• ऐसा नहीं कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमें कोई फरेब नहीं है,<br />
जल जाते हैं मेरे अंदाज़ में मेरे दुश्मन,<br />
क्योंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले!
    ऐसा नहीं कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमें कोई फरेब नहीं है,
    जल जाते हैं मेरे अंदाज़ में मेरे दुश्मन,
    क्योंकि एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले!
  • क्या फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में रहते तो दोनो दिल मे ही हैं,<br>
लेकिन फर्क बस इतना है बरसो बाद मिलने पर मोहब्बत नजर चुरा लेती है और दोस्त सीने से लगा लेते हैं।
    क्या फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में रहते तो दोनो दिल मे ही हैं,
    लेकिन फर्क बस इतना है बरसो बाद मिलने पर मोहब्बत नजर चुरा लेती है और दोस्त सीने से लगा लेते हैं।
  • अच्छे दोस्त सफ़ेद रंग जैसे होते हैं,<br />
सफ़ेद में कोई भी रंग मिलाओ तो नया रंग बन सकता है लेकिन दुनिया के सभी रंग मिलाकर भी सफ़ेद रंग नहीं बना सकते।
    अच्छे दोस्त सफ़ेद रंग जैसे होते हैं,
    सफ़ेद में कोई भी रंग मिलाओ तो नया रंग बन सकता है लेकिन दुनिया के सभी रंग मिलाकर भी सफ़ेद रंग नहीं बना सकते।
  • रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;<br />दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;<br />जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;<br />
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
    रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;
    दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;
    जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;
    उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
  • आग लगी थी मेरे घर को एक सच्चे दोस्त ने पूछा,<br />
`क्या बचा है?`<br />
मैने कहा, `मैं बच गया हूँ।`<br />
उसने गले लगाकर कहा, `फिर जला ही क्या है?`
    आग लगी थी मेरे घर को एक सच्चे दोस्त ने पूछा,
    "क्या बचा है?"
    मैने कहा, "मैं बच गया हूँ।"
    उसने गले लगाकर कहा, "फिर जला ही क्या है?"
  • अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;<br />
दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;<br />
हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;<br />
अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
    अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;
    दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;
    हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;
    अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
  • दोस्त एक ऐसा चोर होता है,<br />
जो आँखों से आँसू, चेहरे से परेशानी, दिल से मायूसी, ज़िन्दगी से दर्द और बस चले तो हाथों की लकीरों से मौत तक चुरा ले।
    दोस्त एक ऐसा चोर होता है,
    जो आँखों से आँसू, चेहरे से परेशानी, दिल से मायूसी, ज़िन्दगी से दर्द और बस चले तो हाथों की लकीरों से मौत तक चुरा ले।
  • शराबी दोस्त रखता हूँ क्योंकि...<br />
शराबी दोस्त अच्छे होते हैं `गिलास` ज़रूर तोड़ते हैं मगर दिल नहीं।
    शराबी दोस्त रखता हूँ क्योंकि...
    शराबी दोस्त अच्छे होते हैं "गिलास" ज़रूर तोड़ते हैं मगर दिल नहीं।
  • गुनाह करके सजा से डरते हैं,<br />
ज़हर पी के दवा से डरते हैं,<br />
दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं हमें,<br />
हम तो दोस्तों के खफा होने से डरते है।
    गुनाह करके सजा से डरते हैं,
    ज़हर पी के दवा से डरते हैं,
    दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं हमें,
    हम तो दोस्तों के खफा होने से डरते है।
  • ऐ दोस्त तुम पे लिखना कहाँ से शुरू करूँ;<br />
अदा से करूँ या हया से करूँ;<br />
तुम्हारी दोस्ती इतनी खूबसूरत है;<br />
पता नहीं कि तारीफ ज़ुबाँ से करूँ या दुआ से करूँ।
    ऐ दोस्त तुम पे लिखना कहाँ से शुरू करूँ;
    अदा से करूँ या हया से करूँ;
    तुम्हारी दोस्ती इतनी खूबसूरत है;
    पता नहीं कि तारीफ ज़ुबाँ से करूँ या दुआ से करूँ।
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