• रिश्ते काँच की तरह होते हैं;<br/>
टूटे जाए तो चुभते हैं;<br/>
इन्हे संभालकर हथेली पर सजाना;<br/>
क्योंकि इन्हें टूटने मे एक पल;<br/>
और बनाने मे बरसो लग जाते हैं।Upload to Facebook
    रिश्ते काँच की तरह होते हैं;
    टूटे जाए तो चुभते हैं;
    इन्हे संभालकर हथेली पर सजाना;
    क्योंकि इन्हें टूटने मे एक पल;
    और बनाने मे बरसो लग जाते हैं।
  • स्वार्थ से रिश्ते बनाने की कितनी भी कोशिश करो यह बनेगा नहीं,<br/>
और प्यार से बने रिश्ते को तोड़ने की कितनी भी कोशिश करो यह टूटेगा नहीं।Upload to Facebook
    स्वार्थ से रिश्ते बनाने की कितनी भी कोशिश करो यह बनेगा नहीं,
    और प्यार से बने रिश्ते को तोड़ने की कितनी भी कोशिश करो यह टूटेगा नहीं।
  • जीवन में ज़ख़्म बड़े नहीं होते, उनको भरने वाले बड़े होते हैं;<br/>
रिश्ते बड़े नहीं होते लेकिन उनको निभाने वाले लोग बड़े होते हैं।Upload to Facebook
    जीवन में ज़ख़्म बड़े नहीं होते, उनको भरने वाले बड़े होते हैं;
    रिश्ते बड़े नहीं होते लेकिन उनको निभाने वाले लोग बड़े होते हैं।
  • हर रिश्ते में मिलावट देखी;<br/>
कच्चे रंगों की सजावट देखी;<br/>
लेकिन सालों-साल देखा है माँ को;<br/>
उसके चेहरे पे ना कभी थकावट देखी;<br/>
ना ममता में कभी कोई मिलावट देखी।Upload to Facebook
    हर रिश्ते में मिलावट देखी;
    कच्चे रंगों की सजावट देखी;
    लेकिन सालों-साल देखा है माँ को;
    उसके चेहरे पे ना कभी थकावट देखी;
    ना ममता में कभी कोई मिलावट देखी।
  • कोशिश करो कि कोई तुम से ना रूठे;<br/>
ज़िंदगी में अपनों का कभी साथ ना छूटे;<br/>
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ;<br/>
कि उस रिश्ते की डोर ज़िंदगी भर ना टूटे।Upload to Facebook
    कोशिश करो कि कोई तुम से ना रूठे;
    ज़िंदगी में अपनों का कभी साथ ना छूटे;
    रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ;
    कि उस रिश्ते की डोर ज़िंदगी भर ना टूटे।
  • रिश्ते और पौधे दोनों एक जैसे होते हैं;<br/>
लगाकर भूल जाओ तो दोनों ही सूख जाते हैं।Upload to Facebook
    रिश्ते और पौधे दोनों एक जैसे होते हैं;
    लगाकर भूल जाओ तो दोनों ही सूख जाते हैं।
  • यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;<br/>
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;<br/>
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;<br/>
बस दिलों में प्यार चाहिए उन्हें निभाने के लिए।Upload to Facebook
    यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
    कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
    रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
    बस दिलों में प्यार चाहिए उन्हें निभाने के लिए।
  • छोटी सी बात पे लोग रूठ जाते हैं;<br/>
हाथ उनसे अनजाने में छूट जाते हैं;<br/>
कहते हैं बड़ा नाज़ुक है अपनेपन का यह रिश्ता;<br/>
इसमें हँसते-हँसते भी दिल टूट जाते हैं।Upload to Facebook
    छोटी सी बात पे लोग रूठ जाते हैं;
    हाथ उनसे अनजाने में छूट जाते हैं;
    कहते हैं बड़ा नाज़ुक है अपनेपन का यह रिश्ता;
    इसमें हँसते-हँसते भी दिल टूट जाते हैं।
  • रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;<br/>
दिल से इन्हें निभाने वाला ही अक्सर रोता है;<br/>
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;<br/>
क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है।Upload to Facebook
    रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;
    दिल से इन्हें निभाने वाला ही अक्सर रोता है;
    झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;
    क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है।
  • रिश्तों का विश्वास टूट ना जाये;<br/>
दोस्ती का साथ कभी छूट ना जाये;<br/>
ऐ खुदा गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे;<br/>
कहीं मेरी गलती से मेरा कोई अपना रूठ ना जाये।Upload to Facebook
    रिश्तों का विश्वास टूट ना जाये;
    दोस्ती का साथ कभी छूट ना जाये;
    ऐ खुदा गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे;
    कहीं मेरी गलती से मेरा कोई अपना रूठ ना जाये।
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