• गर्मी इतनी भयंकर है कि...<br/>
चैन की सांस भी लो तो, नाक के बाल जल जा रहे हैं!
    गर्मी इतनी भयंकर है कि...
    चैन की सांस भी लो तो, नाक के बाल जल जा रहे हैं!
  • गर्मी इतनी बढ़ गई है कि सोच रहा हूँ पंखे के लिए 2 रेगुलेटर लगा कर इसको 10 नंबर पर चला लूँ!
    गर्मी इतनी बढ़ गई है कि सोच रहा हूँ पंखे के लिए 2 रेगुलेटर लगा कर इसको 10 नंबर पर चला लूँ!
  • कौन कहता है गर्मी खून में होती है?<br/>
असली गर्मी तो भाई जून में होती है!
    कौन कहता है गर्मी खून में होती है?
    असली गर्मी तो भाई जून में होती है!
  • हमारे शहर में आजकल सुबह नही होती साहब,<br/>
बल्कि सीधे दोपहर हो जाती है!<br/>
और जो सुबह का घर से निकला शाम को घर आये तो उसे भूला हुआ नही कहते बल्कि भुना हुआ कहते हैं!
    हमारे शहर में आजकल सुबह नही होती साहब,
    बल्कि सीधे दोपहर हो जाती है!
    और जो सुबह का घर से निकला शाम को घर आये तो उसे भूला हुआ नही कहते बल्कि भुना हुआ कहते हैं!
  • कुछ महीने पहले तक जो कपडा 2 दिनों में सूखता था वह अभी 2 घंटों में सूख रहा है!<br/>
और कितना विकास चाहिए!
    कुछ महीने पहले तक जो कपडा 2 दिनों में सूखता था वह अभी 2 घंटों में सूख रहा है!
    और कितना विकास चाहिए!
  • ए गर्मी तू अपने आप पर इतना मत इतरा हिम्मत है तो दिसंबर में आकर दिखा!
    ए गर्मी तू अपने आप पर इतना मत इतरा हिम्मत है तो दिसंबर में आकर दिखा!
  • सुनो, जिस हिसाब से गर्मी पड़ रही है उससे तो लगता है इस बार...<br/>
जेब में प्याज़ रखने से कुछ नहीं होगा, सिर पर प्याज़ की बोरी रखनी पड़ेगी!
    सुनो, जिस हिसाब से गर्मी पड़ रही है उससे तो लगता है इस बार...
    जेब में प्याज़ रखने से कुछ नहीं होगा, सिर पर प्याज़ की बोरी रखनी पड़ेगी!
  • अब ना जीओ चलेगा न फोग, <br/>
अब चलेगी लू वो भी गरमा गर्म!
    अब ना जीओ चलेगा न फोग,
    अब चलेगी लू वो भी गरमा गर्म!
  • साला समझ नहीं आ रहा है ये मौसम कौन सा चल रहा है!<br/>
मच्छर काट रहे हैं<br/>
कम्भ्ल भी औढ रहे हैं<br/>
पंखा भी चला रहे हैं<br/>
नहा भी गरम पानी से रहे हैं<br/>
और पी ठंडा पानी रहे हैं<br/>
लगता है कोनो फिरकी ले रहा है!
    साला समझ नहीं आ रहा है ये मौसम कौन सा चल रहा है!
    मच्छर काट रहे हैं
    कम्भ्ल भी औढ रहे हैं
    पंखा भी चला रहे हैं
    नहा भी गरम पानी से रहे हैं
    और पी ठंडा पानी रहे हैं
    लगता है कोनो फिरकी ले रहा है!
  • प्रिय दिसंबर,<br/>
तुम कृपा वापिस आ जाओ, तुम तो सिर्फ नहाने नहीं देते थे।<br/>
जनवरी तो हाथ भी धोने नहीं दे रहा।
    प्रिय दिसंबर,
    तुम कृपा वापिस आ जाओ, तुम तो सिर्फ नहाने नहीं देते थे।
    जनवरी तो हाथ भी धोने नहीं दे रहा।