• ग़म ने हंसने ना दिया, ज़माने ने रोने ना दिया;
    इस उलझन ने जीने ना दिया;
    थक के जब सितारों से पनाह ली;
    नींद आई तो आपकी याद ने सोने ना दिया।
  • हर चेहरे पर गुमान उसका था;<br/>
बसा ना सका खाली मकान उसका था;<br/>
लाखों दर्द मिट गए दिल से लेकिन;<br/>
जो मिट ना सका वो एक नाम उसका था।
    हर चेहरे पर गुमान उसका था;
    बसा ना सका खाली मकान उसका था;
    लाखों दर्द मिट गए दिल से लेकिन;
    जो मिट ना सका वो एक नाम उसका था।
  • दिल नहीं लगता आपको देखे बिना;<br/>
दिल नहीं लगता आपके बारे में सोचे बिना;<br/>
आँखें भर आती हैं यह सोच कर;<br/>
कि किस हाल में होंगे आप हमारे बिना।
    दिल नहीं लगता आपको देखे बिना;
    दिल नहीं लगता आपके बारे में सोचे बिना;
    आँखें भर आती हैं यह सोच कर;
    कि किस हाल में होंगे आप हमारे बिना।
  • बहुत चाहा पर उन्हें भुला ना सके;<br/>
ख्यालों में किसी और को ला ना सके;<br/>
किसी को देख कर आंसू तो पोंछ लिए;<br/>
पर किसी को देख कर हम मुस्कुरा ना सके।
    बहुत चाहा पर उन्हें भुला ना सके;
    ख्यालों में किसी और को ला ना सके;
    किसी को देख कर आंसू तो पोंछ लिए;
    पर किसी को देख कर हम मुस्कुरा ना सके।
  • थक गए हम उनका इंतज़ार करते-करते;<br/>
रोए हज़ार बार खुद से तकरार करते-करते;<br/>
दो शब्द उनकी ज़ुबान से निकल जाते कभी;<br/>
और टूट गए हम एक तरफ़ा प्यार करते-करते।
    थक गए हम उनका इंतज़ार करते-करते;
    रोए हज़ार बार खुद से तकरार करते-करते;
    दो शब्द उनकी ज़ुबान से निकल जाते कभी;
    और टूट गए हम एक तरफ़ा प्यार करते-करते।
  • तन्हा हो कभी, तो मुझ को ढूंढना;
    दुनियां से नहीं, अपने दिल से पूछना;
    आस-पास ही कहीं बसे रहते हैं हम;
    यादों से नहीं, साथ गुज़ारे लम्हों से पूछना।
  • आप को खोने का हर पल डर लगा रहता है;
    जब कि आपको पाया ही नहीं;
    तुम बिन इतना तन्हा हूँ मैं;
    कि मेरे साथ मेरा साया भी नहीं।
  • तेरी याद में आंसुओं का समंदर बना लिया;
    तन्हाई के शहर में अपना घर बना लिया;
    सुना है लोग पूजते हैं पत्थर को;
    इसलिए तुझसे जुदा होने के बाद दिल को पत्थर बना लिया।
  • रात इतनी हसीन थी कि सारे सो रहे थे;<br/>

हम ही ऐसे बदनसीब थे, जो आपकी याद में रो रहे थे।
    रात इतनी हसीन थी कि सारे सो रहे थे;
    हम ही ऐसे बदनसीब थे, जो आपकी याद में रो रहे थे।
  • सब फूलों की जुदा कहानी है;
    खामोशी भी तो प्यार की निशानी है;
    ना कोई ज़ख्म है, फिर भी ऐसा एहसास है;
    यूँ महसूस होता है कोई आज भी दिल के पास है।
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