• तेरी मेहर पर शक नहीं है मेरे सतगुरु,<br />
मैं तेरे रहम के काबिल हूँ, इस बात पर शक है मुझे।Upload to Facebook
    तेरी मेहर पर शक नहीं है मेरे सतगुरु,
    मैं तेरे रहम के काबिल हूँ, इस बात पर शक है मुझे।
  • भगवान से यह मत कहो कि समस्या विकट है;<br />
बल्कि समस्या से कह दो कि मेरे भगवान मेरे निकट हैं।Upload to Facebook
    भगवान से यह मत कहो कि समस्या विकट है;
    बल्कि समस्या से कह दो कि मेरे भगवान मेरे निकट हैं।
  • दिल कभी ना लगाना दुनिया से दर्द पाओगे,<br />
बीती बातें याद करके रोते ही जाओगे,<br />
करना ही है तो करो सत्संग, सेवा और सिमरन,<br />
हमेशा उम्मीद से दोगुना पाओगे।Upload to Facebook
    दिल कभी ना लगाना दुनिया से दर्द पाओगे,
    बीती बातें याद करके रोते ही जाओगे,
    करना ही है तो करो सत्संग, सेवा और सिमरन,
    हमेशा उम्मीद से दोगुना पाओगे।
  • कौन कहता है कि परमात्मा नज़र नहीं आता,<br />
एक वही तो नज़र आता है जब कुछ नज़र नहीं आता।Upload to Facebook
    कौन कहता है कि परमात्मा नज़र नहीं आता,
    एक वही तो नज़र आता है जब कुछ नज़र नहीं आता।
  • ज़मीन पे सुकून की तलाश है;<br />
मालिक तेरा बंदा कितना उदास है;<br />
क्यों खोजता है इंसान राहत दुनिया में;<br />
हर मसले का हल तेरी अरदास है।Upload to Facebook
    ज़मीन पे सुकून की तलाश है;
    मालिक तेरा बंदा कितना उदास है;
    क्यों खोजता है इंसान राहत दुनिया में;
    हर मसले का हल तेरी अरदास है।
  • आँधियों से न बुझूं ऐसा उजाला हो जाऊँ;<br />
तू नवाज़े तो जुगनू से सितारा हो जाऊँ;<br />
एक बून्द हूँ मुझे ऐसी फितरत दे मेरे मालिक;<br />
कोई प्यासा दिखे तो दरिया हो जाऊँ।Upload to Facebook
    आँधियों से न बुझूं ऐसा उजाला हो जाऊँ;
    तू नवाज़े तो जुगनू से सितारा हो जाऊँ;
    एक बून्द हूँ मुझे ऐसी फितरत दे मेरे मालिक;
    कोई प्यासा दिखे तो दरिया हो जाऊँ।
  • कर दिया है बेफिक्र तूने, फ़िक्र अब मैं कैसे करूँ;
    फ़िक्र तो यह है कि तेरा शुक्र कैसे करूँ।
  • ज़रूर कोई तो लिखता होगा कागज़ और पत्थर का भी नसीब;<br />
वरना यह मुमकिन नहीं कि कोई पत्थर ठोकर खाए और कोई पत्थर भगवान बन जाये,<br />
और कोई कागज़ रद्दी और कोई कागज़ गीता और कुरान बन जाये।Upload to Facebook
    ज़रूर कोई तो लिखता होगा कागज़ और पत्थर का भी नसीब;
    वरना यह मुमकिन नहीं कि कोई पत्थर ठोकर खाए और कोई पत्थर भगवान बन जाये,
    और कोई कागज़ रद्दी और कोई कागज़ गीता और कुरान बन जाये।
  • जीवन में पीछे देखो 'अनुभव' मिलेगा;<br />
जीवन में आगे देखो तो 'आशा' मिलेगी;<br />
दायें - बायें देखो तो 'सत्य' मिलेगा;<br />
स्वयं के अंदर देखो तो 'परमात्मा' और 'आत्मविश्वास' मिलेगा।Upload to Facebook
    जीवन में पीछे देखो 'अनुभव' मिलेगा;
    जीवन में आगे देखो तो 'आशा' मिलेगी;
    दायें - बायें देखो तो 'सत्य' मिलेगा;
    स्वयं के अंदर देखो तो 'परमात्मा' और 'आत्मविश्वास' मिलेगा।
  • जो कुछ भी मैंने खोया वह मेरी नादानी थी,<BR>
और जो कुछ भी मैंने पाया वह रब की मेहरबानी थी।Upload to Facebook
    जो कुछ भी मैंने खोया वह मेरी नादानी थी,
    और जो कुछ भी मैंने पाया वह रब की मेहरबानी थी।
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