• संता: यार मेरी आँखें ठीक ढंग से नहीं खुलती! कोई तरीका बताओ?
    बंता: किसी दिन अचानक अपने घर चले जाना आंखे खुली की खुली रह जाएँगी!
  • संता शराब पी कर रो रहा था!
    बंता: यार तुम क्यों रो रहे हो:
    संता: मैं जिस लड़की को भूलना चाहता हूँ! उसका नाम याद नहीं आ रहा है!
  • संता: यार तुम रोज मंदिर क्यों जाते हो?
    बंता: क्योंकि वहा पर आरती, पूजा, अर्चना, भावना, शांति, वंदना और उपासना है!
  • बंता: मिलने का समय आप मेरी सेक्रेटरी के साथ फिक्स कर लें!
    संता: सर, मैं पहले दो बार कोशिश कर चुका हूँ वो मना कर देती है!
  • बंता: आप जो लेख अपने अखबार में लिखते हैं, उन्हें कोई मुर्ख भी पढ़ना नहीं चाहेगा!
    संता: फिर तुमने पढ़ने का कष्ट क्यों किया?
  • बंता: आपने शराब कैसे छोड़ी?
    संता: पूरी बोतल ख़त्म करके!
  • बंता: मान लो आप सोकर उठे हैं तो उसी वक्त आपको पता लगे कि आप लखपति बन गए हैं तो आप क्या करोगे?
    संता: मैं फिर से सो जाऊँगा और तब तक सोता रहूँगा जब तक मैं करोड़पति न बन जाऊं!
  • संता: तुम दफ्तर में क्या काम करते हो?
    बंता: कुछ नहीं!
    संता: फिर तुम्हें यह कैसे पता लगता है कि काम खत्म हो गया!
  • बंता: आपकी ट्रांसफर इस शिकायतें सुनने वाले विभाग में क्यों कर दी गई है?
    संता: क्योंकि मुझे कम सुनने लगा है!
  • संता: मेरी उम्र 40 साल है और मैं आज तक एक दिन के लिये बीमार नहीं हुआ!
    बंता: अच्छा!
    संता: हाँ जी! मैं बीमार होता हूँ तो 10-15 दिनों के लिये होता है!
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