• जिनकी शादी नहीं हुई,` जी लो।`<br/>
जिनकी शादी हो गयी है, `झेलो।`
    जिनकी शादी नहीं हुई," जी लो।"
    जिनकी शादी हो गयी है, "झेलो।"
  • कान के पर्दे को ध्वस्त करके पत्नी अपनी सहेलियों से जब यह कहती है कि "मैं तो इनको कुछ भी नहीं बोलती";
    उस वक्त उसकी मासूमीयत पर मर जाने को जी चाहता है।
  • पति: यह कैसा खाना बनाया है बिल्कुल गोबर जैसा स्वाद है।
    पत्नी: हे भगवान् इस कमबख्त आदमी ने क्या-क्या चखा हुआ है।
  • पति: सुनो जी क्या तुम मेरी ज़िन्दगी का चाँद बनोगी?
    पत्नी: हाँ हाँ जानू क्यों नहीं।
    पति: तो ठीक है 9,955,887.6 किलोमीटर दूर रहा करो।
  • कितना बेबस है इंसान किस्मत के आगे;
    हर सपना टूट जाता है हक़ीकत के आगे;
    जिसने कभी झुकना सीखा नहीं दुनिया में;
    वो भी झुक जाता है 'बेगम' के आगे!
  • पत्नी: कॉलेज के बारे में तुम्हारा कोई बुरा अनुभव है?
    पति: हाँ! तुम्हारी और मेरी पहली मुलाक़ात कॉलेज में ही हुई थी।
  • पत्नी: तुम्हें नहीं लगता जरा सी समझदारी से तालाक़ के मामले रोके जा सकते हैं।
    पति: तुम्हें नहीं लगता जरा सी समझदारी से शादी भी तो रोकी जा सकती थी।
  • पति: लगता है कि दराज़ में कोई खाने की चीज़ है?
    पत्नी: आपने बिल्कुल सही अंदाजा लगाया है, इसमें मेरे सैंडल हैं।
  • ससुर (दामाद से): अनमोल हीरे जैसी बेटी दी है तुम्हें मैंने।
    दामाद: रहने दीजिए, अब ये बताइए कि कितने में वापस लेंगे?
  • पत्नी: अगर मैं वक्त (समय) होती तो लोग मेरी कितनी कद्र (इज्ज़त) करते।
    पति: लोग तुम्हें देखकर डर जाते।
    पत्नी: क्यों?
    पति: लोग कहते कि `देखो, बुरा वक्त आ रहा है।`