• छोटी सी है जिंदगी हँस के जियो;<br />
भुला के सारे गम दिल से जियो;<br />
उदासी में क्या रखा है मुस्कुरा के जियो;<br />
अपने लिए न सही अपनों के लिए जियो।Upload to Facebook
    छोटी सी है जिंदगी हँस के जियो;
    भुला के सारे गम दिल से जियो;
    उदासी में क्या रखा है मुस्कुरा के जियो;
    अपने लिए न सही अपनों के लिए जियो।
  • ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है;<br />
जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये;<br />
ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे;<br />
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये।Upload to Facebook
    ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है;
    जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये;
    ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे;
    सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये।
  • देखो तो ख्वाब है ज़िन्दगी;<br/>
पढ़ो तो किताब है ज़िन्दगी;<br/>
सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी;<br/>
पर हमें लगता है कि हँसते रहो तो आसान है ज़िन्दगी।Upload to Facebook
    देखो तो ख्वाब है ज़िन्दगी;
    पढ़ो तो किताब है ज़िन्दगी;
    सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी;
    पर हमें लगता है कि हँसते रहो तो आसान है ज़िन्दगी।
  • ज़िंदगी तो सभी के लिए एक रंगीन किताब है;<br/>
फर्क बस इतना है कि कोई हर पन्ने को दिल से पढ़ रहा है;<br/>
और कोई दिल रखने के लिए पन्ने पलट रहा है।Upload to Facebook
    ज़िंदगी तो सभी के लिए एक रंगीन किताब है;
    फर्क बस इतना है कि कोई हर पन्ने को दिल से पढ़ रहा है;
    और कोई दिल रखने के लिए पन्ने पलट रहा है।
  • फूल बनकर मुस्कुराना है ज़िंदगी;<br/>
मुस्कुराते हुए सब ग़म भुलाना है ज़िंदगी;<br/>
जीत का जश्न तो हर कोई मना लेता है;<br/>
हार कर खुशियां मनाना भी है ज़िंदगी।Upload to Facebook
    फूल बनकर मुस्कुराना है ज़िंदगी;
    मुस्कुराते हुए सब ग़म भुलाना है ज़िंदगी;
    जीत का जश्न तो हर कोई मना लेता है;
    हार कर खुशियां मनाना भी है ज़िंदगी।
  • ज़िंदगी में कभी उदास मत होना;<br/>
कभी किसी बात पर निराश ना होना;<br/>
ज़िंदगी है संघर्ष चलती ही रहेगी;<br/>
कभी हार कर अपने जीने का अंदाज़ मत खोना।Upload to Facebook
    ज़िंदगी में कभी उदास मत होना;
    कभी किसी बात पर निराश ना होना;
    ज़िंदगी है संघर्ष चलती ही रहेगी;
    कभी हार कर अपने जीने का अंदाज़ मत खोना।
  • कोई खुशियों की चाह में रोया;<br/>
कोई दुखों की पनाह में रोया;<br/>
अजीब सिलसिला है ये ज़िंदगी का;<br/>
कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा करके रोया।Upload to Facebook
    कोई खुशियों की चाह में रोया;
    कोई दुखों की पनाह में रोया;
    अजीब सिलसिला है ये ज़िंदगी का;
    कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा करके रोया।
  • वक़्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं;<br/>
वक़्त वक़्त पे रिश्तों के अंदाज़ बदल जाते हैं;<br/>
कभी कह दिया अपना तो कभी कर दिया पराया;<br/>
दिन और रात की तरह ज़िंदगी के एहसास बदल जाते हैं।Upload to Facebook
    वक़्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं;
    वक़्त वक़्त पे रिश्तों के अंदाज़ बदल जाते हैं;
    कभी कह दिया अपना तो कभी कर दिया पराया;
    दिन और रात की तरह ज़िंदगी के एहसास बदल जाते हैं।
  • ज़िंदगी पल-पल ढलती है;
    जैसे रेत बंद मुट्ठी से फिसलती है;
    शिकवे कितने भी हो हर पल;
    फिर भी हँसते रहना;
    क्योंकि ये ज़न्दगी जैसी भी है,
    बस एक बार ही मिलती है।
  • ज़िंदगी ज़ख्मों से भरी है;<br/>
वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;<br/>
हारना तो है मौत के सामने एक दिन;<br/>
फ़िलहाल ज़िंदगी से जीतना सीख लो।Upload to Facebook
    ज़िंदगी ज़ख्मों से भरी है;
    वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;
    हारना तो है मौत के सामने एक दिन;
    फ़िलहाल ज़िंदगी से जीतना सीख लो।
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