• एक बै एक मास्टर जी न कक्षा में बचचाँ त पूछा, "पाकिसतान म पानी की कमी क्यों है?"
    एक अलबादी खड़ा हौंदे बौलया, "मैं बताऊँ जी।"
    मास्टरजी बोले, "शाबाश बेटे! बताओ।"
    छोरा बोलया, "ओडे एक ही नलका था अर वो भी सनी देओल न पाङ दिया था।"
  • ख़ुशी एक ऐसा एहसास है, जिसकी हर किसी को तलाश है;<br />
ग़म एक ऐसा अनुभव है, जो सबके पास है;<br />
मगर ज़िन्दगी को खुल कर तो वही जीता है;<br />
जिसे खुद पर और अपने खुदा पर विश्वास है।
    ख़ुशी एक ऐसा एहसास है, जिसकी हर किसी को तलाश है;
    ग़म एक ऐसा अनुभव है, जो सबके पास है;
    मगर ज़िन्दगी को खुल कर तो वही जीता है;
    जिसे खुद पर और अपने खुदा पर विश्वास है।
  • सच्चाई और ईमानदारी का रास्ता बहुत कठिन है। इस पर चलने के लिए न जाने कितने लोगों को रास्ते से हटाना पड़ता है।
    सच्चाई और ईमानदारी का रास्ता बहुत कठिन है। इस पर चलने के लिए न जाने कितने लोगों को रास्ते से हटाना पड़ता है।
  • मायूस मत होना यह एक गुनाह होता है;<br />
मिलता वही है जो किस्मत में लिखा होता है;<br />
हर चीज़ मिले आसानी से यह ज़रूरी तो नहीं;<br />
मुश्किलों के दौर में ही तो हिम्मत का पता चलता है।
    मायूस मत होना यह एक गुनाह होता है;
    मिलता वही है जो किस्मत में लिखा होता है;
    हर चीज़ मिले आसानी से यह ज़रूरी तो नहीं;
    मुश्किलों के दौर में ही तो हिम्मत का पता चलता है।
  • आपकी योग्यता आपको शिखर तक पहुँचाने में मददगार हो सकती है;<br />
लेकिन शिखर पर बने रहने के लिए चरित्र का होना ज़रूरी है।
    आपकी योग्यता आपको शिखर तक पहुँचाने में मददगार हो सकती है;
    लेकिन शिखर पर बने रहने के लिए चरित्र का होना ज़रूरी है।
  • राहुल गाँधी कहते हैं कि काँग्रेस एक पार्टी नहीं, एक सोच है।
    और विद्या बालन कहती है कि जहाँ सोच है वहाँ शौचालय है।
    बहुत कन्फ्यूजन है, भाई!
  • अपनी जुबान की ताक़त उन माँ-बाप पर कभी मत आज़माओ जिन्होंने तुम्हें बोलना सिखाया है।
    अपनी जुबान की ताक़त उन माँ-बाप पर कभी मत आज़माओ जिन्होंने तुम्हें बोलना सिखाया है।
  • इंसान कम थे क्या?<br />
जो अब मौसम भी धोखा देने लगे।
    इंसान कम थे क्या?
    जो अब मौसम भी धोखा देने लगे।
  • जज: तुम्हारा वकील कहाँ है?<br />
चोर: जी मेरा वकील नहीं है।<br />
जज: लेकिन वकील होना ज़रूरी है। कोई बात नहीं हम तुम्हें सरकारी वकील दे देंगे।<br />
चोर: नहीं हुज़ूर, मुझ पर रहम कीजिये। मुझे कोई वकील नहीं चाहिए।<br />
जज: क्यों?<br />
चोर: हुज़ूर बात यह है कि मैं अपनी चुराई मुर्गियां अकेले ही खाना चाहता हूँ।
    जज: तुम्हारा वकील कहाँ है?
    चोर: जी मेरा वकील नहीं है।
    जज: लेकिन वकील होना ज़रूरी है। कोई बात नहीं हम तुम्हें सरकारी वकील दे देंगे।
    चोर: नहीं हुज़ूर, मुझ पर रहम कीजिये। मुझे कोई वकील नहीं चाहिए।
    जज: क्यों?
    चोर: हुज़ूर बात यह है कि मैं अपनी चुराई मुर्गियां अकेले ही खाना चाहता हूँ।
  • लड़की: मैं कल तुम से मिलने नहीं आ सकती।<br />
लड़का: चलो मैं तुम्हारा गिफ्ट किसी और को दे देता हूँ।<br />
लड़की: मेरा मतलब था कल नहीं आ सकती, अभी कहाँ हो तुम? मैं आ रही हूँ।
    लड़की: मैं कल तुम से मिलने नहीं आ सकती।
    लड़का: चलो मैं तुम्हारा गिफ्ट किसी और को दे देता हूँ।
    लड़की: मेरा मतलब था कल नहीं आ सकती, अभी कहाँ हो तुम? मैं आ रही हूँ।
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