• ज़मीन से उठाकर दिल में बैठा लिया;<br />
नज़रों में समां कर, पलकों में सजा दिया;<br />
इतना प्यार दिया आपने हमकों कि;<br />
मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया।
    ज़मीन से उठाकर दिल में बैठा लिया;
    नज़रों में समां कर, पलकों में सजा दिया;
    इतना प्यार दिया आपने हमकों कि;
    मेरे बिखरे शब्दों को कविता बना दिया।
  • दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं;<br/>
तुफानों में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं;<br/>
यूँ तो मिल जाता है हर कोई;<br/>
मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
    दिल से दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं;
    तुफानों में साहिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं;
    यूँ तो मिल जाता है हर कोई;
    मगर आप जैसे दोस्त नसीब वालों को मिलते हैं!
  • अर्ज़ किया है:
    पेप्सी कोक पीने वालों;
    कभी लस्सी भी पिया करो;
    पेप्सी कोक पीने वालों;
    कभी लस्सी भी पिया करो;
    "फ़ोकट में पोस्ट पढ़ने वालों कभी लाइक (Like) भी किया करो।"
  • मुलाकातें जरूरी हैं अगर रिश्ते निभाने हैं, वरना लगातार भूल जाने से तो पौधे भी सूख जाते हैं।
    मुलाकातें जरूरी हैं अगर रिश्ते निभाने हैं, वरना लगातार भूल जाने से तो पौधे भी सूख जाते हैं।
  • यह सफ़र दोस्ती का कभी ख़त्म न होगा;<br/>
दोस्तों से प्यार कभी कम न होगा;<br/>
दूर रहकर भी जब रहेगी महक इसकी;<br/>
हमें कभी बिछड़ने का ग़म न होगा!
    यह सफ़र दोस्ती का कभी ख़त्म न होगा;
    दोस्तों से प्यार कभी कम न होगा;
    दूर रहकर भी जब रहेगी महक इसकी;
    हमें कभी बिछड़ने का ग़म न होगा!
  • दोस्ती तो सिर्फ एक इत्तेफाक है;<br />
ये तो दो दिलों की मुलाक़ात है;<br />
दोस्ती नहीं देखती की ये दिन है की रात है;<br />
इसमें तो सिर्फ वफादारी और जज़्बात है।
    दोस्ती तो सिर्फ एक इत्तेफाक है;
    ये तो दो दिलों की मुलाक़ात है;
    दोस्ती नहीं देखती की ये दिन है की रात है;
    इसमें तो सिर्फ वफादारी और जज़्बात है।
  • राम ने सीता से विवाह किया।
    रावण ने सीता का अपहरण किया।
    हनुमान ने सीता को बचाया।
    तो अब ये बताओ कि वास्तव में हीरो कौन है?
    .
    . .
    "संजय दत्त", सवाल ठीक से पढ़ो।
  • दोस्त साथ में हो तो रोने में भी शान है;<br />
दोस्त ना हो तो महफ़िल भी श्मशान है;<br />
सारा खेल दोस्ती का है;<br />
वरना जनाजा और बारात, एक समान हैं।
    दोस्त साथ में हो तो रोने में भी शान है;
    दोस्त ना हो तो महफ़िल भी श्मशान है;
    सारा खेल दोस्ती का है;
    वरना जनाजा और बारात, एक समान हैं।
  • हर रिश्ते को अजमाया है हमने;
    कुछ पाया पर बहुत गवाया है हमने;
    हर उस शख्स ने रुलाया है;
    जिसे भी हमने इस दिल में बसाया है।
  • तुम हँसों तो खुशी मुझे होती है;
    तुम रूठो तो आँखें मेरी रोती हैं;
    तुम दूर जाओ तो बेचैनी मुझे होती है;
    महसूस करके देखो मोहब्बत ऐसी ही होती है।