में उदासी की वजह बहुत है पर फ़ोकट में खुश रहने मज़ा ही कुछ और है।
  • आज तक ये नहीं पता चला कि मेरे अंदर कौन सा नाथूराम है जो मेरी जेब के गाँधी को रोज खतम कर देता है।Upload to Facebook
    आज तक ये नहीं पता चला कि मेरे अंदर कौन सा नाथूराम है जो मेरी जेब के गाँधी को रोज खतम कर देता है।
  • दोस्तों से अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले, <br/>
कमबख्त हर बात पर कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं।Upload to Facebook
    दोस्तों से अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले,
    कमबख्त हर बात पर कहते हैं कि तुझे छोड़ेंगे नहीं।
  • मैं आज तक नहीं समझ पाया कि लोगों को 'ईश्वर' से शिकायत क्यों रहती है,<br/>
उन्होंने हमारे पेट भरने की ज़िम्मेदारी ली है 'पेटियां' भरने की नहीं।Upload to Facebook
    मैं आज तक नहीं समझ पाया कि लोगों को 'ईश्वर' से शिकायत क्यों रहती है,
    उन्होंने हमारे पेट भरने की ज़िम्मेदारी ली है 'पेटियां' भरने की नहीं।
  • शहर में इतने स्कूल हो गए हैं कि ऑफिस के लिए साला कोई भी शर्ट खरीदो
    किसी ना किसी स्कूल यूनिफार्म से मैच हो ही जाते हैं।
  • बस एक बात का मतलब मुझे आज तक समझ नही आया,
    "जो गरीब के हक के लिए लड़ते हैं, वो लडते लडते अमीर कैसे बन जाते हैं?"
  • मुझे इतना भी मत घुमा ए ज़िंदगी,<br/>
मैं शहर का शायर हूँ, MRF का टायर नहीं।Upload to Facebook
    मुझे इतना भी मत घुमा ए ज़िंदगी,
    मैं शहर का शायर हूँ, MRF का टायर नहीं।
  • जब से परीक्षा वाली ज़िंदगी पूरी हुई है;<br/>
तब से ज़िंदगी की परीक्षा शुरू हो गई है।Upload to Facebook
    जब से परीक्षा वाली ज़िंदगी पूरी हुई है;
    तब से ज़िंदगी की परीक्षा शुरू हो गई है।
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