• ग़म में हँसने वालों को कभी रुलाया नहीं जाता;<br/>
लहरों से पानी को हटाया नहीं जाता;<br/>
होने वाले हो जाते हैं खुद ही दिल से जुदा;<br/>
किसी को जबर्दस्ती दिल में बसाया नहीं जाता।
    ग़म में हँसने वालों को कभी रुलाया नहीं जाता;
    लहरों से पानी को हटाया नहीं जाता;
    होने वाले हो जाते हैं खुद ही दिल से जुदा;
    किसी को जबर्दस्ती दिल में बसाया नहीं जाता।
  • बहुत अजीब है यह बंदिशें मोहब्बत की;<br />
कोई किसी को बहुत टूट कर चाहता है;<br />
और कोई किसी को चाह कर टूट जाता है।
    बहुत अजीब है यह बंदिशें मोहब्बत की;
    कोई किसी को बहुत टूट कर चाहता है;
    और कोई किसी को चाह कर टूट जाता है।
  • जाने क्यों दुनियां में ऐसा होता है;<br>
जो सब को ख़ुशी दे, वही क्यों रोता है;<br>
उम्र भर जो साथ ना दे सके;<br>
वही ज़िंदगी का पहला प्यार क्यों होता है।
    जाने क्यों दुनियां में ऐसा होता है;
    जो सब को ख़ुशी दे, वही क्यों रोता है;
    उम्र भर जो साथ ना दे सके;
    वही ज़िंदगी का पहला प्यार क्यों होता है।
  • ऐ दिल मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से;<br />
इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा;<br />
एक दिन टूट कर बिखर जायेगा अपनों के हाथों से;<br />
किसने तोडा ये भी किसी से कह नहीं पायेगा।
    ऐ दिल मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से;
    इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा;
    एक दिन टूट कर बिखर जायेगा अपनों के हाथों से;
    किसने तोडा ये भी किसी से कह नहीं पायेगा।
  • अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है;<br />
जिस चीज़ को चाहा वो चीज़ ही बेगानी है;<br />
हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए;<br />
वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है।
    अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है;
    जिस चीज़ को चाहा वो चीज़ ही बेगानी है;
    हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए;
    वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है।
  • हमने भी किसी से प्यार किया था;<br />
कम नहीं, बेशुमार किया था;<br />
ज़िंदगी बदल गई थी तब उसने कहा कि;<br />
पागल तू सच समझ बैठा, मैने तो मज़ाक किया था।
    हमने भी किसी से प्यार किया था;
    कम नहीं, बेशुमार किया था;
    ज़िंदगी बदल गई थी तब उसने कहा कि;
    पागल तू सच समझ बैठा, मैने तो मज़ाक किया था।
  • तेरी याद में आंसुओं का समंदर बना लिया;<br />
तन्हाई के शहर में अपना घर बना लिया;<br />
सुना है लोग पूजते हैं पत्थर को;<br />
इसलिए तुझसे जुदा होने के बाद दिल को पत्थर बना लिया।
    तेरी याद में आंसुओं का समंदर बना लिया;
    तन्हाई के शहर में अपना घर बना लिया;
    सुना है लोग पूजते हैं पत्थर को;
    इसलिए तुझसे जुदा होने के बाद दिल को पत्थर बना लिया।
  • उसको चाहा तो बहुत मगर इज़हार करना नहीं आया;<br />
कट गयी उम्र सारी मगर प्यार करना नहीं आया;<br />
उसने कुछ माँगा भी तो माँग ली जुदाई हमसे;<br />
हम करते भी क्या क्योंकि हमें इंकार करना नहीं आया।
    उसको चाहा तो बहुत मगर इज़हार करना नहीं आया;
    कट गयी उम्र सारी मगर प्यार करना नहीं आया;
    उसने कुछ माँगा भी तो माँग ली जुदाई हमसे;
    हम करते भी क्या क्योंकि हमें इंकार करना नहीं आया।
  • दरिया वफाओं का कभी रुकता नहीं;<br />
मोहब्बत में इंसान कभी झुकता नहीं;<br />
खामोश हैं हम उनकी ख़ुशी के लिए;<br />
वो समझते हैं कि दिल हमारा दुखता ही नहीं।
    दरिया वफाओं का कभी रुकता नहीं;
    मोहब्बत में इंसान कभी झुकता नहीं;
    खामोश हैं हम उनकी ख़ुशी के लिए;
    वो समझते हैं कि दिल हमारा दुखता ही नहीं।
  • यह दुनिया पत्थर है जो जज़्बात नहीं समझती;<br/>
दिल में जो है छुपी वो बात नहीं समझती;<br/>
यह चाँद भी तनहा है तारों की बारात में;<br/>
दर्द मगर चाँद का ज़ालिम यह रात नहीं समझती।
    यह दुनिया पत्थर है जो जज़्बात नहीं समझती;
    दिल में जो है छुपी वो बात नहीं समझती;
    यह चाँद भी तनहा है तारों की बारात में;
    दर्द मगर चाँद का ज़ालिम यह रात नहीं समझती।
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