• काश उसे चाहने का अरमान ना होता;<br/>
मैं होश में रहते हुए अनजान ना होता;<br/>
ना प्यार होता किसी पत्थर दिल से हम को;<br/>
या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता।
    काश उसे चाहने का अरमान ना होता;
    मैं होश में रहते हुए अनजान ना होता;
    ना प्यार होता किसी पत्थर दिल से हम को;
    या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता।
  • काश कि हम उनके दिल पे राज़ करते;<br/>
जो कल था वही प्यार आज करते;<br/>
हमें ग़म नहीं उनकी बेवफाई का;<br/>
बस अरमां था कि हम भी अपने प्यार पर नाज़ करते।
    काश कि हम उनके दिल पे राज़ करते;
    जो कल था वही प्यार आज करते;
    हमें ग़म नहीं उनकी बेवफाई का;
    बस अरमां था कि हम भी अपने प्यार पर नाज़ करते।
  • ज़िंदगी गुज़र जाये पर प्यार कम ना हो;<br/>
याद हमे रखना चाहे पास हम ना हों;<br/>
क़यामत तक चलता रहे प्यार का सफर;<br/>
यही अरमां है हमारा कि यह रिश्ता कभी ख़त्म ना हो।
    ज़िंदगी गुज़र जाये पर प्यार कम ना हो;
    याद हमे रखना चाहे पास हम ना हों;
    क़यामत तक चलता रहे प्यार का सफर;
    यही अरमां है हमारा कि यह रिश्ता कभी ख़त्म ना हो।
  • काश वो पल संग बिताये ना होते;<br/>
तो उनको याद कर आज ये आँसू आये ना होते;<br/>
खुदा को अगर इस तरह दूर ले जाना था उन्हें;<br/>
तो इतनी गहराई से ये दिल मिलाये ना होते।
    काश वो पल संग बिताये ना होते;
    तो उनको याद कर आज ये आँसू आये ना होते;
    खुदा को अगर इस तरह दूर ले जाना था उन्हें;
    तो इतनी गहराई से ये दिल मिलाये ना होते।
  • जीने के लिए दर्द का सामान बहुत है;<br/>
कुछ रोज़ से अपना दिल परेशान बहुत है;<br/>
मिलते हैं सभी लोगों से हम;<br/>
बस आपसे मिलने का अरमान बहुत है।
    जीने के लिए दर्द का सामान बहुत है;
    कुछ रोज़ से अपना दिल परेशान बहुत है;
    मिलते हैं सभी लोगों से हम;
    बस आपसे मिलने का अरमान बहुत है।
  • काश हमारी भी परवाह किसी ने की होती;<br/>
तो ये दुनिया हमें रुस्वा न होती;<br/>
काश हमें भी आता आप जैसा मुस्कुराना;<br/>
तो हमसे भी किसी ने मोहब्बत की होती।
    काश हमारी भी परवाह किसी ने की होती;
    तो ये दुनिया हमें रुस्वा न होती;
    काश हमें भी आता आप जैसा मुस्कुराना;
    तो हमसे भी किसी ने मोहब्बत की होती।
  • कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे;<br/>
ना जाने कितने टुकड़ों में अरमां टूटे;<br/>
हर टुकड़ा है आईना जिंदगी का;<br/>
हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे।
    कभी हम टूटे तो कभी ख्वाब टूटे;
    ना जाने कितने टुकड़ों में अरमां टूटे;
    हर टुकड़ा है आईना जिंदगी का;
    हर आईने के साथ लाखों जज़्बात टूटे।
  • काश मेरी रूह में आप इस कदर उतर जायें;
    मैं देखूं आईना और आपकी तस्वीर नज़र आये;
    जब आप हों सामने तो वक़्त ठहर जाये;
    और आपको देखते-देखते ये ज़िंदगी गुज़र जाये।
  • ये भी एक दुआ है खुदा से;<br/>
किसी का दिल न दुखे मेरी वज़ह से;<br/>
ए खुदा कर दे कुछ ऐसी इनायत मुझ पे;<br/>
कि खुशियाँ ही मिलें सब को मेरी वज़ह से।
    ये भी एक दुआ है खुदा से;
    किसी का दिल न दुखे मेरी वज़ह से;
    ए खुदा कर दे कुछ ऐसी इनायत मुझ पे;
    कि खुशियाँ ही मिलें सब को मेरी वज़ह से।
  • यूँ रिश्ता निभाएंगे कि आपकी आँखों में खुद के लिए फिक्र छोड़ जाएंगे;
    कल हम भले ही हों ना हों;
    लेकिन आपकी हर एक याद में अपना ज़िक्र छोड़ जाएंगे।
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