• सदा हँसते रहो जैसे हँसते हैं फूल;<br/>
दुनिया के सारे गम तुम जाओ भूल;<br/>
चारों तरफ फ़ैलाओ खुशियों के गीत;<br/>
इसी उम्मीद के साथ तुम्हें मुबारक हो ईद।<br/>
ईद मुबारकUpload to Facebook
    सदा हँसते रहो जैसे हँसते हैं फूल;
    दुनिया के सारे गम तुम जाओ भूल;
    चारों तरफ फ़ैलाओ खुशियों के गीत;
    इसी उम्मीद के साथ तुम्हें मुबारक हो ईद।
    ईद मुबारक
  • ऐ चाँद उनको मेरा पैग़ाम कहना;<br/>
ख़ुशी का दिन हँसी की शाम कहना;<br/>
जब वो देखें तुम्हें आकर बाहर;<br/>
उनको मेरी तरफ से ईद मुबारक़ कहना।Upload to Facebook
    ऐ चाँद उनको मेरा पैग़ाम कहना;
    ख़ुशी का दिन हँसी की शाम कहना;
    जब वो देखें तुम्हें आकर बाहर;
    उनको मेरी तरफ से ईद मुबारक़ कहना।
  • ईद लेकर आती है ढेर सारी खुशियां;<br/>
ईद मिटा देती है इंसान में दूरियां;<br/>
ईद है ख़ुदा का एक नायाब तबारक;<br/>
और हम भी कहते हैं आपको ईद मुबारक।Upload to Facebook
    ईद लेकर आती है ढेर सारी खुशियां;
    ईद मिटा देती है इंसान में दूरियां;
    ईद है ख़ुदा का एक नायाब तबारक;
    और हम भी कहते हैं आपको ईद मुबारक।
  • सूरज की किरणें, तारों की बहार;<br/>
चाँद की चांदनी, अपनों का प्यार;<br/>
आपका हर पल हो खुशहाल;<br/>
उसी तरह मुबारक हो आपको ईद का तयोहार।<br/>
ईद मुबारक!Upload to Facebook
    सूरज की किरणें, तारों की बहार;
    चाँद की चांदनी, अपनों का प्यार;
    आपका हर पल हो खुशहाल;
    उसी तरह मुबारक हो आपको ईद का तयोहार।
    ईद मुबारक!
  • होंठों पे न कभी कोई शिकवा चाहिए;<br/>
बस निगाह-ए-करम और दुआ चाहिए;<br/>
चाँद तारों की तमन्ना नहीं मुझको;<br/>
आप रहें सलामत खुदा से यही खैरात चाहिए।<br/>
रमजान मुबारकUpload to Facebook
    होंठों पे न कभी कोई शिकवा चाहिए;
    बस निगाह-ए-करम और दुआ चाहिए;
    चाँद तारों की तमन्ना नहीं मुझको;
    आप रहें सलामत खुदा से यही खैरात चाहिए।
    रमजान मुबारक
  • ख्वाहिशों के समंदर के मोती तेरे नसीब हों;<br/>
फूल चेहरा, फूल लहजे तेरे हमसफ़र हों;<br/>
कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम;<br/>
कि तेरी हर दुआ हर ख्वाहिश कबूल हो।<br/>
रमज़ान मुबारक़Upload to Facebook
    ख्वाहिशों के समंदर के मोती तेरे नसीब हों;
    फूल चेहरा, फूल लहजे तेरे हमसफ़र हों;
    कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम;
    कि तेरी हर दुआ हर ख्वाहिश कबूल हो।
    रमज़ान मुबारक़
  • जिन लोगों तक नहीं पहुँच सकती मेरी बाहें;<br/>
उनके लिए मन से हमेशा निकलती है दुआएं;<br/>
बख्शे खुदा सब के गुनाह, बस यही करता हूँ दुआएं।<br/>
रमज़ान मुबारक़Upload to Facebook
    जिन लोगों तक नहीं पहुँच सकती मेरी बाहें;
    उनके लिए मन से हमेशा निकलती है दुआएं;
    बख्शे खुदा सब के गुनाह, बस यही करता हूँ दुआएं।
    रमज़ान मुबारक़
  • तुझे आँसू भरी वो दुआ मिले जिसे कभी न इंकार खुदा करे;<br/>
तुझे हसरत न रहे कभी जन्नत की;<br/>
खुदा खुशियाँ की बारिश तुम्हारे ऊपर करे।<br/>
रमज़ान मुबारक!Upload to Facebook
    तुझे आँसू भरी वो दुआ मिले जिसे कभी न इंकार खुदा करे;
    तुझे हसरत न रहे कभी जन्नत की;
    खुदा खुशियाँ की बारिश तुम्हारे ऊपर करे।
    रमज़ान मुबारक!
  • हम आपको याद करते हैं;<br/>
महे रमज़ान में यही फरियाद करते हैं;<br/>
बख्शे हर गुनाह ख़ुदा सब के;<br/>
बस यही दुआ करते हैं।<br/>
रमज़ान मुबारक़!Upload to Facebook
    हम आपको याद करते हैं;
    महे रमज़ान में यही फरियाद करते हैं;
    बख्शे हर गुनाह ख़ुदा सब के;
    बस यही दुआ करते हैं।
    रमज़ान मुबारक़!
  • हर सजदा आपका मंज़ूर-ए-खुदा हो जाये;<br/>
आपकी दुआओं पर रब की रज़ा हो जाये;<br/>
करते हैं हम भी दुआ इस महे रमज़ान में;<br/>
कि आपकी ज़िंदगी से लफ़्ज़-ए-ग़म फ़ना हो जाये।<br/>
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    हर सजदा आपका मंज़ूर-ए-खुदा हो जाये;
    आपकी दुआओं पर रब की रज़ा हो जाये;
    करते हैं हम भी दुआ इस महे रमज़ान में;
    कि आपकी ज़िंदगी से लफ़्ज़-ए-ग़म फ़ना हो जाये।
    रमज़ान मुबारक़
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