• उसको चाहा पर इज़हार करना नहीं आया;<br/>
कट गयी उम्र पर हमें प्यार करना नहीं आया;<br/>
उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई;<br/>
और हमें भी इंकार करना नहीं आया।
    उसको चाहा पर इज़हार करना नहीं आया;
    कट गयी उम्र पर हमें प्यार करना नहीं आया;
    उसने कुछ माँगा भी तो मांगी जुदाई;
    और हमें भी इंकार करना नहीं आया।
  • हम तेरे दिल में रहेंगे एक याद बनकर;<br/>
तेरे लब पे खिलेंगे मुस्कान बनकर;<br/>
कभी हमें अपने से जुदा न समझना;<br/>
हम तेरे  चलेंगे आसमान बनकर।
    हम तेरे दिल में रहेंगे एक याद बनकर;
    तेरे लब पे खिलेंगे मुस्कान बनकर;
    कभी हमें अपने से जुदा न समझना;
    हम तेरे चलेंगे आसमान बनकर।
  • ऐ दोस्त कभी ज़िक्र-ए-जुदाई न करना;
    मेरे भरोसे को रुस्वा न करना;
    दिल में तेरे कोई और बस जाये तो बता देना;
    मेरे दिल में रह कर बेवफाई न करना।
  • हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर;<br/>
हम उसे अपनी खता कहते हैं;<br/>
वो तो साँसों में बसी है मेरे;<br/>
जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।
    हो जुदाई का सबब कुछ भी मगर;
    हम उसे अपनी खता कहते हैं;
    वो तो साँसों में बसी है मेरे;
    जाने क्यों लोग उसे मुझे जुदा कहते हैं।
  • तेरे होते हुए भी तन्हाई मिली;<br/>
वफ़ा करते भी देखो बुराई मिली;<br/>
जितनी दुआ की तुम्हें पाने की;<br/>
उस से ज्यादा तेरी जुदाई मिली।<br/>
    तेरे होते हुए भी तन्हाई मिली;
    वफ़ा करते भी देखो बुराई मिली;
    जितनी दुआ की तुम्हें पाने की;
    उस से ज्यादा तेरी जुदाई मिली।
  • तू है मुझमें शामिल इस तरह;
    तेरा तसव्वर ज़िक्र भी करूँ किस तरह;
    चाहे दूर सही लेकिन तू है इस दुनिया में;
    तेरी उम्मीद रहते हुए मैं मरुँ किस तरह।
  • हमें तो अपना दिल लगता अवारा है;<br/>
जो चाहे चला जाए हमें ठुकरा के;<br/>
रह लेंगे हम तो बस यूँ ही तन्हा;<br/>
बस एक आपके जाने से रह जाएंगे हम तड़प के।
    हमें तो अपना दिल लगता अवारा है;
    जो चाहे चला जाए हमें ठुकरा के;
    रह लेंगे हम तो बस यूँ ही तन्हा;
    बस एक आपके जाने से रह जाएंगे हम तड़प के।
  • मेरी चाहत में कोई खोट तो नहीं शामिल;<br/>
फिर क्यों वो बार-बार आज़माए मुझे;<br/>
दिल उसकी याद से एक पल भी नहीं जुदा;<br/>
फिर कैसे मुमकिन है वो भूल जाए मुझे।
    मेरी चाहत में कोई खोट तो नहीं शामिल;
    फिर क्यों वो बार-बार आज़माए मुझे;
    दिल उसकी याद से एक पल भी नहीं जुदा;
    फिर कैसे मुमकिन है वो भूल जाए मुझे।
  • मोहब्बत मुक़द्दर है एक ख्वाब नहीं;<br/>
ये वो रिश्ता है जिस में सब कामयाब नहीं;<br/>
जिन्हें साथ मिला उन्हें उँगलियों पर गिन लो;<br/>
जिन्हें मिली जुदाई उनका कोई हिसाब नहीं।
    मोहब्बत मुक़द्दर है एक ख्वाब नहीं;
    ये वो रिश्ता है जिस में सब कामयाब नहीं;
    जिन्हें साथ मिला उन्हें उँगलियों पर गिन लो;
    जिन्हें मिली जुदाई उनका कोई हिसाब नहीं।
  • तुझे पाने की आरज़ू में तुझे गंवाता रहा हूँ;
    रुस्वा तेरे प्यार में होता रहा हूँ;
    मुझसे ना पूछ तू मेरे दिल का हाल;
    तेरी जुदाई में रोज़ रोता रहा हूँ।
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