• गलतियों से जुदा तु भी नहीं, मैं भी नहीं;<br />
दोनों इंसान हैं, ख़ुदा तु भी नहीं, मैं भी नहीं;<br />
गलतफहमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां;<br />
वरना फितरत का बुरा तु भी नहीं था, मैं भी नहीं।
    गलतियों से जुदा तु भी नहीं, मैं भी नहीं;
    दोनों इंसान हैं, ख़ुदा तु भी नहीं, मैं भी नहीं;
    गलतफहमियों ने कर दी दोनों में पैदा दूरियां;
    वरना फितरत का बुरा तु भी नहीं था, मैं भी नहीं।
  • कैसी अजीब तुझसे यह जुदाई थी,<br />
कि तुझे अलविदा भी ना कह सका;<br />
तेरी सादगी में इतना फरेब था,<br />
कि तुझे बेवफा भी ना कहा सका।
    कैसी अजीब तुझसे यह जुदाई थी,
    कि तुझे अलविदा भी ना कह सका;
    तेरी सादगी में इतना फरेब था,
    कि तुझे बेवफा भी ना कहा सका।
  • भूल जाने का हौसला ना हुआ;<br />
दूर रह कर भी वो जुदा ना हुआ;<br />
उनसे मिल कर किसी और से क्या मिलते;<br />
कोई दूसरा उनके जैसा ना हुआ।
    भूल जाने का हौसला ना हुआ;
    दूर रह कर भी वो जुदा ना हुआ;
    उनसे मिल कर किसी और से क्या मिलते;
    कोई दूसरा उनके जैसा ना हुआ।
  • ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी;<br />
ये बस एक दास्तां-ए ज़िंदगी होगी;<br />
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा;<br />
कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी।
    ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी;
    ये बस एक दास्तां-ए ज़िंदगी होगी;
    भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा;
    कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी।
  • हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर;<br />
हम उसे अपनी खता कहते हैं;<br />
वो तो साँसों में बसी है मेरे;<br />
जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।
    हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर;
    हम उसे अपनी खता कहते हैं;
    वो तो साँसों में बसी है मेरे;
    जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।
  • आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर;<br/>
ना रंग ना रौशनी है तेरे बगैर;<br/>
वक़्त अपनी रफ़्तार से चल रहा है;<br/>
बस धड़कन थम सी गयी है तेरे बगैर।
    आज कुछ कमी सी है तेरे बगैर;
    ना रंग ना रौशनी है तेरे बगैर;
    वक़्त अपनी रफ़्तार से चल रहा है;
    बस धड़कन थम सी गयी है तेरे बगैर।
  • दिल की धड़कन को, एक लम्हा सबर नहीं;<br/>
शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं;<br/>
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो;<br/>
अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।
    दिल की धड़कन को, एक लम्हा सबर नहीं;
    शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं;
    हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो;
    अब सफर तो है मगर वो हमसफ़र नहीं।
  • कुछ बिखरे सपने और आँखों में नमी है;<br/>
एक छोटा सा आसमान और उमीदों की ज़मीं है;<br/>
यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में;<br/>
बस जिसे चाहते हैं उसी की कमी है।
    कुछ बिखरे सपने और आँखों में नमी है;
    एक छोटा सा आसमान और उमीदों की ज़मीं है;
    यूँ तो बहुत कुछ है ज़िंदगी में;
    बस जिसे चाहते हैं उसी की कमी है।
  • तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते;<br/>
तुझसे प्यार कितना है यह हम बता नहीं सकते;<br/>
हमें मालूम है ये ज़िन्दगी है चार दिन की लेकिन;<br/>
तेरे बिन ये चार दिन तो क्या दो पल भी हम बिता नहीं सकते।
    तुझसे दूर अब हम जा नहीं सकते;
    तुझसे प्यार कितना है यह हम बता नहीं सकते;
    हमें मालूम है ये ज़िन्दगी है चार दिन की लेकिन;
    तेरे बिन ये चार दिन तो क्या दो पल भी हम बिता नहीं सकते।
  • अगर जिंदगी में जुदाई न होती;<br/>
तो कभी किसी की याद न आई होती;<br/>
अगर साथ गुजरा होता, हर लम्हा;<br/>
तो शायद रिश्तों में इतनी, गहराई न होती।
    अगर जिंदगी में जुदाई न होती;
    तो कभी किसी की याद न आई होती;
    अगर साथ गुजरा होता, हर लम्हा;
    तो शायद रिश्तों में इतनी, गहराई न होती।
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