• एक इंजीनियर रिक्शा वाले से: भाई खाली हो क्या?<br />
रिक्शा वाला: हाँ साहब बिलकुल खाली हूँ।<br />
इंजीनियर: चलो आओ फिर ताश खेलते हैं, मैं भी खाली हूँ।Upload to Facebook
    एक इंजीनियर रिक्शा वाले से: भाई खाली हो क्या?
    रिक्शा वाला: हाँ साहब बिलकुल खाली हूँ।
    इंजीनियर: चलो आओ फिर ताश खेलते हैं, मैं भी खाली हूँ।
  • बंदर पेड़ों पर क्यों सोते हैं?
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    चलो जाने दो यार, तुम्हारा निजी मामला है। तुम कहीं भी सो सकते हो, मुझे क्या!
  • एक ही प्रश्न के दो जवाब: <br />
माँ: जा रेड लेबल ले के आ। <br />
बेटा: आधा किलो या एक किलो? <br />
पापा: जा रेड लेबल ले के आ। <br />
बेटा: क्वार्टर या हाफ?Upload to Facebook
    एक ही प्रश्न के दो जवाब:
    माँ: जा रेड लेबल ले के आ।
    बेटा: आधा किलो या एक किलो?
    पापा: जा रेड लेबल ले के आ।
    बेटा: क्वार्टर या हाफ?
  • सुनो
    महसूस करो
    बादल की ग़रज़
    बिजली की चमक
    बारिश की एक-एक बूँद
    तुमसे चीख-चीख कर कह रही है,
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    नहा ले, नहा ले।
  • आज भी लोग हमारी इतनी इज्जत करते हैं कि;
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    हम जिसे मैसेज करते हैं वो सिर झुकाकर पढ़ते हैं।
  • कल 2 लोगों को बेवकूफ बनाया;
    पता कैसे?
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    बिल्कुल ऐसे ही।
  • पता चला है कि 100 लड़कियो ने फाँसी लगा ली और 50 ने नस काट ली और 15 लड़कियाँ बेहोश हो गयी, क्योकि...
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    किसी ने मेरी शादी की झूठी खबर फैला दी थी।
  • साँस रोक कर तुझे छूने की कवायद,
    और हल्का सा छू कर ख़ुशी खुशी लौट आना,
    जैसे सारा जहाँ जीत लिया
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    रोमांटिक शायरी नही है, कब्बडी की परिभाषा है।
    फिर से पढों समझ आएगा, मोहब्बत के मरीज़ो।
  • पैसा बिस्तर दे सकता है... नींद नहीं;
    पैसा भोजन दे सकता है... भूख नहीं;
    पैसा अच्छे कपडे दे सकता है... सुंदरता नहीं;
    पैसा ऐशो आराम के साधन दे सकता है... सुकून नहीं;
    इसलिए आप सभी अपना अपना पैसा...
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    मेरे नाम ट्रांस्फर करके संन्यास ले लें।
  • तुम हँसते रहो,
    मुस्कुराते रहो,
    नाचते रहो,
    सदा खिल-खिलाते रहो;
    मेरा क्या है,
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    लोग तुम्हें ही पाग़ल समझेंगे।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT