• अगर आप होते भुलाने के क़ाबिल,<br/ >
तो होते कहां दिल लगाने के क़ाबिल!
    अगर आप होते भुलाने के क़ाबिल,
    तो होते कहां दिल लगाने के क़ाबिल!
  • सबसे अच्छा दोस्त और महज़ दोस्त के बीच का अंतर:<br/ >
जब आप अस्पताल में होते हैं।<br/ >
महज दोस्त, ''तबीयत कैसी है?''<br/ >
सबसे अच्छा दोस्त, ''नर्स कैसी है?''
    सबसे अच्छा दोस्त और महज़ दोस्त के बीच का अंतर:
    जब आप अस्पताल में होते हैं।
    महज दोस्त, ''तबीयत कैसी है?''
    सबसे अच्छा दोस्त, ''नर्स कैसी है?''
  • यह मत देखो कोई श़ख्स गुनहगार कितना है;<br/>
यह देखो वह आपके साथ वफ़ादार कितना है;<br/>
यह मत सोचो उसमें क्या-क्या कमजोरियां हैं;<br/>
यह देखो कि वह श़ख्स दिलदार कितना है!
    यह मत देखो कोई श़ख्स गुनहगार कितना है;
    यह देखो वह आपके साथ वफ़ादार कितना है;
    यह मत सोचो उसमें क्या-क्या कमजोरियां हैं;
    यह देखो कि वह श़ख्स दिलदार कितना है!
  • यदि किसी को आपके दिल में जगह चाहिए तो वो उसे पाने के लिए प्रयास जरूर करेगा।<br/>
ऐसे इंसान को अपना दिल मत दो जिसने उसे पाने के लिए कुछ किया ही नहीं।
    यदि किसी को आपके दिल में जगह चाहिए तो वो उसे पाने के लिए प्रयास जरूर करेगा।
    ऐसे इंसान को अपना दिल मत दो जिसने उसे पाने के लिए कुछ किया ही नहीं।
  • खुदा ने अगर ये रिश्ता बनाया ना होता;<br/>
एक दोस्त को मुझसे मिलाया न होता;<br/>
जिंदगी हो जाती हमारी बेजान;<br/>
अगर आप जैसे दोस्त को पाया न होता।
    खुदा ने अगर ये रिश्ता बनाया ना होता;
    एक दोस्त को मुझसे मिलाया न होता;
    जिंदगी हो जाती हमारी बेजान;
    अगर आप जैसे दोस्त को पाया न होता।
  • प्यार करने का मतलब ये नहीं है कि आप क्या दे सकते हैं;<br/>
प्यार करने का मतलब है आप कैसे अपने साथी को खुश रख सकते हैं;<br/>
अपने साथ या अपने से अलग।
    प्यार करने का मतलब ये नहीं है कि आप क्या दे सकते हैं;
    प्यार करने का मतलब है आप कैसे अपने साथी को खुश रख सकते हैं;
    अपने साथ या अपने से अलग।
  • मसरूफ़ हम भी बहुत हैं जिंदगी की उलझनों में दोस्तों;<br />
पर उलझनों में दोस्तों को भुला देना दोस्ती नहीं होती।
    मसरूफ़ हम भी बहुत हैं जिंदगी की उलझनों में दोस्तों;
    पर उलझनों में दोस्तों को भुला देना दोस्ती नहीं होती।
  • कोशिश करो कि कोई तुमसे ना रूठे;<br />
ज़िंदगी में अपनों का साथ कभी ना छूटे;<br />
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसा निभाओ;<br />
कि ज़िंदगी भर उस रिश्ते की डोर न टूटे।
    कोशिश करो कि कोई तुमसे ना रूठे;
    ज़िंदगी में अपनों का साथ कभी ना छूटे;
    रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसा निभाओ;
    कि ज़िंदगी भर उस रिश्ते की डोर न टूटे।
  • अए दोस्त, तेरी दोस्ती पर नाज़ करते हैं;
    हर वक्त मिलने की फ़रियाद करते हैं;
    हमें नहीं पता घर वाले बताते हैं;
    हम नींद में भी आपसे बात करते हैं।
  • यादें आती हैं यादें जाती हैं;
    कभी खुशियाँ कभी गम लाती हैं;
    सिकवा न करो जिंदगी से;
    आज जो जिंदगी है, वही कल की यादें कहलाती हैं।