• बड़ी कोशिशों के बाद पहली बार वो हमारे घर आई थी,
    और माँ बोली...
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    जा बेटा बहन के लिए ठंडा तो लेकर आ।
  • यहाँ भी होगा, वहां भी होगा,
    अब तो सारे जहान में होगा।
    क्या?
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    क्या?
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    गाजर का हलवा!
  • आँसू टपक पडे बेरोजगारी के उस एहसास पर जब माँ ने कहा,
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    "बेटा खाली बैठा है, लहसुन ही छील दे।"
  • बहुत पुरानी कहावत है,
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    इसलिए मुझे याद नहीं।
  • आज लोग मंदिर में चप्पल भी ऐसी जगह उतारते हैं,
    जहाँ से भगवान भी दिखे और चप्पल भी।
  • माँ जब जगाती थी तो कभी लेट नहीं होते थे क्योंकि...
    माँ के पास Snooze के बाद एक और Option होता था। पता क्या...
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    थप्पड़!
    Smartphone में वो बात कहाँ!
  • मोहब्बत बिल्कुल शतरंज के खेल जैसी है,
    सिर्फ एक गलत चाल और सीधे
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    'शादी'।
  • आज बैठा सोच रहा था कि दो चीज़ें बड़ी जल्दी हाथ से निकल जाती हैं,
    समय और...
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    आम की गुठली!
  • बहुत याद आ रही है उसकी सर्द रातों में;
    पास होती तो...
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    मूंगफली ही छील देती।
  • दर्द का एहसास तो तब होता है,
    जब WhatsApp पर किसी ने 100-150 MB की 15-20 वीडियो भेजी हों,
    और डाउनलोड करने के बाद पता चले कि
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    सब देखी हुई है।
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