• कुछ अलग था कहने का अंदाज़ उनका;<br/>
कि सुना भी कुछ नहीं और कहा भी कुछ नहीं;<br/>
कुछ इस तरह बिखरे उनके प्यार में हम;<br/>
कि टूटा भी कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीं।Upload to Facebook
    कुछ अलग था कहने का अंदाज़ उनका;
    कि सुना भी कुछ नहीं और कहा भी कुछ नहीं;
    कुछ इस तरह बिखरे उनके प्यार में हम;
    कि टूटा भी कुछ नहीं और बचा भी कुछ नहीं।
  • किसी की चाहत में इतने पागल न हो;<br/>
हो सकता है वो आपकी मंज़िल न हो;<br/>
उसकी मुस्कुराहट को मोहब्बत न समझना;<br/>
हो सकता है मुस्कुराना उसकी आदत ही हो।Upload to Facebook
    किसी की चाहत में इतने पागल न हो;
    हो सकता है वो आपकी मंज़िल न हो;
    उसकी मुस्कुराहट को मोहब्बत न समझना;
    हो सकता है मुस्कुराना उसकी आदत ही हो।
  • आज अरसे बाद जब सुनी उसकी आवाज़;<br/>
तो लगा जैसे है वो मेरे दिल के ही पास;<br/>
जब आया होश टी तो नम हो गयी ये आँखें;<br/>
फिर एहसास हुआ कि कभी न पूरी होने वाली है ये आस।Upload to Facebook
    आज अरसे बाद जब सुनी उसकी आवाज़;
    तो लगा जैसे है वो मेरे दिल के ही पास;
    जब आया होश टी तो नम हो गयी ये आँखें;
    फिर एहसास हुआ कि कभी न पूरी होने वाली है ये आस।
  • जिनको हमने चाहा इश्क़ की हदें तोड़ कर;<br/>
आज उसने देखा नहीं निगाह मोड़ कर;<br/>
ये जान कर बहुत दुख हुआ मुझे;<br/>
कि वो खुद भी तन्हा हो गये मुझे छोड़ कर।Upload to Facebook
    जिनको हमने चाहा इश्क़ की हदें तोड़ कर;
    आज उसने देखा नहीं निगाह मोड़ कर;
    ये जान कर बहुत दुख हुआ मुझे;
    कि वो खुद भी तन्हा हो गये मुझे छोड़ कर।
  • दर्द को न देखिये दर्द से;<br/>
दर्द को भी दर्द होता है;<br/>
दर्द को भी ज़रुरत है प्यार की;<br/>
आखिर प्यार में दर्द ही तो हमदर्द होता है।Upload to Facebook
    दर्द को न देखिये दर्द से;
    दर्द को भी दर्द होता है;
    दर्द को भी ज़रुरत है प्यार की;
    आखिर प्यार में दर्द ही तो हमदर्द होता है।
  • हँसी ने लबों पर आना छोड़ दिया;
    ख्वाबों ने पलकों पे आना छोड़ दिया;
    आती नहीं हैं तब से हिचकियाँ भी;
    आप ने जब से याद करना छोड़ दिया।
  • यह देखा है हमने खुद को आज़माकर;<br/>
धोखा देते हैं लोग करीब आ कर;<br/>
कहती है दुनिया पर दिल नहीं मानता;<br/>
कि छोड़ जाओगे तुम भी एक दिन अपना बनाकर।Upload to Facebook
    यह देखा है हमने खुद को आज़माकर;
    धोखा देते हैं लोग करीब आ कर;
    कहती है दुनिया पर दिल नहीं मानता;
    कि छोड़ जाओगे तुम भी एक दिन अपना बनाकर।
  • टूट जाये ख्वाब तो जुड़ने की आस क्या रखना;<br/>
पलकों के भीगने का हिसाब क्या रखना;<br/>
बस इसलिए मुस्कुरा देते हैं हम;<br/>
कि अपनी उदासी से किसी को उदास क्या रखना।Upload to Facebook
    टूट जाये ख्वाब तो जुड़ने की आस क्या रखना;
    पलकों के भीगने का हिसाब क्या रखना;
    बस इसलिए मुस्कुरा देते हैं हम;
    कि अपनी उदासी से किसी को उदास क्या रखना।
  • महफ़िल में हँसना मेरा मिज़ाज़ बन गया;<br/>
तन्हाई में रोना एक राज़ बन गया;<br/>
दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर न होने दिया;<br/>
यही मेरे जीने का अंदाज़ बन गया।Upload to Facebook
    महफ़िल में हँसना मेरा मिज़ाज़ बन गया;
    तन्हाई में रोना एक राज़ बन गया;
    दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर न होने दिया;
    यही मेरे जीने का अंदाज़ बन गया।
  • मेरे दिल के दर्द को किसने देखा है;<br/>
मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है;<br/>
हम तन्हाई में बैठे रोते हैं;<br/>
लोगों ने हमें महफ़िल में हँसते देखा है।Upload to Facebook
    मेरे दिल के दर्द को किसने देखा है;
    मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है;
    हम तन्हाई में बैठे रोते हैं;
    लोगों ने हमें महफ़िल में हँसते देखा है।
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