• ज़िंदगी पल-पल ढलती है;
    जैसे रेत बंद मुट्ठी से फिसलती है;
    शिकवे कितने भी हो हर पल;
    फिर भी हँसते रहना;
    क्योंकि ये ज़न्दगी जैसी भी है,
    बस एक बार ही मिलती है।
  • ज़िंदगी ज़ख्मों से भरी है;<br/>
वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;<br/>
हारना तो है मौत के सामने एक दिन;<br/>
फ़िलहाल ज़िंदगी से जीतना सीख लो।
    ज़िंदगी ज़ख्मों से भरी है;
    वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;
    हारना तो है मौत के सामने एक दिन;
    फ़िलहाल ज़िंदगी से जीतना सीख लो।
  • जब ज़िंदगी हंसाये तो समझना कि अच्छे कर्मों का फल मिल रहा है;<br/>
और जब ज़िंदगी रुलाये तो समझ लेना कि अच्छे कर्म करने का वक़्त आ गया है।
    जब ज़िंदगी हंसाये तो समझना कि अच्छे कर्मों का फल मिल रहा है;
    और जब ज़िंदगी रुलाये तो समझ लेना कि अच्छे कर्म करने का वक़्त आ गया है।
  • हँसकर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का;
    एक यही किस्सा मशहूर है ज़िंदगी का;
    बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते;
    यही सबसे बड़ा कसूर है ज़िंदगी का।
  • ज़िंदगी जब भी आपको रुलाने लगे;<br/>
आप इतना मुस्कुराओ कि दर्द भी शर्माने लगे;<br/>
निकले ना आँसू आँखों से आप के कभी;<br/>
किस्मत भी मज़बूर होकर आपको हँसाने लगे।
    ज़िंदगी जब भी आपको रुलाने लगे;
    आप इतना मुस्कुराओ कि दर्द भी शर्माने लगे;
    निकले ना आँसू आँखों से आप के कभी;
    किस्मत भी मज़बूर होकर आपको हँसाने लगे।
  • फूल बनकर मुस्कुराना ही ज़िंदगी है;<br/>
मुस्कुरा कर गम भुलाना ही ज़िंदगी है;<br/>
जीत कर कोई खुश हो तो अच्छा है;<br/>
हार कर भी खुशियां मनाना ही ज़िंदगी है।
    फूल बनकर मुस्कुराना ही ज़िंदगी है;
    मुस्कुरा कर गम भुलाना ही ज़िंदगी है;
    जीत कर कोई खुश हो तो अच्छा है;
    हार कर भी खुशियां मनाना ही ज़िंदगी है।
  • वो यारों की महफ़िल वो मुस्कुराते पल;<br/>
दिल से जुदा है अपना बीता हुआ कल;<br/>
कभी गुज़रती थी ज़िंदगी वक़्त बिताने में;<br/>
अब वक़्त गुज़रता है चाँद कागज़ के नोट कमाने में।
    वो यारों की महफ़िल वो मुस्कुराते पल;
    दिल से जुदा है अपना बीता हुआ कल;
    कभी गुज़रती थी ज़िंदगी वक़्त बिताने में;
    अब वक़्त गुज़रता है चाँद कागज़ के नोट कमाने में।
  • ख्वाहिश ऐसी करो कि आसमान तक जा सको;<br/>
दुआ ऐसी करो कि खुदा को पा सको;<br/>
यूँ तो जीने के लिए पल बहुत कम हैं;<br/>
जियो ऐसे कि हर पल में ज़िंदगी पा सको।
    ख्वाहिश ऐसी करो कि आसमान तक जा सको;
    दुआ ऐसी करो कि खुदा को पा सको;
    यूँ तो जीने के लिए पल बहुत कम हैं;
    जियो ऐसे कि हर पल में ज़िंदगी पा सको।
  • बहुत कुछ सिखा जाती है ये ज़िंदगी;<br/>
हँसा के भी रुला जाती है ये ज़िंदगी;<br/>
जी सको जितना उतना जी लो दोस्तो;<br/>
क्योंकि बहुत कुछ बाकी रह जाता है और ख़त्म हो जाती है ज़िंदगी।
    बहुत कुछ सिखा जाती है ये ज़िंदगी;
    हँसा के भी रुला जाती है ये ज़िंदगी;
    जी सको जितना उतना जी लो दोस्तो;
    क्योंकि बहुत कुछ बाकी रह जाता है और ख़त्म हो जाती है ज़िंदगी।
  • बचपन में जब धागों के बीच माचिस को फसाकर फोन-फोन खेलते थे,
    तो मालूम नहीं था एक दिन इस फोन में ज़िंदगी सिमटती चली जायेगी।