• पलकों में कैद कुछ सपने हैं;<br/>
कुछ बैगाने और कुछ अपने हैं;<br/>
ना जाने क्या कशिश है इन ख्यालों में;<br/>
कुछ लोग हमसे दूर होकर भी कितने अपने हैं।<br/>
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    पलकों में कैद कुछ सपने हैं;
    कुछ बैगाने और कुछ अपने हैं;
    ना जाने क्या कशिश है इन ख्यालों में;
    कुछ लोग हमसे दूर होकर भी कितने अपने हैं।
    शुभ रात्रि!
  • सोती हुई आँखों को सलाम हमारा;<br />
मीठे सुनहरे सपनो को आदाब हमारा;<br />
दिल में रहे प्यार का एहसास सदा ज़िंदा;<br />
आज की रात का यही है पैगाम हमारा।<br />
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    सोती हुई आँखों को सलाम हमारा;
    मीठे सुनहरे सपनो को आदाब हमारा;
    दिल में रहे प्यार का एहसास सदा ज़िंदा;
    आज की रात का यही है पैगाम हमारा।
    शुभ रात्रि!
  • तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;<br/>
तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;<br/>
नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;<br/>
हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।<br/>
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    तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;
    तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;
    नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;
    हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
    शुभ रात्रि!
  • नहीं पता कौन सी बात आखिरी हो;<br/>
ना जाने कौन सी मुलाक़ात आखिरी हो;<br/>
याद करके इसलिए सोते हैं सब को;<br/>
ना जाने ज़िन्दगी में कौन सी रात आखिरी हो।<br/>
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    नहीं पता कौन सी बात आखिरी हो;
    ना जाने कौन सी मुलाक़ात आखिरी हो;
    याद करके इसलिए सोते हैं सब को;
    ना जाने ज़िन्दगी में कौन सी रात आखिरी हो।
    शुभ रात्रि!
  • जन्नत के महलों में हो महल आपका;<br/>
ख्वाबों की हसीन वादी में हो शहर आपका;<br/>
सितारों के आँगन में हो घर आपका;<br/>
दुआ है ऐसा खूबसूरत हो हर पल आपका।<br/>
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    जन्नत के महलों में हो महल आपका;
    ख्वाबों की हसीन वादी में हो शहर आपका;
    सितारों के आँगन में हो घर आपका;
    दुआ है ऐसा खूबसूरत हो हर पल आपका।
    शुभ रात्रि!
  • सो गए जो आप तो ख्वाब हमारा आएगा;<br/>
प्यारी सी एक मुस्कान आपके चेहरे पे लाएगा;<br/>
खोल कर सोना खिड़की और दरवाज़े;<br/>
वरना आप ही बताओ हमारा ख्वाब कहाँ से आएगा।<br/>
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    सो गए जो आप तो ख्वाब हमारा आएगा;
    प्यारी सी एक मुस्कान आपके चेहरे पे लाएगा;
    खोल कर सोना खिड़की और दरवाज़े;
    वरना आप ही बताओ हमारा ख्वाब कहाँ से आएगा।
    शुभ रात्रि!
  • खुदा हर बुरी नज़र से बचाये आपको;<br/>
दुनिया की तमाम खुशियों से सजाये आपको;<br/>
दुःख क्या होता है यह कभी पता न चले;<br/>
खुदा ज़िंदगी में इतना हंसाये आपको।<br/>
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    खुदा हर बुरी नज़र से बचाये आपको;
    दुनिया की तमाम खुशियों से सजाये आपको;
    दुःख क्या होता है यह कभी पता न चले;
    खुदा ज़िंदगी में इतना हंसाये आपको।
    शुभ रात्रि!
  • दूर रहते हैं मगर दिल से दुआ करते हैं हम;<br/>
प्यार का फ़र्ज़ दिल से अदा करते हैं हम;<br/>
आपकी याद सदा साथ रखते हैं हम;<br/>
दिन हो या रात आपको ही याद करते हैं हम।<br/>
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    दूर रहते हैं मगर दिल से दुआ करते हैं हम;
    प्यार का फ़र्ज़ दिल से अदा करते हैं हम;
    आपकी याद सदा साथ रखते हैं हम;
    दिन हो या रात आपको ही याद करते हैं हम।
    शुभ रात्रि!
  • चाँद ने चाँदनी बिखेरी है;<br/>
तारों ने आसमान को सजाया है;<br/>
कहने को तुम्हें शुभ रात्रि;<br/>
देखो स्वर्ग से कोई फरिश्ता आया है।<br/>
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    चाँद ने चाँदनी बिखेरी है;
    तारों ने आसमान को सजाया है;
    कहने को तुम्हें शुभ रात्रि;
    देखो स्वर्ग से कोई फरिश्ता आया है।
    शुभ रात्रि!
  • दूर रहते हैं मगर हम दिल से दुआ करते हैं;<br/>
प्यार का फ़र्ज़ हम घर बैठे अदा करते हैं;<br/>
आपकी याद को हम सदा साथ रखते हैं;<br/>
दिन हो या रात बस आपको ही याद करते हैं।<br/>
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    दूर रहते हैं मगर हम दिल से दुआ करते हैं;
    प्यार का फ़र्ज़ हम घर बैठे अदा करते हैं;
    आपकी याद को हम सदा साथ रखते हैं;
    दिन हो या रात बस आपको ही याद करते हैं।
    शुभ रात्रि!
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