• हर फूल की एक अजब कहानी है;<br/>
चुप रहना भी प्यार की एक निशानी है;<br/>
कहीं कोई ज़ख़्म तो नहीं फिर भी क्यों यह एहसास है;<br/>
कि जैसे दिल का एक टुकड़ा आज भी उनके पास है।Upload to Facebook
    हर फूल की एक अजब कहानी है;
    चुप रहना भी प्यार की एक निशानी है;
    कहीं कोई ज़ख़्म तो नहीं फिर भी क्यों यह एहसास है;
    कि जैसे दिल का एक टुकड़ा आज भी उनके पास है।
  • महफ़िल भी रोयेगी, हर दिल भी रोयेगा;<br/>
डूबी जो मेरी कश्ती तो साहिल भी रोयेगा;<br/>
इतना प्यार बिखेर देंगे हम इस दुनीया में;<br/>
कि मेरी मौत पे मेरा कातिल भी रोयेगा।Upload to Facebook
    महफ़िल भी रोयेगी, हर दिल भी रोयेगा;
    डूबी जो मेरी कश्ती तो साहिल भी रोयेगा;
    इतना प्यार बिखेर देंगे हम इस दुनीया में;
    कि मेरी मौत पे मेरा कातिल भी रोयेगा।
  • ज़माने से सुना था कि मोहब्बत हार जाती है;<br/>
जो चाहत एक तरफ हो वो चाहत हार जाती है;<br/>
कहीं दुआ का एक लफ्ज़ असर कर जाता हैं;<br/>
और कभी बरसों की इबादत भी हार जाती है।Upload to Facebook
    ज़माने से सुना था कि मोहब्बत हार जाती है;
    जो चाहत एक तरफ हो वो चाहत हार जाती है;
    कहीं दुआ का एक लफ्ज़ असर कर जाता हैं;
    और कभी बरसों की इबादत भी हार जाती है।
  • जब मिलने लगा उसकी मोहब्बत में सुकून;<br/>
फिर यूँ हुआ वो मेरा साथ छोड़ गया;<br/>
अभी बहुत बाकी थी हसरतें दिल में;<br/>
मगर वो शख्स अधूरी मुलाक़ात छोड़ गया।Upload to Facebook
    जब मिलने लगा उसकी मोहब्बत में सुकून;
    फिर यूँ हुआ वो मेरा साथ छोड़ गया;
    अभी बहुत बाकी थी हसरतें दिल में;
    मगर वो शख्स अधूरी मुलाक़ात छोड़ गया।
  • अनजान थे हम अनजान ही रहने दो;<br/>
किसी की यादों में हमें पल पल यूँ ही मरने दो;<br/>
क्यों करते हो बदनाम लेकर नाम हमारा;<br/>
अब तो इस नाम को गुमनाम रहने दो।Upload to Facebook
    अनजान थे हम अनजान ही रहने दो;
    किसी की यादों में हमें पल पल यूँ ही मरने दो;
    क्यों करते हो बदनाम लेकर नाम हमारा;
    अब तो इस नाम को गुमनाम रहने दो।
  • दुनिया है पत्थर की जज़्बात नहीं समझती;<br/>
दिल में जो छुपी है वो बात नहीं समझती;<br/>
चाँद तनहा है तारो की इस बारात में;<br/>
दर्द मगर चाँद का ज़ालिम यह रात नहीं समझती।Upload to Facebook
    दुनिया है पत्थर की जज़्बात नहीं समझती;
    दिल में जो छुपी है वो बात नहीं समझती;
    चाँद तनहा है तारो की इस बारात में;
    दर्द मगर चाँद का ज़ालिम यह रात नहीं समझती।
  • सोचता हूँ कि अपने सारे अरमान भेज दूँ;<br/>
दुआओं में अपनी तुम्हारा नाम भेज दूँ;<br/>
दिन खिला और दिल को तुम याद आये;<br/>
तो सोचा कि प्यारा सा सलाम भेज दूँ।Upload to Facebook
    सोचता हूँ कि अपने सारे अरमान भेज दूँ;
    दुआओं में अपनी तुम्हारा नाम भेज दूँ;
    दिन खिला और दिल को तुम याद आये;
    तो सोचा कि प्यारा सा सलाम भेज दूँ।
  • एक वफ़ा को पाने की कोशिश में;
    ज़ख़्मी होती हैं वफ़ाएं कितनी;
    कितना मासूम सा लगता है लफ्ज़ मोहब्बत का;
    और इस लफ्ज़ से मिलती हैं सजाएं कितनी।
  • जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है;<br/>
मेरा दिल तोड़कर मुझे ही हँसाना चाहता है;<br/>
जाने क्या बात झलकती है मेरे चेहरे से;<br/>
हर शख्स बस मुझे ही आज़माना चाहता है।Upload to Facebook
    जाने क्या मुझसे ज़माना चाहता है;
    मेरा दिल तोड़कर मुझे ही हँसाना चाहता है;
    जाने क्या बात झलकती है मेरे चेहरे से;
    हर शख्स बस मुझे ही आज़माना चाहता है।
  • मेरे दिल के दर्द को किसने देखा है;<br/>
मुझे बस मेरे खुदा ने तड़पते देखा है;<br/>
हम तन्हाई में बैठे रोते हैं;<br/>
लोगों ने हमे महफ़िल में हँसते देखा है।Upload to Facebook
    मेरे दिल के दर्द को किसने देखा है;
    मुझे बस मेरे खुदा ने तड़पते देखा है;
    हम तन्हाई में बैठे रोते हैं;
    लोगों ने हमे महफ़िल में हँसते देखा है।
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