• पांडे जी की नौकरी के आर्डर में लिखा था कि सरकार की तरफ से आपको क्वार्टर मिलेगा!<br/>
और पांडे जी इतने भोले थे कि...<br/>
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ज्वाइनिंग के दिन सुबह नमकीन लेकर ऑफिस पहुँच गये?
    पांडे जी की नौकरी के आर्डर में लिखा था कि सरकार की तरफ से आपको क्वार्टर मिलेगा!
    और पांडे जी इतने भोले थे कि...
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    ज्वाइनिंग के दिन सुबह नमकीन लेकर ऑफिस पहुँच गये?
  • मुर्गे से पूछा गया तुम्हें लोग जीने क्यों नहीं देते काट देते हैं।<br/>
मुर्गे ने कहा लोगों को जगाने वालों का यही हश्र होता है।
    मुर्गे से पूछा गया तुम्हें लोग जीने क्यों नहीं देते काट देते हैं।
    मुर्गे ने कहा लोगों को जगाने वालों का यही हश्र होता है।
  • पत्नी: आटा कहाँ से लाये थे?<br/>
पति: क्यों, क्या हुआ?<br/>
पत्नी: सारी रोटियाँ जल गयी!
    पत्नी: आटा कहाँ से लाये थे?
    पति: क्यों, क्या हुआ?
    पत्नी: सारी रोटियाँ जल गयी!
  • मेरे घुटनों में बहुत दर्द रहता था, मैं ठीक से चल भी नहीं पाता था! मेरा जीवन नर्क बन गया था, मैं बहुत परेशान रहता था! डॉक्टर ने भी जवाब दे दिया था फिर...<br/>
मैंने बैंक से लोन ले लिया! अब मैं भाग सकता हूँ!
    मेरे घुटनों में बहुत दर्द रहता था, मैं ठीक से चल भी नहीं पाता था! मेरा जीवन नर्क बन गया था, मैं बहुत परेशान रहता था! डॉक्टर ने भी जवाब दे दिया था फिर...
    मैंने बैंक से लोन ले लिया! अब मैं भाग सकता हूँ!
  • 5 दिन हो गए परेशान हो गया हुँ, जिस सब्जी वाले से पूछता हूँ नींबू है?<br/>
बोलता है बाऊजी राफेल खरीद रहे हो क्या?
    5 दिन हो गए परेशान हो गया हुँ, जिस सब्जी वाले से पूछता हूँ नींबू है?
    बोलता है बाऊजी राफेल खरीद रहे हो क्या?
  • मोदी जी ने दो अक्टूबर से प्लास्टिक मुक्त भारत करने को कहा था...<br/>
फिर मोदी जी को कूड़ा बटोरने के लिए प्लास्टिक की थैली किसने दी?
    मोदी जी ने दो अक्टूबर से प्लास्टिक मुक्त भारत करने को कहा था...
    फिर मोदी जी को कूड़ा बटोरने के लिए प्लास्टिक की थैली किसने दी?
  • पड़ोस वाली चाची 9 दिन व्रत रखकर माता को बुला रहीं थी!<br/>
12वें दिन पोती हो गई! तब से मुँह फुलाये बैठी हैं!
    पड़ोस वाली चाची 9 दिन व्रत रखकर माता को बुला रहीं थी!
    12वें दिन पोती हो गई! तब से मुँह फुलाये बैठी हैं!
  • वो वक़्त भी कितना हसीन था,<br/>
जब मोहल्ले की आंटीयां खुद पूछा करती थी,<br/>
क्या बात है, आजकल मेरी बेटी के साथ नहीं खेलते?<br/><br/>

बचपन की यादें।
    वो वक़्त भी कितना हसीन था,
    जब मोहल्ले की आंटीयां खुद पूछा करती थी,
    क्या बात है, आजकल मेरी बेटी के साथ नहीं खेलते?

    बचपन की यादें।
  • मन की बात कह देने से, फैसले हो जाते हैं और मन में रख लेने से फासले हो जाते है!
    मन की बात कह देने से, फैसले हो जाते हैं और मन में रख लेने से फासले हो जाते है!
  • दीवाली की ख़रीददारी ऐसी जगह से करें,<br/>
जो आपकी ख़रीददारी की वजह से दीवाली मना सकें।
    दीवाली की ख़रीददारी ऐसी जगह से करें,
    जो आपकी ख़रीददारी की वजह से दीवाली मना सकें।