• दो पल की ज़िन्दगी है इसे जीने के सिर्फ दो असूल बना लो,<br/>
रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह।<br/>
सुप्रभात!
    दो पल की ज़िन्दगी है इसे जीने के सिर्फ दो असूल बना लो,
    रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह।
    सुप्रभात!
  • स्वर्ग का सपना छोड़ दो,<br/>
नरक का डर छोड़ दो,<br/>
कौन जाने क्या पाप, क्या पुण्य,<br/>
बस किसी का दिल न दुखे अपने स्वार्थ के लिए,<br/>
बाक़ी सब कुदरत पर छोड़ दो।<br/>
सुप्रभात!
    स्वर्ग का सपना छोड़ दो,
    नरक का डर छोड़ दो,
    कौन जाने क्या पाप, क्या पुण्य,
    बस किसी का दिल न दुखे अपने स्वार्थ के लिए,
    बाक़ी सब कुदरत पर छोड़ दो।
    सुप्रभात!
  • ज़िन्दगी तब बेहतर होती है जब हम खुश होते हैं,<br/>
लेकिन यकीन करो ज़िन्दगी तब बेहतरीन हो जाती है जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं।<br/>
सुप्रभात!
    ज़िन्दगी तब बेहतर होती है जब हम खुश होते हैं,
    लेकिन यकीन करो ज़िन्दगी तब बेहतरीन हो जाती है जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं।
    सुप्रभात!
  • दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया;<br/>
सतगुरु के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया;<br/>
दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे सतगुरु का;<br/>
मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया।<br/>
सुप्रभात!
    दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया;
    सतगुरु के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया;
    दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे सतगुरु का;
    मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया।
    सुप्रभात!
  • देर मैंने ही लगाई पहचानने में ऐ भगवान,<br/>
वरना तुमने जो दिया उसका तो कोई हिसाब ही नहीं;<br/>
जैसे जैसे मैं सिर को झुकाता चला गया,<br/>
वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया।<br/>
सुप्रभात!
    देर मैंने ही लगाई पहचानने में ऐ भगवान,
    वरना तुमने जो दिया उसका तो कोई हिसाब ही नहीं;
    जैसे जैसे मैं सिर को झुकाता चला गया,
    वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया।
    सुप्रभात!
  • भाग्य से जितना अधिक उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा।<br/>
कर्म में विश्वास रखें, आपको अपनी अपेक्षाओं से सदैव अधिक मिलेगा।<br/>
सुप्रभात!
    भाग्य से जितना अधिक उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा।
    कर्म में विश्वास रखें, आपको अपनी अपेक्षाओं से सदैव अधिक मिलेगा।
    सुप्रभात!
  • शुरुआत करने के लिए महान होने की ज़रुरत नहीं, पर महान होने के लिए शुरुआत करनी पड़ती है।<br/>
उठो.और जोश के साथ इस नए दिन की नयी शुरुआत करो।<br/>
सुप्रभात!
    शुरुआत करने के लिए महान होने की ज़रुरत नहीं, पर महान होने के लिए शुरुआत करनी पड़ती है।
    उठो.और जोश के साथ इस नए दिन की नयी शुरुआत करो।
    सुप्रभात!
  • हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा;<br/>
ठंडी हवा लेकर आयी है पैगाम हमारा;<br/>
कि खुशियों से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा।<br/>
सुप्रभात!
    हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा;
    ठंडी हवा लेकर आयी है पैगाम हमारा;
    कि खुशियों से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा।
    सुप्रभात!
  • गुलशन में भँवरों का फेरा हो गया,<br/>
पूरब में सूरज का डेरा हो गया,<br/>
खिलती मुस्कान के साथ खोलो आँखें,<br/>
देखो एक बार फिर से नया सवेरा हो गया।<br/>
सुप्रभात!
    गुलशन में भँवरों का फेरा हो गया,
    पूरब में सूरज का डेरा हो गया,
    खिलती मुस्कान के साथ खोलो आँखें,
    देखो एक बार फिर से नया सवेरा हो गया।
    सुप्रभात!
  • अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही।<br/>
सुप्रभात!
    अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही।
    सुप्रभात!