• चाँद में अगर नूर न होता;<br />
ये तन्हा दिल मजबूर न होता;<br />
हम आपको 'शुभ रात्रि' कहने जरूर आते;<br />
अगर आपका घर इतना दूर न होता।
Upload to Facebook
    चाँद में अगर नूर न होता;
    ये तन्हा दिल मजबूर न होता;
    हम आपको 'शुभ रात्रि' कहने जरूर आते;
    अगर आपका घर इतना दूर न होता।
  • एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देंगे कि जब वो मुझे याद नहीं करते तो मैं क्यों करूँ?<br />
शुभ रात्रि।Upload to Facebook
    एक दिन हम सब एक दूसरे को सिर्फ यह सोचकर खो देंगे कि जब वो मुझे याद नहीं करते तो मैं क्यों करूँ?
    शुभ रात्रि।
  • मेरी हर रात में आपको याद होती है;<br />
चाँद तारों से रोज यही बात होती है;<br />
मेरे ख़्वाबों में बिलकुल न आना आप;<br />
क्योंकि डरावनी सूरत से हमारी नींद ख़राब होती है।<br />
शुभ रात्रि।Upload to Facebook
    मेरी हर रात में आपको याद होती है;
    चाँद तारों से रोज यही बात होती है;
    मेरे ख़्वाबों में बिलकुल न आना आप;
    क्योंकि डरावनी सूरत से हमारी नींद ख़राब होती है।
    शुभ रात्रि।
  • इंग्लिश में बोले तो 'गुड नाईट';
    उर्दू में बोले तो 'शब्बा खैर';
    जर्मन में बोले तो 'गुटें निट';
    स्पेनिश में बोले तो 'विल्ली वे डुरे';
    और भी समझ न आये तो;
    बिलकुल हिंदी में सो जा 'अबे गधे'।
  • पत्थर से दोस्ती जान को खतरा;<br />
पठान से दोस्ती दिमाग को खतरा;<br />
दारु से दोस्ती लीवर को खतरा;<br />
हमसें दोस्ती रात में SMS का खतरा।<br />
शुभ रात्रि।
Upload to Facebook
    पत्थर से दोस्ती जान को खतरा;
    पठान से दोस्ती दिमाग को खतरा;
    दारु से दोस्ती लीवर को खतरा;
    हमसें दोस्ती रात में SMS का खतरा।
    शुभ रात्रि।
  • हो गई रात निकल गये सितारे;<br />
आलने में चले गए सभ पंछी;<br />
क्या खूब खिले नज़ारे;<br />
आप देखें सपने प्यारे-प्यारे।<br />
शुभ रात्रि।Upload to Facebook
    हो गई रात निकल गये सितारे;
    आलने में चले गए सभ पंछी;
    क्या खूब खिले नज़ारे;
    आप देखें सपने प्यारे-प्यारे।
    शुभ रात्रि।
  • कैसा होता अगर कभी रात न होती;<br />
फिर सपनों में उनसे मुलाकात न होती;<br />
वो वादा करते हमसे मिलने का सपनो में;<br />
न मिलते हम न आँखें चार होती।<br />
शुभ रात्रि।
Upload to Facebook
    कैसा होता अगर कभी रात न होती;
    फिर सपनों में उनसे मुलाकात न होती;
    वो वादा करते हमसे मिलने का सपनो में;
    न मिलते हम न आँखें चार होती।
    शुभ रात्रि।
  • कितने दिनों बाद हुई आज बरसात है;
    याद दिलाती ये आपकी हर बात है;
    हमारी आँखों से चाहे उड़ गयी नींद है;
    लेकिन आप हसीं सपने देखो, हमारी दुआ है।
    शुभ रात्रि।
  • ना जाने क्यों इतनी जल्दी ये रात आ जाती है;
    बातों ही बातों में आपकी बात आ जाती है;
    हम तो बहुत सोने की कोशिश करते हैं;
    लेकिन ना जाने क्यों आपकी याद आ जाती है।
    शुभ रात्रि।
  • कितनी हसीन यह रात आई है;
    चाँद तारों की सौग़ात साथ लाई है;
    हमारी चाहत का ही तो असर है ये;
    यूहीं नहीं ये बरसात लाई है।
    शुभ रात्रि।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT