• उनके कर्जदार और वफादार रहिये जो आपके लिए अपना वक्त देते हैं!<br/>
क्योंकि अंजाम की ख़बर तो कर्ण को भी थी पर बात दोस्ती निभाने की थी।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    उनके कर्जदार और वफादार रहिये जो आपके लिए अपना वक्त देते हैं!
    क्योंकि अंजाम की ख़बर तो कर्ण को भी थी पर बात दोस्ती निभाने की थी।
    सुप्रभात!
  • मीठी मुस्कान, तीखा गुस्सा और नमकीन आँसू, इन तीनों के स्वाद से बनी है ज़िंदगी
इसे मज़े से जियें।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    मीठी मुस्कान, तीखा गुस्सा और नमकीन आँसू, इन तीनों के स्वाद से बनी है ज़िंदगी इसे मज़े से जियें।
    सुप्रभात!
  • कुछ नेकियाँ ऐसी भी होनी चाहिए,<br/>
जिनका खुदा के सिवा कोई गवाह ना हो।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    कुछ नेकियाँ ऐसी भी होनी चाहिए,
    जिनका खुदा के सिवा कोई गवाह ना हो।
    सुप्रभात!
  • ध्यान का अर्थ है भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ है इस मुस्कुराहट को औरों तक पँहुचाना।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    ध्यान का अर्थ है भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ है इस मुस्कुराहट को औरों तक पँहुचाना।
    सुप्रभात!
  • सच्चे और शुभचिंतक लोग हमारे जीवन में सितारों की तरह होते हैं...
    वो चमकते तो सदैव ही रहते है परंतु दिखाई तभी देते हैं जब अंधकार छा जाता है।
    सुप्रभात!
  • उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी में;
    पर बेवजह खुश रहने का मज़ा ही कुछ और है।
    इसलिए हमेशा खुश रहो।
    सुप्रभात!
  • खिलते फूल जैसे लबों पर हंसी हो;<br/>
ना कोई गम हो ना कोई बेबसी हो;<br/>
सलामत रहे ज़िंदगी का यह सफ़र;<br/>
जहाँ आप रहो वहाँ बस ख़ुशी ही ख़ुशी हो।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    खिलते फूल जैसे लबों पर हंसी हो;
    ना कोई गम हो ना कोई बेबसी हो;
    सलामत रहे ज़िंदगी का यह सफ़र;
    जहाँ आप रहो वहाँ बस ख़ुशी ही ख़ुशी हो।
    सुप्रभात!
  • तब तक कमाओ जब तक महंगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे;<br/>
चाहे वो सम्मान हो या सामान।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    तब तक कमाओ जब तक महंगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे;
    चाहे वो सम्मान हो या सामान।
    सुप्रभात!
  • सकारात्मक सोच आपके जीवन को सही दिशा देती है।<br/>
सही सोचें, सही समझें, सही दिशा मे बढें।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    सकारात्मक सोच आपके जीवन को सही दिशा देती है।
    सही सोचें, सही समझें, सही दिशा मे बढें।
    सुप्रभात!
  • दो पल की ज़िन्दगी है इसे जीने के सिर्फ दो असूल बना लो,<br/>
रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह।<br/>
सुप्रभात!Upload to Facebook
    दो पल की ज़िन्दगी है इसे जीने के सिर्फ दो असूल बना लो,
    रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह।
    सुप्रभात!
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT