• दुआएं रद्द नहीं होती बस बेहतरीन वक़्त पे कबूल हो जाती हैं!
    दुआएं रद्द नहीं होती बस बेहतरीन वक़्त पे कबूल हो जाती हैं!
  • कौन हिसाब रखे किसको कितना दिया और कौन कितना बचायेगा!<br/>
इसलिए ईश्वर ने आसान गणित लगाया सबको खाली हाथ भेज दिया! <br/>
खाली हाथ ही बुलायेगा!
    कौन हिसाब रखे किसको कितना दिया और कौन कितना बचायेगा!
    इसलिए ईश्वर ने आसान गणित लगाया सबको खाली हाथ भेज दिया!
    खाली हाथ ही बुलायेगा!
  • कल शीशा था सब देख-देख कर जाते थे, आज टूट गया तो सब बच-बच कर जाते हैं!<br/>
ये वक़्त है साहब, कभी किसी का एक जैसा नहीं रहता!
    कल शीशा था सब देख-देख कर जाते थे, आज टूट गया तो सब बच-बच कर जाते हैं!
    ये वक़्त है साहब, कभी किसी का एक जैसा नहीं रहता!
  • दिमाग से दुनिया जीती जा सकती है पर दिल तो दिल से ही जीता जा सकता है!
    दिमाग से दुनिया जीती जा सकती है पर दिल तो दिल से ही जीता जा सकता है!
  • मेहनत सीढियों की तरह होती है और भाग्य लिफ्ट की तरह!<br/>
किसी समय लिफ्ट तो बंद हो सकती हैं लेकिन सीढियाँ हमेशा उँचाई की तरफ ले जाती हैं।
    मेहनत सीढियों की तरह होती है और भाग्य लिफ्ट की तरह!
    किसी समय लिफ्ट तो बंद हो सकती हैं लेकिन सीढियाँ हमेशा उँचाई की तरफ ले जाती हैं।
  • अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें, यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में, साबुन का काम करती है !
    अपनी आलोचना को धैर्य से सुनें, यह हमारी ज़िन्दगी का मैल हटाने में, साबुन का काम करती है !
  • 90% पुरुष ठंडा टिफ़िन खाते हैं ताकि उनका परिवार गर्म खाना खा सके!
    90% पुरुष ठंडा टिफ़िन खाते हैं ताकि उनका परिवार गर्म खाना खा सके!
  • अपने अहम् को थोड़ा-सा झुका के चलिये;<br/>
सब अपने लगेंगे ज़रा-सा मुस्कुरा के चलिये।
    अपने अहम् को थोड़ा-सा झुका के चलिये;
    सब अपने लगेंगे ज़रा-सा मुस्कुरा के चलिये।
  • गलत हो कर खुद को सही साबित करना उतना मुश्किल नहीं, <br/>
जितना सही हो कर खुद को सही साबित करना!
    गलत हो कर खुद को सही साबित करना उतना मुश्किल नहीं,
    जितना सही हो कर खुद को सही साबित करना!
  • इस जवानी से अच्छा तो बचपन था जब दर्द होता वहीं रो देते,<br/>
आजकल तो रोने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है!
    इस जवानी से अच्छा तो बचपन था जब दर्द होता वहीं रो देते,
    आजकल तो रोने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है!