• पिता जिसका था हिन्द की चादर;<br/>
आप बना वो रक्षक निमानों का;<br/>
खिड़े माथे जिसने सरबंस वार दिया;<br/>
वो है गुरु बलिदानियों का;<br/>
जिसका जीवन था देश और कौम के नाम;<br/>
यह है साका उसकी कुर्बानियों का।<br/>
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
    पिता जिसका था हिन्द की चादर;
    आप बना वो रक्षक निमानों का;
    खिड़े माथे जिसने सरबंस वार दिया;
    वो है गुरु बलिदानियों का;
    जिसका जीवन था देश और कौम के नाम;
    यह है साका उसकी कुर्बानियों का।
    श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
  • देह शिवा वर मोहि इहै;<br/>
शुभ करमन पे कबहूँ ना टरों;<br/>
ना डरो अर सो जब जाये लरों;<br/>
निश्चय कर अपनी जीत करो।<br/>
कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
    देह शिवा वर मोहि इहै;
    शुभ करमन पे कबहूँ ना टरों;
    ना डरो अर सो जब जाये लरों;
    निश्चय कर अपनी जीत करो।
    कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
  • राज करेगा खालसा, आकी रहे ना कोए;<br/>
वाहेगुरू जी का खालसा वाहेगुरू जी की फ़तेह।<br/>
कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
    राज करेगा खालसा, आकी रहे ना कोए;
    वाहेगुरू जी का खालसा वाहेगुरू जी की फ़तेह।
    कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
  • चिड़ियों के संग बाज़ लड़ाऊँ;<br/>
तभी गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ।<br/>
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
    चिड़ियों के संग बाज़ लड़ाऊँ;
    तभी गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ।
    श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
  • मन में सींचो हर-हर नाम;<br/>
अंदर कीर्तन हर गुण गाम;<br/>
ऐसी प्रीत करो मन मेरे;<br/>
आठ पहर प्रभ जानो नेरे;<br/>
कहो गुरु जी का निर्मल भाग;<br/>
हर चरणी ता का मन लाग;<br/>
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
    मन में सींचो हर-हर नाम;
    अंदर कीर्तन हर गुण गाम;
    ऐसी प्रीत करो मन मेरे;
    आठ पहर प्रभ जानो नेरे;
    कहो गुरु जी का निर्मल भाग;
    हर चरणी ता का मन लाग;
    श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
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