• हर रिश्ते में मिलावट देखी;<br/>
कच्चे रंगों की सजावट देखी;<br/>
लेकिन सालों-साल देखा है माँ को;<br/>
उसके चेहरे पे ना कभी थकावट देखी;<br/>
ना ममता में कभी कोई मिलावट देखी।
    हर रिश्ते में मिलावट देखी;
    कच्चे रंगों की सजावट देखी;
    लेकिन सालों-साल देखा है माँ को;
    उसके चेहरे पे ना कभी थकावट देखी;
    ना ममता में कभी कोई मिलावट देखी।
  • कोशिश करो कि कोई तुम से ना रूठे;<br/>
ज़िंदगी में अपनों का कभी साथ ना छूटे;<br/>
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ;<br/>
कि उस रिश्ते की डोर ज़िंदगी भर ना टूटे।
    कोशिश करो कि कोई तुम से ना रूठे;
    ज़िंदगी में अपनों का कभी साथ ना छूटे;
    रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ;
    कि उस रिश्ते की डोर ज़िंदगी भर ना टूटे।
  • रिश्ते और पौधे दोनों एक जैसे होते हैं;<br/>
लगाकर भूल जाओ तो दोनों ही सूख जाते हैं।
    रिश्ते और पौधे दोनों एक जैसे होते हैं;
    लगाकर भूल जाओ तो दोनों ही सूख जाते हैं।
  • यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;<br/>
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;<br/>
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;<br/>
बस दिलों में प्यार चाहिए उन्हें निभाने के लिए।
    यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
    कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
    रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
    बस दिलों में प्यार चाहिए उन्हें निभाने के लिए।
  • छोटी सी बात पे लोग रूठ जाते हैं;<br/>
हाथ उनसे अनजाने में छूट जाते हैं;<br/>
कहते हैं बड़ा नाज़ुक है अपनेपन का यह रिश्ता;<br/>
इसमें हँसते-हँसते भी दिल टूट जाते हैं।
    छोटी सी बात पे लोग रूठ जाते हैं;
    हाथ उनसे अनजाने में छूट जाते हैं;
    कहते हैं बड़ा नाज़ुक है अपनेपन का यह रिश्ता;
    इसमें हँसते-हँसते भी दिल टूट जाते हैं।
  • रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;<br/>
दिल से इन्हें निभाने वाला ही अक्सर रोता है;<br/>
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;<br/>
क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है।
    रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है;
    दिल से इन्हें निभाने वाला ही अक्सर रोता है;
    झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए;
    क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है।
  • रिश्तों का विश्वास टूट ना जाये;<br/>
दोस्ती का साथ कभी छूट ना जाये;<br/>
ऐ खुदा गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे;<br/>
कहीं मेरी गलती से मेरा कोई अपना रूठ ना जाये।
    रिश्तों का विश्वास टूट ना जाये;
    दोस्ती का साथ कभी छूट ना जाये;
    ऐ खुदा गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे;
    कहीं मेरी गलती से मेरा कोई अपना रूठ ना जाये।
  • यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;<br/>
कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;<br/>
रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;<br/>
बस दिलों में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए।
    यादें अक्सर होती हैं सताने के लिए;
    कोई रूठ जाता है फिर मान जाने के लिए;
    रिश्ते निभाना कोई मुश्किल तो नहीं;
    बस दिलों में प्यार चाहिए उसे निभाने के लिए।
  • कुछ रिश्ते इस जहान में ख़ास होते हैं;<br/>
हवा के रुख से जिन के एहसास होते हैं;<br/>
यह दिल की कशिश नहीं तो और क्या हैं;<br/>
दूर रह कर भी वो दिल के कितने पास होते हैं।
    कुछ रिश्ते इस जहान में ख़ास होते हैं;
    हवा के रुख से जिन के एहसास होते हैं;
    यह दिल की कशिश नहीं तो और क्या हैं;
    दूर रह कर भी वो दिल के कितने पास होते हैं।
  • लोग झूठ कहते हैं कि दीवारों में दरारें पड़ती हैं;
    हक़ीक़त तो यह है कि जब रिश्तों में दरारें पड़ती हैं तब दीवारें बनती हैं।
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