• आज मैंने खुद से यह वादा किया है;
    माफ़ी मांगूगा उससे जिसको रुसवा किया है;
    हर मोड़ पर ही हूँगा मैं उसके साथ साथ;
    मालूम है कि मैंने उसको कितना जुदा किया है।
  • भूल से कोई भूल हुई तो भूल समझ कर भूल जाना;
    और भूलना सिर्फ भूल को, भूल से भी हमें न भूल जाना।
  • कोई अच्छी सी सज़ा दो या न दो मुझको;<br/>
 
तुमसे रिश्ता टूटे उस दिन मौत आ जाए मुझको;<br/>
हो सके तो दिल की गहराईयों से माफ़ करना मुझको!
    कोई अच्छी सी सज़ा दो या न दो मुझको;
    तुमसे रिश्ता टूटे उस दिन मौत आ जाए मुझको;
    हो सके तो दिल की गहराईयों से माफ़ करना मुझको!
  • मुझको भी समेट लेगी एक रोज़ उस अंधेरे घर की दहलीज़;
    तुमसे गुजारिश है माफ़ कर देना;
    उन कांटों को जिसने दिल दुखाया हो तुम्हारा।
  • हमसे अगर गिला हो जाये तो माफ़ करना;<br/>
याद ना कर पाये तो माफ़ करना;<br/>
दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं;<br/>
पर यह दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।
    हमसे अगर गिला हो जाये तो माफ़ करना;
    याद ना कर पाये तो माफ़ करना;
    दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं;
    पर यह दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।
  • तुम हंसती हो मुझे हंसाने के लिए; <br />
तुम रोती हो मुझे रुलाने के लिए; <br />
तुम एक बार रूठकर तो देखो हमसे; <br />
मर जाऊंगा तुम्हें मनाने के लिए।
    तुम हंसती हो मुझे हंसाने के लिए;
    तुम रोती हो मुझे रुलाने के लिए;
    तुम एक बार रूठकर तो देखो हमसे;
    मर जाऊंगा तुम्हें मनाने के लिए।
  • अपना दोष कभी देखो तो क्षमा नहीं करना, दूसरों का दोष देखो तो हमेशा क्षमा कर देना। अगर आप इन दोनों आदतों को अपनाते है तभी आप जीवन में तरक्की कर सकते हैं।
    अपना दोष कभी देखो तो क्षमा नहीं करना, दूसरों का दोष देखो तो हमेशा क्षमा कर देना। अगर आप इन दोनों आदतों को अपनाते है तभी आप जीवन में तरक्की कर सकते हैं।
  • जितनी जल्दी हो सके दूसरों को उनकी गलतियों के लिए क्षमा कर दो;<br />
यह आप उनके लिए नहीं करेंगे बल्कि अपने जीवन में शांति लाने के लिए करेंगे।
    जितनी जल्दी हो सके दूसरों को उनकी गलतियों के लिए क्षमा कर दो;
    यह आप उनके लिए नहीं करेंगे बल्कि अपने जीवन में शांति लाने के लिए करेंगे।
  • क्षमा करने वाला अपने सारे काम आसानी से कर लेता है।
    क्षमा करने वाला अपने सारे काम आसानी से कर लेता है।
  • घृणा करना शैतान का काम है, क्षमा करना मनुष्य का काम है और प्रेम करना देवताओं का गुण है!
    घृणा करना शैतान का काम है, क्षमा करना मनुष्य का काम है और प्रेम करना देवताओं का गुण है!