• रोज़ - रोज़ गिर कर भी मुकम्मल खड़ा हूँ,<br />
ऐ मुश्किलों देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ।
    रोज़ - रोज़ गिर कर भी मुकम्मल खड़ा हूँ,
    ऐ मुश्किलों देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ।
  • स्वंय को ऐसा बनाओ जहाँ तुम हो, वहाँ तुम्हें सब प्यार करें,<br />
जहाँ से तुम चले जाओ, वहाँ तुम्हें सब याद करें,<br />
जहाँ तुम पहुँचने वाले हो, वहाँ सब तुम्हारा इंतज़ार करें।
    स्वंय को ऐसा बनाओ जहाँ तुम हो, वहाँ तुम्हें सब प्यार करें,
    जहाँ से तुम चले जाओ, वहाँ तुम्हें सब याद करें,
    जहाँ तुम पहुँचने वाले हो, वहाँ सब तुम्हारा इंतज़ार करें।
  • दीपक बोलता नहीं उसका प्रकाश परिचय देता है।<br />
ठीक उसी प्रकार आप अपने बारे में कुछ न बोलें, अच्छे कर्म करते रहें बस वही आपका परिचय देंगे।
    दीपक बोलता नहीं उसका प्रकाश परिचय देता है।
    ठीक उसी प्रकार आप अपने बारे में कुछ न बोलें, अच्छे कर्म करते रहें बस वही आपका परिचय देंगे।
  • मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है,<br />
हम कोशिश भी ना करें ये तो गलत बात है।
    मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है,
    हम कोशिश भी ना करें ये तो गलत बात है।
  • कुछ कर गुजरने के लिए, मौसम नहीं मन चाहिए;<br />
साधन सभी जुट जायेंगे, बस संकल्प का धन चाहिए।
    कुछ कर गुजरने के लिए, मौसम नहीं मन चाहिए;
    साधन सभी जुट जायेंगे, बस संकल्प का धन चाहिए।
  • भरोसा `खुदा` पर है तो जो लिखा है तक़दीर में वही पाओगे,<br />
भरोसा अगर `खुद` पर है तो खुदा वही लिखेगा जो आप चाहोगे।
    भरोसा "खुदा" पर है तो जो लिखा है तक़दीर में वही पाओगे,
    भरोसा अगर "खुद" पर है तो खुदा वही लिखेगा जो आप चाहोगे।
  • कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं,<br />
हारा वही जो कभी लड़ा नहीं।
    कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं,
    हारा वही जो कभी लड़ा नहीं।
  • हौसला कम न होगा तेरा तूफानों के सामने,<br />
मेहनत को इबादत में बदल कर देख;<br />
खुद ब खुद हल होंगी ज़िन्दगी की मुश्किलें,<br />
बस ख़ामोशी को सवालों में बदल कर तो देख।
    हौसला कम न होगा तेरा तूफानों के सामने,
    मेहनत को इबादत में बदल कर देख;
    खुद ब खुद हल होंगी ज़िन्दगी की मुश्किलें,
    बस ख़ामोशी को सवालों में बदल कर तो देख।
  • अवसरों की राह देखने वाले व्यक्ति साधारण होते हैं;<br />
लेकिन असाधारण व्यक्ति अवसरों को जन्म देते हैं।
    अवसरों की राह देखने वाले व्यक्ति साधारण होते हैं;
    लेकिन असाधारण व्यक्ति अवसरों को जन्म देते हैं।
  • मंजिल पर पहुँचना है तो कभी राह के काँटों से मत घबराना,<br />
क्योंकि काँटे ही तो बढ़ाते हैं रफ़्तार हमारे क़दमों की।
    मंजिल पर पहुँचना है तो कभी राह के काँटों से मत घबराना,
    क्योंकि काँटे ही तो बढ़ाते हैं रफ़्तार हमारे क़दमों की।
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