• कोई गिला कोई शिकवा न रहे आपसे;
    यह रिश्ता हमारा ऐसा ही रहे आपसे;
    माफ़ कर देना अगर हो जाये कोई खता हमसे;
    ख़फ़ा न होना बस यही फरियाद है आपसे।
  • इस कदर हमारी चाहत का इम्तिहान न लीजिये;<br/>
क्यों हो हमसे ख़फ़ा ये बयां तो कीजिये;<br/>
कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है मुझसे कोई खता;<br/>
यूँ रूठ कर हमसे हमें सज़ा तो न दीजिये।Upload to Facebook
    इस कदर हमारी चाहत का इम्तिहान न लीजिये;
    क्यों हो हमसे ख़फ़ा ये बयां तो कीजिये;
    कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है मुझसे कोई खता;
    यूँ रूठ कर हमसे हमें सज़ा तो न दीजिये।
  • दिल के ज़ख्मों को उनसे छुपाना पड़ा;<br/>
पलक भीगी थी पर मुस्कुराना पड़ा;<br/>
कैसे होते हैं यह मोहब्बत के रिवाज़;<br/>
रूठना चाहते थे उनसे, पर उनको ही मनाना पड़ा।Upload to Facebook
    दिल के ज़ख्मों को उनसे छुपाना पड़ा;
    पलक भीगी थी पर मुस्कुराना पड़ा;
    कैसे होते हैं यह मोहब्बत के रिवाज़;
    रूठना चाहते थे उनसे, पर उनको ही मनाना पड़ा।
  • इस कदर हमारी चाहत का इम्तिहान मत लीजिये;<br/>
क्यों हो खफा ये बयां तो कीजिये;<br/>
कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है कोई खता;<br/>
यूँ याद न आकर सज़ा तो न दीजिये।Upload to Facebook
    इस कदर हमारी चाहत का इम्तिहान मत लीजिये;
    क्यों हो खफा ये बयां तो कीजिये;
    कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है कोई खता;
    यूँ याद न आकर सज़ा तो न दीजिये।
  • रूठना मत कभी हमें मनाना नहीं आता;<br/>
दूर नहीं जाना हमें बुलाना नहीं आता;<br/>
तुम भूल जाओ हमें यह तुम्हारी मर्ज़ी है;<br/>
हम क्या करें हमें भुलाना नहीं आता।Upload to Facebook
    रूठना मत कभी हमें मनाना नहीं आता;
    दूर नहीं जाना हमें बुलाना नहीं आता;
    तुम भूल जाओ हमें यह तुम्हारी मर्ज़ी है;
    हम क्या करें हमें भुलाना नहीं आता।
  • चाहो जो मेरी खताओं की सज़ा दो मुझको;<br/>
पर खता क्या है, ज़रा इतना बता दो मुझको;<br/>
माफ़ कर दो मुझे, मैंने चाहा है सिर्फ तुमको;<br/>
इन वफाओं के सिले ऐसी वफ़ा दो मुझको।Upload to Facebook
    चाहो जो मेरी खताओं की सज़ा दो मुझको;
    पर खता क्या है, ज़रा इतना बता दो मुझको;
    माफ़ कर दो मुझे, मैंने चाहा है सिर्फ तुमको;
    इन वफाओं के सिले ऐसी वफ़ा दो मुझको।
  • आज मैंने से ये वादा किया है;
    माफ़ी माँगूंगा उससे जिसको रुस्वा किया है;
    हर मोड़ पर रहूँगा मैं उस के साथ-साथ;
    मालूम है कि मैंने उसको कितना जुदा किया है।
  • ऐसा भी क्या कसूर हम ने कर दिया;<br/>
कि आपने इस तरह से हमें पराया कर दिया;<br/>
माफ़ करना हमारी गलतियों को;<br/>
जिनकी वजह से आप ने याद करना कम कर दिया।Upload to Facebook
    ऐसा भी क्या कसूर हम ने कर दिया;
    कि आपने इस तरह से हमें पराया कर दिया;
    माफ़ करना हमारी गलतियों को;
    जिनकी वजह से आप ने याद करना कम कर दिया।
  • हो गए हो नाराज़ ऐसा हमे लगता है;
    हो गए हो दूर ऐसा हमे लगता है;
    थोड़ा याद हमे भी किया करो यार;
    हम अकेले रह गए ऐसा हमे लगता है।
  • हम रूठें तो किस के भरोसे;
    कौन है जो आएगा हमें मनाने के लिए;
    हो सकता है तरस आ भी जाए आपको;
    पर दिल कहाँ से लाऊँ आपसे रूठ जाने के लिए।
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