• पंजाबी होने का यही नुकसान है, शाम को भूकंप भी आये तो पता नहीं चलता!<br/>
बस ऐसा लगता है शायद ज़्यादा हो गयी!
    पंजाबी होने का यही नुकसान है, शाम को भूकंप भी आये तो पता नहीं चलता!
    बस ऐसा लगता है शायद ज़्यादा हो गयी!
  • एक अत्यंत दुखद समाचार:<br/>
31 दिसंबर को मंगलवार है!
    एक अत्यंत दुखद समाचार:
    31 दिसंबर को मंगलवार है!
  • आज का ज्ञान:<br/>
आदमी `सलून` से आकर नहाता है, जबकि...<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
औरत `ब्यूटी पार्लर` से आकर मुँह भी नही धोती!
    आज का ज्ञान:
    आदमी "सलून" से आकर नहाता है, जबकि...
    .
    .
    .
    .
    .
    औरत "ब्यूटी पार्लर" से आकर मुँह भी नही धोती!
  • समय और पेट कब निकल जाता है पता ही नहीं चलता।<br/>
फिर न पेट अपनी जगह वापस आ पाता है न ही समय।
    समय और पेट कब निकल जाता है पता ही नहीं चलता।
    फिर न पेट अपनी जगह वापस आ पाता है न ही समय।
  • अगर दो लोग लड़ रहे हैं तो आपका फ़र्ज़ बनता है कि<br/>
नीचे बैठ जाओ ताकि पीछे वालों को भी दिखे!
    अगर दो लोग लड़ रहे हैं तो आपका फ़र्ज़ बनता है कि
    नीचे बैठ जाओ ताकि पीछे वालों को भी दिखे!
  • एक सवाल:<br/>
खाली दिमाग सिर्फ शैतान का ही घर क्यों होता है?<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
.<br/>
चुड़ैल का क्यों नहीं होता?
    एक सवाल:
    खाली दिमाग सिर्फ शैतान का ही घर क्यों होता है?
    .
    .
    .
    .
    .
    चुड़ैल का क्यों नहीं होता?
  • इस कदर रोऊंगा उसके प्यार में कि...<br/>
<br/>
<br/>
<br/>
<br/>
<br/>
<br/>
<br/>
<br/>
तरस खाकर उसकी सहेली ही सेट हो जाएगी!
    इस कदर रोऊंगा उसके प्यार में कि...








    तरस खाकर उसकी सहेली ही सेट हो जाएगी!
  • नाम: मंगल<br/>
धरती से दूरी: 225 मिलियन किलोमीटर<br/>
काम: लड़के-लड़कियों की शादी में अड़चन डालना!
    नाम: मंगल
    धरती से दूरी: 225 मिलियन किलोमीटर
    काम: लड़के-लड़कियों की शादी में अड़चन डालना!
  • शादी में जूतों की जगह, दुल्हे का मोबाईल छुपाओ।<br/>
500 की जगह 50000 भी देगा।<br/>
सोच बदलो, आमदनी बढाओ।
    शादी में जूतों की जगह, दुल्हे का मोबाईल छुपाओ।
    500 की जगह 50000 भी देगा।
    सोच बदलो, आमदनी बढाओ।
  • घरवाले मुझे रामायण दिखाते थे ताकि मैं राम बन सकूं...<br/>
पर असर उल्टा हुआ, और मैं कुंभकरण बन गया!
    घरवाले मुझे रामायण दिखाते थे ताकि मैं राम बन सकूं...
    पर असर उल्टा हुआ, और मैं कुंभकरण बन गया!