• दुआ मांगी थी आशियाने की;
    चल पड़ी आंधियाँ जमाने की;
    मेरा गम कोई नही समझ पाया;
    क्योंकि मेरी आदत थी मुस्कुराने की।
  • होंठ कह नहीं सकते जो फ़साना दिल का;<br />
शायद नजरों से वह बात हो जाये;<br />
इस उम्मीद में करते हैं इंतज़ार रात का;<br />
कि शायद सपनों में ही मुलाक़ात हो जाये।Upload to Facebook
    होंठ कह नहीं सकते जो फ़साना दिल का;
    शायद नजरों से वह बात हो जाये;
    इस उम्मीद में करते हैं इंतज़ार रात का;
    कि शायद सपनों में ही मुलाक़ात हो जाये।
  • मिलना इतिफाक था, बिछड़ना नसीब था;
    वो उतना ही दूर चला गया, जितना वो करीब था;
    हम उसको देखने के लिए तरसते रहे;
    जिस शख्स की हथेली पर हमारा नसीब था।
  • आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा;<br />
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा;<br />
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला;<br />
मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा।Upload to Facebook
    आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा;
    कश्ती के मुसाफिर ने समंदर नहीं देखा;
    पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला;
    मैं मोम हूँ उसने मुझे छू कर नहीं देखा।
  • हम ये नहीं चाहते कि कोई आपके लिए 'दुआ' ना मांगे;
    हम तो बस इतना चाहते है कि कोई 'दुआ' में आपको ना मांगे।
  • बहुत अरसे बाद उसका फोन आया तो मैंने कहा, "कोई झूठ ही बोल दो।"
    वो लम्बी सांस लेकर बोले, "तुम्हारी याद बहुत आती है"।
  • बहुत नायब होते हैं जिन्हें हम अपना कहते हैं;
    चलो तुमको इज़ाजत है कि तुम अनमोल हो जाओ।
  • मजबूर मोहब्बत जता न सके;
    ज़ख्म खाते रहे किसी को बता न सके;
    चाहतों की हद तक चाहा उसे;
    सिर्फ अपना दिल निकाल कर उसे दिखा न सके।
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