• पता नहीं कौन सा मौसम चल रहा है। रात को कम्बल लेकर पंखा चलाकर सोता हूँ और सुबह गर्म पानी से नहाना पड़ता है।<br/>
कौनो फिरकी ले रहा है भाई।
    पता नहीं कौन सा मौसम चल रहा है। रात को कम्बल लेकर पंखा चलाकर सोता हूँ और सुबह गर्म पानी से नहाना पड़ता है।
    कौनो फिरकी ले रहा है भाई।
  • गर्मी आ रही है। लड़कियाँ जहाँ खुश हैं कि अब बिना स्वेटर के अपने फैशन वाले कपडे पहन कर घूम सकती हैं।<br/>
वहीं लड़के दुखी हैं कि बिना जैकेट के ठेके से बोतल कैसे लाएंगे।
    गर्मी आ रही है। लड़कियाँ जहाँ खुश हैं कि अब बिना स्वेटर के अपने फैशन वाले कपडे पहन कर घूम सकती हैं।
    वहीं लड़के दुखी हैं कि बिना जैकेट के ठेके से बोतल कैसे लाएंगे।
  • ठण्ड का एक फायदा तो है,<br/>
गर्मी बिल्कुल नहीं लगती।
    ठण्ड का एक फायदा तो है,
    गर्मी बिल्कुल नहीं लगती।
  • वक़्त वक़्त की मोहब्बत है, वक़्त वक़्त की रूसवाइयां;<br/>
कभी A.C. सगे हो जाते हैं तो कभी रजाईयां।
    वक़्त वक़्त की मोहब्बत है, वक़्त वक़्त की रूसवाइयां;
    कभी A.C. सगे हो जाते हैं तो कभी रजाईयां।
  • गर्मियों में ठंडी हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि...<br/>
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ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।
    गर्मियों में ठंडी हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि...
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    ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।
  • ठण्ड भी  जनवरी के पहले 15 दिन Odd-Even के चक्कर में फंसी रही...<br/>
अब अपनी पूरी ताकत से बाहर निकली है।
    ठण्ड भी जनवरी के पहले 15 दिन Odd-Even के चक्कर में फंसी रही...
    अब अपनी पूरी ताकत से बाहर निकली है।
  • दगा तो इस ठंड ने किया है...<br/>
दो दिन पहले ही नया स्वेटर खरीदा था और आज टी-शर्ट पहन कर घूम रहा हूँ।
    दगा तो इस ठंड ने किया है...
    दो दिन पहले ही नया स्वेटर खरीदा था और आज टी-शर्ट पहन कर घूम रहा हूँ।
  • इससे ज्यादा दुश्मनी की इन्तहा क्या होगी ग़ालिब<br/>
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टॉयलेट की टंकी में कोई बर्फ डाल गया।
    इससे ज्यादा दुश्मनी की इन्तहा क्या होगी ग़ालिब
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    टॉयलेट की टंकी में कोई बर्फ डाल गया।
  • Winter Season Special:<br/>
ये `नहाना` समझ से परे है। जिस शब्द में आगे `न` है और पीछे `ना` है तो बीच में ये दुनिया `हाँ` कराने पर क्यों तुली है।
    Winter Season Special:
    ये "नहाना" समझ से परे है। जिस शब्द में आगे "न" है और पीछे "ना" है तो बीच में ये दुनिया "हाँ" कराने पर क्यों तुली है।
  • इंसान की मूलभूत आवश्यकता:<br/>
रोटी, कपडा और मकान!<br/>
सर्दियों में वही<br/>
रोटी, कपडा, मकान और रजाई!
    इंसान की मूलभूत आवश्यकता:
    रोटी, कपडा और मकान!
    सर्दियों में वही
    रोटी, कपडा, मकान और रजाई!