• पठान पहली बार अपनी बेगम को लेने ससुराल गया तो उसका जम कर स्वागत! हुआ खाने को अलग अलग तरह के पकवान बनाये गये।<br />
खाना खाते वक्त सास ने पुछा, `दामाद जी, आपको कौन सी डिश पसंद है?`<br />
पठान शरमाते हुए बोला, `जी, Tata Sky!`Upload to Facebook
    पठान पहली बार अपनी बेगम को लेने ससुराल गया तो उसका जम कर स्वागत! हुआ खाने को अलग अलग तरह के पकवान बनाये गये।
    खाना खाते वक्त सास ने पुछा, "दामाद जी, आपको कौन सी डिश पसंद है?"
    पठान शरमाते हुए बोला, "जी, Tata Sky!"
  • पठान की बेगम रात को: सुनिए ज़रा उठिए aur देखिये अलमारी के पास चोर खड़ा है।<br />

पठान: उसके पास हथियार हुआ तो?<br />
बेगम: अरे आप घबराओ मत, आपका तो इंश्योरेंस है, पर गहनों का नहीं है।Upload to Facebook
    पठान की बेगम रात को: सुनिए ज़रा उठिए aur देखिये अलमारी के पास चोर खड़ा है।
    पठान: उसके पास हथियार हुआ तो?
    बेगम: अरे आप घबराओ मत, आपका तो इंश्योरेंस है, पर गहनों का नहीं है।
  • पठान डॉक्टर के पास गया और बोला,<br/>
`डॉक्टर साहब, मुझे बीमारी है कि खाने के बाद भूख नहीं लगती, सोने के बाद नींद नहीं आती, काम करूं तो थक जाता हूँ। कुछ इलाज़ बताओ।`<br/>
डॉक्टर: ऐसा करो सारी रात धूप में बैठो ठीक हो जाओगे।Upload to Facebook
    पठान डॉक्टर के पास गया और बोला,
    "डॉक्टर साहब, मुझे बीमारी है कि खाने के बाद भूख नहीं लगती, सोने के बाद नींद नहीं आती, काम करूं तो थक जाता हूँ। कुछ इलाज़ बताओ।"
    डॉक्टर: ऐसा करो सारी रात धूप में बैठो ठीक हो जाओगे।
  • पठान अपने ससुराल गया तो उसकी सास ने बड़े ही अदब से पूछा,<br/>
`जमाई जी, क्या बैँगन शरीफ पका लूँ या आप आलू मोहतरम खाना पसंद करेंगे?`<br/>
पठान: मैं तो गुनहगार बंदा हूँ, इनके काबिल कहाँ.. आप कोई बेगैरत सा मुर्गा पका लें।Upload to Facebook
    पठान अपने ससुराल गया तो उसकी सास ने बड़े ही अदब से पूछा,
    "जमाई जी, क्या बैँगन शरीफ पका लूँ या आप आलू मोहतरम खाना पसंद करेंगे?"
    पठान: मैं तो गुनहगार बंदा हूँ, इनके काबिल कहाँ.. आप कोई बेगैरत सा मुर्गा पका लें।
  • पठान की बेगम(रोमांटिक होते हुए): सुनिए जी मुझे एक पप्पी चाहिए।<br/>
पठान: लो घर में खाने के लाले पड़े हैं, इनको कुत्ता रखना है।Upload to Facebook
    पठान की बेगम(रोमांटिक होते हुए): सुनिए जी मुझे एक पप्पी चाहिए।
    पठान: लो घर में खाने के लाले पड़े हैं, इनको कुत्ता रखना है।
  • सिंधी: तुम ये ईंट लिए क्यों फिर रहे हो?<br/>
पठान: कुछ नहीं यार, मैं अपना घर बेचना चाहता हूँ और ये उसका नमूना है।Upload to Facebook
    सिंधी: तुम ये ईंट लिए क्यों फिर रहे हो?
    पठान: कुछ नहीं यार, मैं अपना घर बेचना चाहता हूँ और ये उसका नमूना है।
  • सिंधी: ओये तू वहां कोने में क्यों बैठा है?<br/>
पठान: सर्दी बहुत है न इसलिए।<br/>
सिंधी: सर्दी है तो कोने में क्या तापमान ज्यादा है?<br/>
पठान: हाँ, तुम्हे नहीं पता कोना 90 डिग्री का होता है।Upload to Facebook
    सिंधी: ओये तू वहां कोने में क्यों बैठा है?
    पठान: सर्दी बहुत है न इसलिए।
    सिंधी: सर्दी है तो कोने में क्या तापमान ज्यादा है?
    पठान: हाँ, तुम्हे नहीं पता कोना 90 डिग्री का होता है।
  • पठान: मैंने आपकी दूकान से मुर्गी दाना खरीदा था।<br/>
दूकानदार: तो क्या हुआ, कुछ खराबी है क्या?<br/>
पठान: हाँ, एक महीना हो गया उसे खेत में बोये हुए, अभी तक मुर्गी नहीं उगी।Upload to Facebook
    पठान: मैंने आपकी दूकान से मुर्गी दाना खरीदा था।
    दूकानदार: तो क्या हुआ, कुछ खराबी है क्या?
    पठान: हाँ, एक महीना हो गया उसे खेत में बोये हुए, अभी तक मुर्गी नहीं उगी।
  • पठान: मैंने कल एक सपना देखा।<br/>
सिंधी: अच्छा क्या देखा सपने में?<br/>
पठान: यार कुछ दिखाई ही नहीं दिया।<br/>
सिंधी: क्यों?<br/>
पठान: वो मेरी आँखें बंद थी न, इसलिए।Upload to Facebook
    पठान: मैंने कल एक सपना देखा।
    सिंधी: अच्छा क्या देखा सपने में?
    पठान: यार कुछ दिखाई ही नहीं दिया।
    सिंधी: क्यों?
    पठान: वो मेरी आँखें बंद थी न, इसलिए।
  • पठान और सिंधी आपस में बातें कर रहे थे।<br/>
सिंधी: चल अपने बचपन की कोई बात बता?<br/>
पठान: यार, बचपन में... मैं बहुत ताक़तवर था।<br/>
सिंधी: अच्छा... वो कैसे?<br/>
पठान: अम्मी कहती है बचपन में जब मैं रोता था तो सारा घर सिर पर उठा लेता था।Upload to Facebook
    पठान और सिंधी आपस में बातें कर रहे थे।
    सिंधी: चल अपने बचपन की कोई बात बता?
    पठान: यार, बचपन में... मैं बहुत ताक़तवर था।
    सिंधी: अच्छा... वो कैसे?
    पठान: अम्मी कहती है बचपन में जब मैं रोता था तो सारा घर सिर पर उठा लेता था।
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