• मुझे दर्द-ए-इश्क़ का मज़ा मालूम है;<br/>
दर्द-ए-दिल की इन्तहा मालूम है;<br/>
ज़िंदगी भर मुस्कुराने की दुआ मत देना;<br/>
मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है।Upload to Facebook
    मुझे दर्द-ए-इश्क़ का मज़ा मालूम है;
    दर्द-ए-दिल की इन्तहा मालूम है;
    ज़िंदगी भर मुस्कुराने की दुआ मत देना;
    मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है।
  • पत्थर की दुनिया जज़्बात नहीं समझती;<br/>
दिल में क्या है वो बात नहीं समझती;<br/>
तनहा तो चाँद भी सितारों के बीच में है;<br/>
पर चाँद का दर्द वो रात नहीं समझती।Upload to Facebook
    पत्थर की दुनिया जज़्बात नहीं समझती;
    दिल में क्या है वो बात नहीं समझती;
    तनहा तो चाँद भी सितारों के बीच में है;
    पर चाँद का दर्द वो रात नहीं समझती।
  • ज़ख्म मेरा है दर्द मुझे होता है;<br/>
ज़माने में कौन किसका होता है;<br/>
उन्हें नींद नहीं आती जो मोहब्बत करते हैं;<br/>
जो दिल तोड़ता है वो चैन से सोता है।Upload to Facebook
    ज़ख्म मेरा है दर्द मुझे होता है;
    ज़माने में कौन किसका होता है;
    उन्हें नींद नहीं आती जो मोहब्बत करते हैं;
    जो दिल तोड़ता है वो चैन से सोता है।
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