• कितनी नन्ही से परिभाषा है दोस्ती की;<br />
मैं शब्द...<br />
तुम अर्थ...<br />
तुम बिन मैं व्यर्थ।Upload to Facebook
    कितनी नन्ही से परिभाषा है दोस्ती की;
    मैं शब्द...
    तुम अर्थ...
    तुम बिन मैं व्यर्थ।
  • यकीन पे यकीन दिलाते हैं दोस्त; <br />
राह चलते को बेवकूफ बनाते हैं दोस्त; <br />
शरबत बोल कर दारू पिलाते हैं दोस्त; <br />
पर कुछ भी कहो साले बहुत याद आते हैं दोस्त।Upload to Facebook
    यकीन पे यकीन दिलाते हैं दोस्त;
    राह चलते को बेवकूफ बनाते हैं दोस्त;
    शरबत बोल कर दारू पिलाते हैं दोस्त;
    पर कुछ भी कहो साले बहुत याद आते हैं दोस्त।
  • दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं;<br />
पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं;<br />
हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है;<br />
कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं।Upload to Facebook
    दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं;
    पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं;
    हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है;
    कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं।
  • प्यार करने वालों की किस्मत खराब होती है;<br />
हर वक़्त इम्तिहान की घडी साथ होती है;<br />
वक़्त मिले तो कभी रिश्तों की किताब खोल कर देखना;<br />
दोस्ती हर रिश्ते से लाजवाब होती है।Upload to Facebook
    प्यार करने वालों की किस्मत खराब होती है;
    हर वक़्त इम्तिहान की घडी साथ होती है;
    वक़्त मिले तो कभी रिश्तों की किताब खोल कर देखना;
    दोस्ती हर रिश्ते से लाजवाब होती है।
  • होठों पे उल्फ़त के फ़साने नहीं आते;<br/>
जो बीत गए फिर वो ज़माने याद नहीं आते;<br/>
दोस्त ही होते हैं दोस्तों के हमदर्द;<br/>
कोई फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते।Upload to Facebook
    होठों पे उल्फ़त के फ़साने नहीं आते;
    जो बीत गए फिर वो ज़माने याद नहीं आते;
    दोस्त ही होते हैं दोस्तों के हमदर्द;
    कोई फ़रिश्ते यहाँ साथ निभाने नहीं आते।
  • रिश्तों में दूरियां तो आती रहती हैं;<br/>
फिर भी दूरियां दिलों को मिला देती हैं;<br/>
वो रिश्ता ही क्या जिसमें नाराज़गी ना हो;<br/>
पर सच्ची दोस्ती दोस्तों को मना लेती है।Upload to Facebook
    रिश्तों में दूरियां तो आती रहती हैं;
    फिर भी दूरियां दिलों को मिला देती हैं;
    वो रिश्ता ही क्या जिसमें नाराज़गी ना हो;
    पर सच्ची दोस्ती दोस्तों को मना लेती है।
  • जिए हुए लम्हों को ज़िन्दगी कहते हैं;<br/>
जो दिल को सुकून दे, उसे ख़ुशी कहते हैं;<br/>
जिसके होने की ख़ुशी से ज़िन्दगी मिले;<br/>
ऐसे रिश्ते को दोस्ती कहते हैं।Upload to Facebook
    जिए हुए लम्हों को ज़िन्दगी कहते हैं;
    जो दिल को सुकून दे, उसे ख़ुशी कहते हैं;
    जिसके होने की ख़ुशी से ज़िन्दगी मिले;
    ऐसे रिश्ते को दोस्ती कहते हैं।
  • ज़िन्दगी का सबसे अच्छा पल वो है जब आप कहते हैं `मैं ठीक हूँ`<br/>
और आपका दोस्त आपकी आँखों में एक पल झाँकने के बाद कहे `चल अब बता क्या बात है`।Upload to Facebook
    ज़िन्दगी का सबसे अच्छा पल वो है जब आप कहते हैं "मैं ठीक हूँ"
    और आपका दोस्त आपकी आँखों में एक पल झाँकने के बाद कहे "चल अब बता क्या बात है"।
  • कुछ रिश्ते अनजाने में बन जाते हैं;<br/>
पहले दिल से फिर ज़िन्दगी से जुड़ जाते हैं;<br/>
कहते हैं उस दौर को दोस्ती;<br/>
जिसमे अनजाने ना जाने कब अपने बन जाते हैं।Upload to Facebook
    कुछ रिश्ते अनजाने में बन जाते हैं;
    पहले दिल से फिर ज़िन्दगी से जुड़ जाते हैं;
    कहते हैं उस दौर को दोस्ती;
    जिसमे अनजाने ना जाने कब अपने बन जाते हैं।
  • मेरे लिए मेरी जान है तेरी दोस्ती;<br/>
ज़िन्दगी का हर अरमान है तेरी दोस्ती;<br/>
ना कोई गिला, ना कोई शिकवा है किसी से;<br/>
मुझ पर खुदा का एहसान है तेरी दोस्ती।Upload to Facebook
    मेरे लिए मेरी जान है तेरी दोस्ती;
    ज़िन्दगी का हर अरमान है तेरी दोस्ती;
    ना कोई गिला, ना कोई शिकवा है किसी से;
    मुझ पर खुदा का एहसान है तेरी दोस्ती।
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