• कंबल और रज़ाई को करो माफ़;<br />
ऐ-सी और कूलर कर लो साफ़;<br />
पसीना छूटेगा दिन और रात;<br />
अब बिना नहाये नहीं बनेगी बात;<br />
अब अपने नेचर में रखो नरमी;<br />
मेरी तरफ से आप सभी को शुभ गर्मी।
    कंबल और रज़ाई को करो माफ़;
    ऐ-सी और कूलर कर लो साफ़;
    पसीना छूटेगा दिन और रात;
    अब बिना नहाये नहीं बनेगी बात;
    अब अपने नेचर में रखो नरमी;
    मेरी तरफ से आप सभी को शुभ गर्मी।
  • सुनो गौर से 'पेप्सी' वालो;<br />
बुरी नज़र न 'कोक' पे डालो;<br />
चाहे जितना 'लिम्का' पिला लो;<br />
सबसे आगे होंगे 'निम्बुं पानी';<br />
हमने पिया है तुम भी पिओ।<br />
शुभ गर्मी।
    सुनो गौर से 'पेप्सी' वालो;
    बुरी नज़र न 'कोक' पे डालो;
    चाहे जितना 'लिम्का' पिला लो;
    सबसे आगे होंगे 'निम्बुं पानी';
    हमने पिया है तुम भी पिओ।
    शुभ गर्मी।