• जज: तुमने पैसे क्यूँ चुराए?<br/>
चोर: मैंने नहीं चुराए इसने खुद दिए थे!<br/>
जज: इसने पैसे कब दिए?<br/>
चोर: जब मैंने इसे बंदूक दिखाई!
    जज: तुमने पैसे क्यूँ चुराए?
    चोर: मैंने नहीं चुराए इसने खुद दिए थे!
    जज: इसने पैसे कब दिए?
    चोर: जब मैंने इसे बंदूक दिखाई!
  • पति बेचारा साल के 365 दिन पत्नी का मुँह देख के खाना खाता है, उसमें कोई बात नहीं!<br/>
लेकिन एक पत्नी एक दिन पति का मुँह देखकर खाना खाये तो साला त्यौहार बन जाता है!
    पति बेचारा साल के 365 दिन पत्नी का मुँह देख के खाना खाता है, उसमें कोई बात नहीं!
    लेकिन एक पत्नी एक दिन पति का मुँह देखकर खाना खाये तो साला त्यौहार बन जाता है!
  • रात को बैडरूम का टेलीफोन बजा!<br/>
पति: कोई मेरे बारे में पूछे तो कह देना मैं घर पर नहीं हूँ!<br/>
पत्नी: मेरे पति घर पर ही हैं, कह कर फोन काट दिया!<br/>
पति: मैंने कहा था न कोई मेरे बारे में पूछे तो कहना मैं घर पर नहीं हूँ?<br/>
पत्नी: सो जाओ चुपचाप, हर बार ज़रूरी नहीं कि तुम्हारा ही फोन हो!
    रात को बैडरूम का टेलीफोन बजा!
    पति: कोई मेरे बारे में पूछे तो कह देना मैं घर पर नहीं हूँ!
    पत्नी: मेरे पति घर पर ही हैं, कह कर फोन काट दिया!
    पति: मैंने कहा था न कोई मेरे बारे में पूछे तो कहना मैं घर पर नहीं हूँ?
    पत्नी: सो जाओ चुपचाप, हर बार ज़रूरी नहीं कि तुम्हारा ही फोन हो!
  • पटाखे कोर्ट ने बंद करा दिये<br/>
दारू सरकार ने और घी - मीठा डॉक्टर ने बंद करा दिया!<br/>
अब बस अलोम - विलोम करके त्यौहार मनाओ!
    पटाखे कोर्ट ने बंद करा दिये
    दारू सरकार ने और घी - मीठा डॉक्टर ने बंद करा दिया!
    अब बस अलोम - विलोम करके त्यौहार मनाओ!
  • पता नहीं लोग सच्चा प्यार कैसे ढूंढ लेते हैं?<br/>
यहाँ पिछले आधे घंटे से सेलो टेप का किनारा ढूंढ रहा हूँ!<br/>
मिल ही नहीं रहा!
    पता नहीं लोग सच्चा प्यार कैसे ढूंढ लेते हैं?
    यहाँ पिछले आधे घंटे से सेलो टेप का किनारा ढूंढ रहा हूँ!
    मिल ही नहीं रहा!
  • पुराने ज़माने में औरतें अपने पति का नाम नहीं लेती थी!<br/>
दो औरतें फोन पर बात कर रही थी! उनमे से एक औरत के पति का नाम धनिया था!<br/>
पहली औरत: बहन आज खाने में क्या बनाई हो?<br/>
दूसरी औरत: दाल भात सब्ज़ी और राजू के पापा की चटनी!
    पुराने ज़माने में औरतें अपने पति का नाम नहीं लेती थी!
    दो औरतें फोन पर बात कर रही थी! उनमे से एक औरत के पति का नाम धनिया था!
    पहली औरत: बहन आज खाने में क्या बनाई हो?
    दूसरी औरत: दाल भात सब्ज़ी और राजू के पापा की चटनी!
  • हम तो पहले से ही डरते थे सुना तो था कि दिवारों के भी कान होते हैं,<br/>
अब नैरोलेक पेन्ट वाले और डरा रहे हैं, वो बोलते हैं कि दीवारें बोल उठेंगी!
    हम तो पहले से ही डरते थे सुना तो था कि दिवारों के भी कान होते हैं,
    अब नैरोलेक पेन्ट वाले और डरा रहे हैं, वो बोलते हैं कि दीवारें बोल उठेंगी!
  • 377 - लीगल<br/>
497 - लीगल<br/>
अपराधी का जेल में बैठ कर चुनाव लड़ना - लीगल<br/>
तो साला गुनाह क्या है... बिना सीटबेल्ट और हेलमेट के गाड़ी चलाना!
    377 - लीगल
    497 - लीगल
    अपराधी का जेल में बैठ कर चुनाव लड़ना - लीगल
    तो साला गुनाह क्या है... बिना सीटबेल्ट और हेलमेट के गाड़ी चलाना!
  • ज़िन्दगी की भागदौड़ में सेहत का भी ख्याल रखिए...<br/>
ऐसा ना हो कि आप पीछे रह जाएं और पेट आगे निकल जाए!
    ज़िन्दगी की भागदौड़ में सेहत का भी ख्याल रखिए...
    ऐसा ना हो कि आप पीछे रह जाएं और पेट आगे निकल जाए!
  • पता नहीं लोग परपोज कैसे कर लेते हैं... मुझे तो समोसे के साथ चटनी मांगने में भी शर्म आती है!
    पता नहीं लोग परपोज कैसे कर लेते हैं... मुझे तो समोसे के साथ चटनी मांगने में भी शर्म आती है!