• ज़िंदगी तो सभी के लिए एक रंगीन किताब है;<br/>
फर्क बस इतना है कि कोई हर पन्ने को दिल से पढ़ रहा है;<br/>
और कोई दिल रखने के लिए पन्ने पलट रहा है।
    ज़िंदगी तो सभी के लिए एक रंगीन किताब है;
    फर्क बस इतना है कि कोई हर पन्ने को दिल से पढ़ रहा है;
    और कोई दिल रखने के लिए पन्ने पलट रहा है।
  • फूल बनकर मुस्कुराना है ज़िंदगी;<br/>
मुस्कुराते हुए सब ग़म भुलाना है ज़िंदगी;<br/>
जीत का जश्न तो हर कोई मना लेता है;<br/>
हार कर खुशियां मनाना भी है ज़िंदगी।
    फूल बनकर मुस्कुराना है ज़िंदगी;
    मुस्कुराते हुए सब ग़म भुलाना है ज़िंदगी;
    जीत का जश्न तो हर कोई मना लेता है;
    हार कर खुशियां मनाना भी है ज़िंदगी।
  • ज़िंदगी में कभी उदास मत होना;<br/>
कभी किसी बात पर निराश ना होना;<br/>
ज़िंदगी है संघर्ष चलती ही रहेगी;<br/>
कभी हार कर अपने जीने का अंदाज़ मत खोना।
    ज़िंदगी में कभी उदास मत होना;
    कभी किसी बात पर निराश ना होना;
    ज़िंदगी है संघर्ष चलती ही रहेगी;
    कभी हार कर अपने जीने का अंदाज़ मत खोना।
  • कोई खुशियों की चाह में रोया;<br/>
कोई दुखों की पनाह में रोया;<br/>
अजीब सिलसिला है ये ज़िंदगी का;<br/>
कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा करके रोया।
    कोई खुशियों की चाह में रोया;
    कोई दुखों की पनाह में रोया;
    अजीब सिलसिला है ये ज़िंदगी का;
    कोई भरोसे के लिए रोया, कोई भरोसा करके रोया।
  • वक़्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं;<br/>
वक़्त वक़्त पे रिश्तों के अंदाज़ बदल जाते हैं;<br/>
कभी कह दिया अपना तो कभी कर दिया पराया;<br/>
दिन और रात की तरह ज़िंदगी के एहसास बदल जाते हैं।
    वक़्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं;
    वक़्त वक़्त पे रिश्तों के अंदाज़ बदल जाते हैं;
    कभी कह दिया अपना तो कभी कर दिया पराया;
    दिन और रात की तरह ज़िंदगी के एहसास बदल जाते हैं।
  • ज़िंदगी पल-पल ढलती है;
    जैसे रेत बंद मुट्ठी से फिसलती है;
    शिकवे कितने भी हो हर पल;
    फिर भी हँसते रहना;
    क्योंकि ये ज़न्दगी जैसी भी है,
    बस एक बार ही मिलती है।
  • ज़िंदगी ज़ख्मों से भरी है;<br/>
वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;<br/>
हारना तो है मौत के सामने एक दिन;<br/>
फ़िलहाल ज़िंदगी से जीतना सीख लो।
    ज़िंदगी ज़ख्मों से भरी है;
    वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;
    हारना तो है मौत के सामने एक दिन;
    फ़िलहाल ज़िंदगी से जीतना सीख लो।
  • जब ज़िंदगी हंसाये तो समझना कि अच्छे कर्मों का फल मिल रहा है;<br/>
और जब ज़िंदगी रुलाये तो समझ लेना कि अच्छे कर्म करने का वक़्त आ गया है।
    जब ज़िंदगी हंसाये तो समझना कि अच्छे कर्मों का फल मिल रहा है;
    और जब ज़िंदगी रुलाये तो समझ लेना कि अच्छे कर्म करने का वक़्त आ गया है।
  • हँसकर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का;
    एक यही किस्सा मशहूर है ज़िंदगी का;
    बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते;
    यही सबसे बड़ा कसूर है ज़िंदगी का।
  • ज़िंदगी जब भी आपको रुलाने लगे;<br/>
आप इतना मुस्कुराओ कि दर्द भी शर्माने लगे;<br/>
निकले ना आँसू आँखों से आप के कभी;<br/>
किस्मत भी मज़बूर होकर आपको हँसाने लगे।
    ज़िंदगी जब भी आपको रुलाने लगे;
    आप इतना मुस्कुराओ कि दर्द भी शर्माने लगे;
    निकले ना आँसू आँखों से आप के कभी;
    किस्मत भी मज़बूर होकर आपको हँसाने लगे।
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