• चांदनी रात अलविदा कह रही है;
    एक ठंडी सी हवा दस्तक दे रही है;
    उठकर देखो आँखों से नजारों को; एक प्यारी सी सुबह आपको गुड मोर्निंग कह रही है।
    सुप्रभात।
  • जिंदगी तस्वीर भी है और तकदीर भी;
    फर्क तो रंगों का है;
    मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर;
    और
    अनजाने रंगों से बने तो तक़दीर।
    सुप्रभात!
  • सुबह की हल्की सी ठण्ड में;<br/>
फूलों की रंगोली सजी थी;<br/>
सुबह की पहली किरण के साथ;
आँखों के खुलते ही आपको याद किया;<br/>
तो दिन की शुरुआत अच्छी हुई थी।<br/>
सुप्रभात!
    सुबह की हल्की सी ठण्ड में;
    फूलों की रंगोली सजी थी;
    सुबह की पहली किरण के साथ; आँखों के खुलते ही आपको याद किया;
    तो दिन की शुरुआत अच्छी हुई थी।
    सुप्रभात!
  • सवेरे - सवेरे हो खुशियों का मेला;<br />
न लोगों की प्रवाह न दुनिया का झमेला;<br />
पंछियों का संगीत हो और मौसम अलबेला;<br />
मुबारक हो मामू ये खूबसूरत सवेरा।<br />
सुप्रभात।
    सवेरे - सवेरे हो खुशियों का मेला;
    न लोगों की प्रवाह न दुनिया का झमेला;
    पंछियों का संगीत हो और मौसम अलबेला;
    मुबारक हो मामू ये खूबसूरत सवेरा।
    सुप्रभात।
  • फिर उम्मीदों भरी सुबह आई है;<br/>
सूरज को साथ लाई है;<br/>
हमारी दोस्ती का ये असर भी तो देखो;<br/>
हवाएं भी आपको गुड मोर्निंग कहने आईं हैं!<br/>
सुप्रभात!
    फिर उम्मीदों भरी सुबह आई है;
    सूरज को साथ लाई है;
    हमारी दोस्ती का ये असर भी तो देखो;
    हवाएं भी आपको गुड मोर्निंग कहने आईं हैं!
    सुप्रभात!
  • जो लोग आप से जलते हैं, उन लोगों से नफ़रत कभी मत करना;<br />
क्योंकि<br />
यही तो वो लोग हैं, जो यह समझते हैं कि आप उनसे बेहतर हैं।<br />
सुप्रभात।
    जो लोग आप से जलते हैं, उन लोगों से नफ़रत कभी मत करना;
    क्योंकि
    यही तो वो लोग हैं, जो यह समझते हैं कि आप उनसे बेहतर हैं।
    सुप्रभात।
  • अपने गम की नुमाइश न कर;<br />
अपने नसीब की अजमाइश न कर;<br />
जो तेरा है तेरे पास खुद आएगा;<br />
हर रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश न कर।<br />
सुप्रभात।
    अपने गम की नुमाइश न कर;
    अपने नसीब की अजमाइश न कर;
    जो तेरा है तेरे पास खुद आएगा;
    हर रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश न कर।
    सुप्रभात।
  • सुबह-सुबह 3 बातों का ध्यान रखें:<br />
1. भगवान को याद करो ताकि तुम जी सको;<br />
2. मेरे को मैसेज करो ताकि मैं जी सकूँ;<br />
3. नहा लो, ताकि लोग जी सकें।
सुप्रभात।
    सुबह-सुबह 3 बातों का ध्यान रखें:
    1. भगवान को याद करो ताकि तुम जी सको;
    2. मेरे को मैसेज करो ताकि मैं जी सकूँ;
    3. नहा लो, ताकि लोग जी सकें। सुप्रभात।
  • बड़ी अजीब सी बंदिश थी दोस्तों के प्यार की;<br />
न उन्होंने कभी कैद में रखा;<br />
और न हम कभी फरार हो पाए।<br />
सुप्रभात।
    बड़ी अजीब सी बंदिश थी दोस्तों के प्यार की;
    न उन्होंने कभी कैद में रखा;
    और न हम कभी फरार हो पाए।
    सुप्रभात।
  • जीवन एक पत्नी की तरह है - कभी हँसाती है और कभी रुलाती है।<br />
बहुत ही सुहावनी सुबह, प्रिये दोस्तो।
    जीवन एक पत्नी की तरह है - कभी हँसाती है और कभी रुलाती है।
    बहुत ही सुहावनी सुबह, प्रिये दोस्तो।