• आसमान से उतारी है, तारों से सजाई है;<br/>
चाँद की चाँदनी से नहलायी है;<br/>
ऐ दोस्त ज़रा संभाल कर रखना यह दोस्ती;<br/>
यही तो हमारी ज़िंदगी भर की कमाई है।
    आसमान से उतारी है, तारों से सजाई है;
    चाँद की चाँदनी से नहलायी है;
    ऐ दोस्त ज़रा संभाल कर रखना यह दोस्ती;
    यही तो हमारी ज़िंदगी भर की कमाई है।
  • दोस्त समझते हो तो दोस्ती निभाते रहना;<br/>
हमें भी याद करना खुद भी याद आते रहना;<br/>
हमारी तो हर ख़ुशी दोस्तों से ही है;<br/>
हम खुश रहें या ना आप सदा यूँ ही मुस्कुराते रहना।
    दोस्त समझते हो तो दोस्ती निभाते रहना;
    हमें भी याद करना खुद भी याद आते रहना;
    हमारी तो हर ख़ुशी दोस्तों से ही है;
    हम खुश रहें या ना आप सदा यूँ ही मुस्कुराते रहना।
  • अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;<br/>
दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;<br/>
हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;<br/>
अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
    अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;
    दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;
    हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;
    अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
  • रिश्तों से बड़ी चाहत क्या होगी;<br/>
दोस्ती से बड़ी इबादत क्या होगी;<br/>
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;<br/>
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
    रिश्तों से बड़ी चाहत क्या होगी;
    दोस्ती से बड़ी इबादत क्या होगी;
    जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;
    उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
  • लोग रूप देखते हैं, हम दिल देखते हैं;<br/>
लोग सपना देखते हैं, हम हकीकत देखते हैं;<br/>
बस फर्क इतना है कि लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं;<br/>
हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं।
    लोग रूप देखते हैं, हम दिल देखते हैं;
    लोग सपना देखते हैं, हम हकीकत देखते हैं;
    बस फर्क इतना है कि लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं;
    हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं।
  • हम शतरंज नही खेलते, क्योंकि...
    दुश्मनों की हमारे सामने बैठने की औकात नहीं,
    और दोस्तों के सामने हम चाल नही चलते।
  • लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता;<br/>
शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुम-सा नहीं मिलता;<br/>
किस्मत वालों को ही मिलती है पनाह किसी के दिल में;<br/>
यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं मिलता।
    लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता;
    शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुम-सा नहीं मिलता;
    किस्मत वालों को ही मिलती है पनाह किसी के दिल में;
    यूं हर शख़्स को तो जन्नत का पता नहीं मिलता।
  • दोस्त की दोस्ती से ज़िन्दगी सुनहरी होती है;<br/>
साथ उसके हर ख्वाहिश पूरी होती है;<br/>
अगर मिले दोस्त ऐसा जो समझ जाये दिल की बात;<br/>
फिर कहाँ कोई बात अधूरी होती है।
    दोस्त की दोस्ती से ज़िन्दगी सुनहरी होती है;
    साथ उसके हर ख्वाहिश पूरी होती है;
    अगर मिले दोस्त ऐसा जो समझ जाये दिल की बात;
    फिर कहाँ कोई बात अधूरी होती है।
  • भूलेंगे वो भुलाना जिनका काम है;<br/>
मेरी तो दोस्तों के बिना गुज़रती नहीं शाम है;<br/>
कैसे भूलूँ मैं उनको जो मेरी ज़िंदगी का दूसरा नाम है।
    भूलेंगे वो भुलाना जिनका काम है;
    मेरी तो दोस्तों के बिना गुज़रती नहीं शाम है;
    कैसे भूलूँ मैं उनको जो मेरी ज़िंदगी का दूसरा नाम है।
  • जिंदगी सुंदर है पर मुझे जीना नहीं आता;<br/>
हर चीज में नशा है पर मुझे पीना नहीं आता;<br/>
सब मेरे बिना जी सकते हैं, र्सिफ मुझे दोस्तों के बिना जीना नहीं आता।
    जिंदगी सुंदर है पर मुझे जीना नहीं आता;
    हर चीज में नशा है पर मुझे पीना नहीं आता;
    सब मेरे बिना जी सकते हैं, र्सिफ मुझे दोस्तों के बिना जीना नहीं आता।
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