• एक हरियाणवी को चोरी के इलज़ाम में अदालत लाया गया।<br/>
हरियाणवी: बचपन में माँ की बात सुनी होती तो आज यह दिन ना देखना पड़ता।<br/>
जज: क्या कहती थी तुम्हारी माँ?<br/>
हरियाणवी: अरे जब नहीं सुनी ही नहीं तो कैसे बताऊँ क्या कहती थी माँ।
    एक हरियाणवी को चोरी के इलज़ाम में अदालत लाया गया।
    हरियाणवी: बचपन में माँ की बात सुनी होती तो आज यह दिन ना देखना पड़ता।
    जज: क्या कहती थी तुम्हारी माँ?
    हरियाणवी: अरे जब नहीं सुनी ही नहीं तो कैसे बताऊँ क्या कहती थी माँ।
  • हरियाणा रोडवेज प्रशासन को शिकायत मिली कि हरियाणा रोडवेज के कंडक्टर बहुत बदतमीजी से बोलते हैं। उन्होने फौरन आदेश दिया कि सभी कंडक्टर कुछ भी कहने से पहले "कृपया" शब्द का इस्तेमाल करेंगे। दूसरे दिन एक बस में कई आदमी चढ़ गए और दरवाजे पर लटक लिये। थोड़ी देर बाद कंडक्टर आया और बोला,
    "कृपा करकै आगे-नै मर ल्यो।"
  • टीचर: तुम्हें पता है हमारे पूर्वज बन्दर थे।<br/>
जाट: थारे होंगे, हमारे तो चौधरी थे।
    टीचर: तुम्हें पता है हमारे पूर्वज बन्दर थे।
    जाट: थारे होंगे, हमारे तो चौधरी थे।
  • जाट का छोरा स्कूल में पढाई कम और शरारते ज्यादा करता था।<br/>
एक दिन तंग आकर उसकी एक मैडम जो बड़ी सुंदर थी, उसे डांटते हुए बोली,<br/>
`अगर मैं तेरी माँ बन जाऊं तो तुझे दो दिन में सुधार दूँ।`<br/>
छोरा ख़ुशी से उछलते हुए बोला, `मैडम सची? मैं अभी जा कर बापू को बता के आता हूँ कि, बापू पार्टी दे, तेरी तो लॉटरी लगने वाली है।`
    जाट का छोरा स्कूल में पढाई कम और शरारते ज्यादा करता था।
    एक दिन तंग आकर उसकी एक मैडम जो बड़ी सुंदर थी, उसे डांटते हुए बोली,
    "अगर मैं तेरी माँ बन जाऊं तो तुझे दो दिन में सुधार दूँ।"
    छोरा ख़ुशी से उछलते हुए बोला, "मैडम सची? मैं अभी जा कर बापू को बता के आता हूँ कि, बापू पार्टी दे, तेरी तो लॉटरी लगने वाली है।"
  • एक बार एक बणिए की और जाट की हाथापाई होगी ।
    जोश-जोश मै जाट नीचे जा पङ्या और बणिया उस कै ऊपर बैठकै मुक्के मारै और जोर -जोर तै रोवै।
    थोडी देर मै लोग इक्टठे होगे। बणिया और जोर तै रोण लागग्या।
    लोग बोले, "एक तो तनै यो नीचै दाब राख्या और तौंए रोवै।"
    बणिया रौंदा-रौंदा, "न्यू बोल्या छौडतां ही मारैगा।"
  • बस म हरियाणवी छोरा दिल्ली आली से, "मैडम मड़ी सी परे न सरकिए।"
    लड़की: थोड़ा तमीज से बोलिए।
    हरियाणवी: र तू कृप्या करके परे सी न मरले।
  • गर्मियों की छुट्टियाँ में,
    बानिये: चलो मनाली चलते हैं।
    पंजाबी: चलो कश्मीर चलते हैं।
    ब्राह्मण: चलो केदारनाथ चलते हैं।
    और जाट: चाल रे मामा के चालांगे।
  • सब कहते हैं कि हरियाणवी लोग उलटे जवाब देते हैं मगर ऐसा नहीं है बल्कि लोग सवाल उलटे करते हैं। जैसे एक ताऊ बाल कटवाने गया तो,
हज़्ज़ाम ने पूछा, `ताऊ बाल छोटे करने है के?`
ताऊ: तू बड़े कर सके है तो बड़े कर दे।
    सब कहते हैं कि हरियाणवी लोग उलटे जवाब देते हैं मगर ऐसा नहीं है बल्कि लोग सवाल उलटे करते हैं। जैसे एक ताऊ बाल कटवाने गया तो, हज़्ज़ाम ने पूछा, "ताऊ बाल छोटे करने है के?" ताऊ: तू बड़े कर सके है तो बड़े कर दे।
  • एक बुड्ढा एक बुड्ढी को घूर रहा था तो बुड्ढी उसे गाली देने लगी।<br />
मैने देखा तो पूछा, `अरा कै हो गया ताऊ?'<br />
बुड्ढा बोला, `अरा कुछ नहीं बेटा, पुराना केलेंडर से, हवा में फड़फड़ा रै से।`
    एक बुड्ढा एक बुड्ढी को घूर रहा था तो बुड्ढी उसे गाली देने लगी।
    मैने देखा तो पूछा, "अरा कै हो गया ताऊ?'
    बुड्ढा बोला, "अरा कुछ नहीं बेटा, पुराना केलेंडर से, हवा में फड़फड़ा रै से।"
  • शहर में...
    बेटा: पापा आज बहुत गर्मी है।
    पापा: ओ मेरे बेटे को गर्मी लग रही है। हम आज ही A.C. लगवाएँगे।

    इधर हरियाणा में...
    बेटा: बापू मैंने घनी गर्मी लग्गे से।
    बापू: चल तुझे आज गंजा करवा देता हूँ।
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