यादें Hindi SMS

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दिल की बात किसी से कही नहीं जाती;<br/>
दिल की हालत अब हमसे सही नहीं जाती;<br/>
तड़पती तो होगी वो भी हमारी तरह;<br/>
वरना यूँ ही किसी की याद हर पल नहीं आती।
दिल की बात किसी से कही नहीं जाती;
दिल की हालत अब हमसे सही नहीं जाती;
तड़पती तो होगी वो भी हमारी तरह;
वरना यूँ ही किसी की याद हर पल नहीं आती।
कौन कहता है हम आपको याद नहीं करते;<br/>
करते तो हैं मगर इज़हार नहीं करते;<br/>
सोचते हैं कहीं यादें बिखर न जायें;<br/>
इसलिए हर बार दीदार नहीं करते।
कौन कहता है हम आपको याद नहीं करते;
करते तो हैं मगर इज़हार नहीं करते;
सोचते हैं कहीं यादें बिखर न जायें;
इसलिए हर बार दीदार नहीं करते।
दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दूँ;<br/>
प्यार का उसे पैगाम क्या दूँ;<br/>
इस दिल में दर्द नहीं यादें हैं उसकी;<br/>
अब यादें ही मुझे दर्द दें तो इल्ज़ाम क्या दूँ।
दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दूँ;
प्यार का उसे पैगाम क्या दूँ;
इस दिल में दर्द नहीं यादें हैं उसकी;
अब यादें ही मुझे दर्द दें तो इल्ज़ाम क्या दूँ।
यादों की भीड़ में आप की परछाई सी लगती है;
कानों में कोई आवाज़ एक शहनाई सी लगती है;
जब आप करीब हैं तो अपना सा लगता है;
वर्ना सीने में सांस भी पराई सी लगती है।
बिखरे अश्कों के मोती हम पिरो न सके;<br/>
तेरी याद में सारी रात सो न सके;<br/>
मिट न जाये आँसुओं से याद;<br/>
यही सोच कर हम रो न सके।
बिखरे अश्कों के मोती हम पिरो न सके;
तेरी याद में सारी रात सो न सके;
मिट न जाये आँसुओं से याद;
यही सोच कर हम रो न सके।
अजीब लगती है शाम कभी-कभी;<br/>
ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;<br/>
समझ आये तो हमें भी बताना;<br/>
कि क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
अजीब लगती है शाम कभी-कभी;
ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;
समझ आये तो हमें भी बताना;
कि क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
एक आरज़ू सी है कि उन्हें भूल जाएँ हम;<br/>
मगर उनकी यादों के आगे तो यह हसरत भी हार जाती है।
एक आरज़ू सी है कि उन्हें भूल जाएँ हम;
मगर उनकी यादों के आगे तो यह हसरत भी हार जाती है।
मेरी आँखें तेरे दीदार को तरसती हैं;<br/>
मेरी नस-नस तेरे प्यार  तरसती है;<br/>
तू ही बता कि तुझे बताऊँ कैसे;<br/>
कि मेरी रूह तक तेरी याद में तड़पती है।
मेरी आँखें तेरे दीदार को तरसती हैं;
मेरी नस-नस तेरे प्यार तरसती है;
तू ही बता कि तुझे बताऊँ कैसे;
कि मेरी रूह तक तेरी याद में तड़पती है।
अजीब लगती है शाम कभी-कभी;<br/>
ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;<br/>
समझ आये तो मुझे भी बताना कि;<br/>
क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
अजीब लगती है शाम कभी-कभी;
ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;
समझ आये तो मुझे भी बताना कि;
क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
साँस लेने से उसकी याद आती है;<br/>
और ना लेने पे जान जाती है;<br/>
कैसे कह दूँ की सिर्फ़ साँसों क सहारे जिंदा हूँ;<br/>
कमब्खत साँस भी तो उसकी याद के बाद आती है।
साँस लेने से उसकी याद आती है;
और ना लेने पे जान जाती है;
कैसे कह दूँ की सिर्फ़ साँसों क सहारे जिंदा हूँ;
कमब्खत साँस भी तो उसकी याद के बाद आती है।

Quotes

मनुष्य को उसको सवालों से पहचानो जवाबों से नहीं।

Trivia

The average male spends 43 minutes a day staring at 10 different women.

Graffiti

Glass house jokes are always transparent.