• आज हम साथ नहीं लेकिन तारीख में तो 7/7 हैं। Upload to Facebook
    आज हम साथ नहीं लेकिन तारीख में तो 7/7 हैं।
  • प्यार में दुनिया खूबसूरत लगती है;
    दर्द में दुनिया दुश्मन लगती है.
    तुम जैसे दोस्त अगर हों ज़िन्दगी में तो;
    'Bisleri' भी 'Kingfisher' लगती है।
  • ऐसा नहीं कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमें कोई फरेब नहीं है,<br />
जल जाते हैं मेरे अंदाज़ में मेरे दुश्मन,<br />
क्योंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले!  Upload to Facebook
    ऐसा नहीं कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमें कोई फरेब नहीं है,
    जल जाते हैं मेरे अंदाज़ में मेरे दुश्मन,
    क्योंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले!
  • क्या फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में रहते तो दोनो दिल मे ही हैं,<br>
लेकिन फर्क बस इतना है बरसो बाद मिलने पर मोहब्बत नजर चुरा लेती है और दोस्त सीने से लगा लेते हैं।Upload to Facebook
    क्या फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में रहते तो दोनो दिल मे ही हैं,
    लेकिन फर्क बस इतना है बरसो बाद मिलने पर मोहब्बत नजर चुरा लेती है और दोस्त सीने से लगा लेते हैं।
  • अच्छे दोस्त सफ़ेद रंग जैसे होते हैं,<br />
सफ़ेद में कोई भी रंग मिलाओ तो नया रंग बन सकता है लेकिन दुनिया के सभी रंग मिलाकर भी सफ़ेद रंग नहीं बना सकते।Upload to Facebook
    अच्छे दोस्त सफ़ेद रंग जैसे होते हैं,
    सफ़ेद में कोई भी रंग मिलाओ तो नया रंग बन सकता है लेकिन दुनिया के सभी रंग मिलाकर भी सफ़ेद रंग नहीं बना सकते।
  • रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;<br />दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;<br />जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;<br />
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।Upload to Facebook
    रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;
    दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;
    जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;
    उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
  • आग लगी थी मेरे घर को एक सच्चे दोस्त ने पूछा,<br />
`क्या बचा है?`<br />
मैने कहा, `मैं बच गया हूँ।`<br />
उसने गले लगाकर कहा, `फिर जला ही क्या है?`Upload to Facebook
    आग लगी थी मेरे घर को एक सच्चे दोस्त ने पूछा,
    "क्या बचा है?"
    मैने कहा, "मैं बच गया हूँ।"
    उसने गले लगाकर कहा, "फिर जला ही क्या है?"
  • अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;<br />
दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;<br />
हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;<br />
अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।Upload to Facebook
    अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;
    दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;
    हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;
    अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
  • दोस्त एक ऐसा चोर होता है,<br />
जो आँखों से आँसू, चेहरे से परेशानी, दिल से मायूसी, ज़िन्दगी से दर्द और बस चले तो हाथों की लकीरों से मौत तक चुरा ले।Upload to Facebook
    दोस्त एक ऐसा चोर होता है,
    जो आँखों से आँसू, चेहरे से परेशानी, दिल से मायूसी, ज़िन्दगी से दर्द और बस चले तो हाथों की लकीरों से मौत तक चुरा ले।
  • शराबी दोस्त रखता हूँ क्योंकि...<br />
शराबी दोस्त अच्छे होते हैं `गिलास` ज़रूर तोड़ते हैं मगर दिल नहीं।Upload to Facebook
    शराबी दोस्त रखता हूँ क्योंकि...
    शराबी दोस्त अच्छे होते हैं "गिलास" ज़रूर तोड़ते हैं मगर दिल नहीं।
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