• चु कार अज़ हमह हीलते दर गुज़शत ॥ हलाल असत बुरदन ब शमशीर दसत ॥२२॥<br/>
When all other methods fail, it is proper to hold the sword in hand. 22.<br/>
गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरुपुरब की शुभ कामनायें!Upload to Facebook
    चु कार अज़ हमह हीलते दर गुज़शत ॥ हलाल असत बुरदन ब शमशीर दसत ॥२२॥
    When all other methods fail, it is proper to hold the sword in hand. 22.
    गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरुपुरब की शुभ कामनायें!
  • जे जे तुमरे धिआन को नित उठ धिऐंहैं संत ॥<br/>
अंत लहैंगे मुकत फलु पावहिंगे भगवंत ॥६॥२६२॥<br/>
All those saints, who will ever meditate on Thee;<br/>
They will attain salvation at the end and will realize the Lord.6.262.<br/>
गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरुपुरब की शुभ कामनायें!Upload to Facebook
    जे जे तुमरे धिआन को नित उठ धिऐंहैं संत ॥
    अंत लहैंगे मुकत फलु पावहिंगे भगवंत ॥६॥२६२॥
    All those saints, who will ever meditate on Thee;
    They will attain salvation at the end and will realize the Lord.6.262.
    गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरुपुरब की शुभ कामनायें!
  • ਪ੍ਰਗਟਿਓ ਮਰਦ ਅਗਮੜਾ ਵਰਿਆਮ ਅਕੇਲਾ।।<br/>
ਵਾਹੁ ਵਾਹੁ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਆਪੇ ਗੁਰ ਚੇਲਾ।।<br/>
ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਦੀ ਲੱਖ-ਲੱਖ ਵਧਾਈ।Upload to Facebook
    ਪ੍ਰਗਟਿਓ ਮਰਦ ਅਗਮੜਾ ਵਰਿਆਮ ਅਕੇਲਾ।।
    ਵਾਹੁ ਵਾਹੁ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਆਪੇ ਗੁਰ ਚੇਲਾ।।
    ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਪੁਰਬ ਦੀ ਲੱਖ-ਲੱਖ ਵਧਾਈ।
  • सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत;<br/>
पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहूँ ना छाडे खेत।<br/>
संत सिपाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की शुभकामनायें!Upload to Facebook
    सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत;
    पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहूँ ना छाडे खेत।
    संत सिपाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की शुभकामनायें!
  • सरबंस दानी, साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पुरब की आप को हार्दिक बधाई!Upload to Facebook
    सरबंस दानी, साहिब-ए-कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पुरब की आप को हार्दिक बधाई!
  • देह शिवा वर मोहि इहै;<br/>
शुभ करमन पे कबहूँ ना टरों;<br/>
ना डरो अर सो जब जाये लरों;
निश्चय कर अपनी जीत करो।<br/>
कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की शुभ कामनाएं!Upload to Facebook
    देह शिवा वर मोहि इहै;
    शुभ करमन पे कबहूँ ना टरों;
    ना डरो अर सो जब जाये लरों; निश्चय कर अपनी जीत करो।
    कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की शुभ कामनाएं!
  • सुनै गुंग जो याहि सु रसना पावई ॥ सुनै मूड़्ह चित लाइ चतुरता आवई ॥<br/>
दूख दरद भौ निकट न तिन नर के रहै ॥ हो जो याकी एक बार चौपई को कहै ॥४०४॥<br/><br/>

शब्दार्थ:<br/>
यहाँ गुरु जी कह रहे हैं कि अगर<br/>
मूक प्राणी जो बाणी को सुनेगा बोलने लग जायेगा, मूर्ख भी बुद्धिमान हो जायेगा।<br/>
एक बार जो चौपाई को पढ़ेगा, उसके निकट कभी दुःख दर्द नहीं रहेगा।<br/>
आप सब को गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश उत्स्व की हार्दिक बधाई!Upload to Facebook
    सुनै गुंग जो याहि सु रसना पावई ॥ सुनै मूड़्ह चित लाइ चतुरता आवई ॥
    दूख दरद भौ निकट न तिन नर के रहै ॥ हो जो याकी एक बार चौपई को कहै ॥४०४॥

    शब्दार्थ:
    यहाँ गुरु जी कह रहे हैं कि अगर
    मूक प्राणी जो बाणी को सुनेगा बोलने लग जायेगा, मूर्ख भी बुद्धिमान हो जायेगा।
    एक बार जो चौपाई को पढ़ेगा, उसके निकट कभी दुःख दर्द नहीं रहेगा।
    आप सब को गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश उत्स्व की हार्दिक बधाई!
  • गुरू गोबिंद गोपाल गुर पूरन नारायणहि॥<br/>
गुरदिआल समरथ गुर गुर नानक पतित उुधारणहि॥<br/><br/>

शब्दार्थ:<br/>
गुरु ही पूर्ण है, जो सबके दिल में बस रहा है;<br/>
वो दयालु है,  सर्व व्यापी है और हमारे पापों को क्षमा करने वाला है।<br/>
गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की बधाई!Upload to Facebook
    गुरू गोबिंद गोपाल गुर पूरन नारायणहि॥
    गुरदिआल समरथ गुर गुर नानक पतित उुधारणहि॥

    शब्दार्थ:
    गुरु ही पूर्ण है, जो सबके दिल में बस रहा है;
    वो दयालु है, सर्व व्यापी है और हमारे पापों को क्षमा करने वाला है।
    गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की बधाई!
  • जो तो प्रेम खेलन का चाव;<br/>
सिर धर तली गली मेरी आओ।<br/>
कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!Upload to Facebook
    जो तो प्रेम खेलन का चाव;
    सिर धर तली गली मेरी आओ।
    कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
  • सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत;<br/>
पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहूँ ना छाडे खेत।<br/>
संत सिपाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!Upload to Facebook
    सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत;
    पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहूँ ना छाडे खेत।
    संत सिपाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
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