• दारू और सिगरेट पीने वाला आदमी कभी मतलबी नहीं हो सकता क्योंकि...<br/>
जिसे अपने शरीर से ही कोई मतलब नहीं है वो भला दूसरों का बुरा कहाँ सोचेगा।
    दारू और सिगरेट पीने वाला आदमी कभी मतलबी नहीं हो सकता क्योंकि...
    जिसे अपने शरीर से ही कोई मतलब नहीं है वो भला दूसरों का बुरा कहाँ सोचेगा।
  • आज का ज्ञान:<br/>
शराब एक ऐसी दवा है, जो आपके तमाम कीमती विचारों को भाषण में परिवर्तित कर देती है।
    आज का ज्ञान:
    शराब एक ऐसी दवा है, जो आपके तमाम कीमती विचारों को भाषण में परिवर्तित कर देती है।
  • शराब तो हमेशा से ही हमारे जीवन का, हमारी संस्कृति का ज़रूरी हिस्सा रही है।<br/>
देखें, घर - बार, खाना - पीना, दवा - दारू।
    शराब तो हमेशा से ही हमारे जीवन का, हमारी संस्कृति का ज़रूरी हिस्सा रही है।
    देखें, घर - बार, खाना - पीना, दवा - दारू।
  • शर्त लगी थी खुशियों को एक लफ्ज़ में लिखने की;<br/>
लोग किताबें ढूँढते रह गये, मैंने `ठेका` लिख दिया।
    शर्त लगी थी खुशियों को एक लफ्ज़ में लिखने की;
    लोग किताबें ढूँढते रह गये, मैंने "ठेका" लिख दिया।
  • इतिहास गवाह है कि आज तक दारू में पैग में, कभी मक्खी नहीं गिरी!
    इतिहास गवाह है कि आज तक दारू में पैग में, कभी मक्खी नहीं गिरी!
  • जब भी दारू देखता हूँ, मुंह में पानी आ जाता है।<br/>
ऐसा क्यों नहीं होता कि जब भी पानी देखूँ, मुंह में दारू आ जाये।
    जब भी दारू देखता हूँ, मुंह में पानी आ जाता है।
    ऐसा क्यों नहीं होता कि जब भी पानी देखूँ, मुंह में दारू आ जाये।
  • किसी झूठे मक्कार हरामी रूपी बाबा के प्रवचन सुनने से अच्छा है...<br/>
किसी शराबी से उसकी जिंदगी के कड़वे अनुभव सुन लेना, वो भी अंग्रेजी में!
    किसी झूठे मक्कार हरामी रूपी बाबा के प्रवचन सुनने से अच्छा है...
    किसी शराबी से उसकी जिंदगी के कड़वे अनुभव सुन लेना, वो भी अंग्रेजी में!
  • लोगों के दोस्त विदेश जा रहे हैं।<br/>
मेरे ठेके से आगे नहीं बढ़ते।
    लोगों के दोस्त विदेश जा रहे हैं।
    मेरे ठेके से आगे नहीं बढ़ते।
  • दुनिया में दारू ही एकमात्र ऐसी चीज़ है, जिसे खरीदते टाइम बन्दा मोलभाव नहीं करता।
    दुनिया में दारू ही एकमात्र ऐसी चीज़ है, जिसे खरीदते टाइम बन्दा मोलभाव नहीं करता।
  • आँधियों से कह दो कहीं और जाकर चलें;<br/>
अभी हम छत पर पैग बना रहे हैं, डिस्पोज़ल गिलास कहीं उड़ ना जायें।
    आँधियों से कह दो कहीं और जाकर चलें;
    अभी हम छत पर पैग बना रहे हैं, डिस्पोज़ल गिलास कहीं उड़ ना जायें।