• लोग दौलत देखते हैं, हम इज़्ज़त देखते हैं;<br/>
लोग मंज़िल देखते हैं, हम सफ़र देखते हैं;<br/>
लोग दोस्ती बनाते हैं, हम उसे निभाते हैं।Upload to Facebook
    लोग दौलत देखते हैं, हम इज़्ज़त देखते हैं;
    लोग मंज़िल देखते हैं, हम सफ़र देखते हैं;
    लोग दोस्ती बनाते हैं, हम उसे निभाते हैं।
  • बस साथ चलते रहो ऐ दोस्त,<br/>
कुछ पल की नही, यह दोस्ती हमें उम्र भर चाहिए।Upload to Facebook
    बस साथ चलते रहो ऐ दोस्त,
    कुछ पल की नही, यह दोस्ती हमें उम्र भर चाहिए।
  • जो दोस्त 'कमीने' नहीं होते;<br/>
वो कमीने 'दोस्त' ही नहीं होते।Upload to Facebook
    जो दोस्त 'कमीने' नहीं होते;
    वो कमीने 'दोस्त' ही नहीं होते।
  • इश्क़ में नस काट लेना भी आसान था पर दोस्त इतने कमीने थे कि...
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    सालों ने दारु पिला के उसी की बारात में नचवा दिया।
  • दोस्त फेल हो जाए तो दुःख होता है।<br/>
लेकिन अगर दोस्त First आ जाये तो ज़्यादा दुःख होता है।Upload to Facebook
    दोस्त फेल हो जाए तो दुःख होता है।
    लेकिन अगर दोस्त First आ जाये तो ज़्यादा दुःख होता है।
  • जब को कोई दोस्त बीमार होता है तो
    रिश्तेदार: कुछ नहीं होगा तुझे, समय पर दवाई लेते रहना, भगवान सब ठीक करेगा
    दोस्त: मर जा साले तू, मरने से पहले अपना Xbox मुझे दे दे यार, पता है मेरे दादा जी भी ऐसे ही मरे थे।
  • महक दोस्ती की इश्क़ से कम नहीं होती,<br/>
इश्क़ से ज़िन्दगी शुरू या खत्म नहीं होती,<br/>
अगर साथ हो ज़िन्दगी में अच्छे दोस्तों का,<br/>
तो यह ज़िन्दगी भी जन्नत से कम नहीं होती। Upload to Facebook
    महक दोस्ती की इश्क़ से कम नहीं होती,
    इश्क़ से ज़िन्दगी शुरू या खत्म नहीं होती,
    अगर साथ हो ज़िन्दगी में अच्छे दोस्तों का,
    तो यह ज़िन्दगी भी जन्नत से कम नहीं होती।
  • वो जो दिल के करीब होते हैं,<br/>
वो नमूने बड़े अजीब होते हैं।Upload to Facebook
    वो जो दिल के करीब होते हैं,
    वो नमूने बड़े अजीब होते हैं।
  • उस चाँद को बहुत गुरूर है कि उसके पास नूर है;<br/>
मगर वो क्या जाने कि मेरा तो पूरा ग्रुप कोहिनूर है।Upload to Facebook
    उस चाँद को बहुत गुरूर है कि उसके पास नूर है;
    मगर वो क्या जाने कि मेरा तो पूरा ग्रुप कोहिनूर है।
  • सब लोग मंज़िल को मुश्किल मानते हैं;<br/>
हम तो मुश्किल को मंज़िल मानते हैं।<br/>
बहुत बड़ा फर्क है सब में और हम में;<br/>
सब ज़िंदगी को दोस्त और हम दोस्त को ज़िंदगी मानते हैं।Upload to Facebook
    सब लोग मंज़िल को मुश्किल मानते हैं;
    हम तो मुश्किल को मंज़िल मानते हैं।
    बहुत बड़ा फर्क है सब में और हम में;
    सब ज़िंदगी को दोस्त और हम दोस्त को ज़िंदगी मानते हैं।
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