• शुरुआत करने के लिए महान होने की ज़रुरत नहीं, पर महान होने के लिए शुरुआत करनी पड़ती है।<br/>
उठो.और जोश के साथ इस नए दिन की नयी शुरुआत करो।<br/>
सुप्रभात!
    शुरुआत करने के लिए महान होने की ज़रुरत नहीं, पर महान होने के लिए शुरुआत करनी पड़ती है।
    उठो.और जोश के साथ इस नए दिन की नयी शुरुआत करो।
    सुप्रभात!
  • हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा;<br/>
ठंडी हवा लेकर आयी है पैगाम हमारा;<br/>
कि खुशियों से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा।<br/>
सुप्रभात!
    हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा;
    ठंडी हवा लेकर आयी है पैगाम हमारा;
    कि खुशियों से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा।
    सुप्रभात!
  • गुलशन में भँवरों का फेरा हो गया,<br/>
पूरब में सूरज का डेरा हो गया,<br/>
खिलती मुस्कान के साथ खोलो आँखें,<br/>
देखो एक बार फिर से नया सवेरा हो गया।<br/>
सुप्रभात!
    गुलशन में भँवरों का फेरा हो गया,
    पूरब में सूरज का डेरा हो गया,
    खिलती मुस्कान के साथ खोलो आँखें,
    देखो एक बार फिर से नया सवेरा हो गया।
    सुप्रभात!
  • अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही।<br/>
सुप्रभात!
    अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही।
    सुप्रभात!
  • कल का दिन किसने देखा है, तो आज का दिन भी खोये क्यों;<br/>
जिन घडि़यों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोये क्यों।<br/>
सुप्रभात!
    कल का दिन किसने देखा है, तो आज का दिन भी खोये क्यों;
    जिन घडि़यों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोये क्यों।
    सुप्रभात!
  • जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है;<br/>
और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है।<br/>
सुप्रभात!
    जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है;
    और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है।
    सुप्रभात!
  • ऐ सूरज मेरे अपनों को यह पैगाम देना;<br/>
खुशियों का दिन हँसी की शाम देना;<br/>
जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को;<br/>
तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना। <br/>
सुप्रभात!
    ऐ सूरज मेरे अपनों को यह पैगाम देना;
    खुशियों का दिन हँसी की शाम देना;
    जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को;
    तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना।
    सुप्रभात!
  • जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था।<br/>
अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ।<br/>
सुप्रभात!
    जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था।
    अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ।
    सुप्रभात!
  • समस्याएं इतनी ताक़तवर नहीं हो सकती जितना हम इन्हें मान लेते हैं।<br/>
ऐसा कभी नहीं हुआ कि अंधेरों ने सुबह ही ना होने दी हो। चाहे कितनी भी गहरी काली रात हो उसके बाद सुबह होनी ही है।<br/>
सुप्रभात!
    समस्याएं इतनी ताक़तवर नहीं हो सकती जितना हम इन्हें मान लेते हैं।
    ऐसा कभी नहीं हुआ कि अंधेरों ने सुबह ही ना होने दी हो। चाहे कितनी भी गहरी काली रात हो उसके बाद सुबह होनी ही है।
    सुप्रभात!
  • माला की तारीफ़ तो सब करते हैं, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं लेकिन तारीफ़ के काबिल तो धागा है जिसने सब को जोड़ रखा है। इसलिए केवल मोती ही ना बनें वो धागा भी बनें जो सब को जोड़े।<br/>
सुप्रभात!
    माला की तारीफ़ तो सब करते हैं, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं लेकिन तारीफ़ के काबिल तो धागा है जिसने सब को जोड़ रखा है। इसलिए केवल मोती ही ना बनें वो धागा भी बनें जो सब को जोड़े।
    सुप्रभात!
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