• पीतल के पतीले में पपीता पीला पीला।
    पीतल के पतीले में पपीता पीला पीला।
  • वक़्त से लड़कर जो नसीब बदल दे;<br />
इंसान वही जो अपनी तक़दीर बदल दे;<br />
कल होगा क्या, कभी ना यह सोचो;<br />
क्या पता कल खुद वक़्त अपनी तस्वीर बदल दे।
    वक़्त से लड़कर जो नसीब बदल दे;
    इंसान वही जो अपनी तक़दीर बदल दे;
    कल होगा क्या, कभी ना यह सोचो;
    क्या पता कल खुद वक़्त अपनी तस्वीर बदल दे।
  • कर्म करने से हार या जीत कुछ भी मिल सकता है लेकिन कर्म न करने से केवल हार ही मिलती है।
    कर्म करने से हार या जीत कुछ भी मिल सकता है लेकिन कर्म न करने से केवल हार ही मिलती है।
  • प्राइवेट कर्मचारी: आज मेरे पास गाडी है, बंगला है, नौकर-चाकर हैं, तुम्हारे पास क्या है?<br />
सरकारी कर्मचारी: मेरे पास छुट्टी है।
    प्राइवेट कर्मचारी: आज मेरे पास गाडी है, बंगला है, नौकर-चाकर हैं, तुम्हारे पास क्या है?
    सरकारी कर्मचारी: मेरे पास छुट्टी है।
  • ज़िन्दगी उसी को आजमाती है,<br />
जो हर मोड़ पर चलना जानता है;<br />
कुछ खोकर तो हर कोई मुस्कुराता है,<br />
पर ज़िन्दगी उसी की है जो कुछ खोकर भी मुस्कुराना जानता है।
    ज़िन्दगी उसी को आजमाती है,
    जो हर मोड़ पर चलना जानता है;
    कुछ खोकर तो हर कोई मुस्कुराता है,
    पर ज़िन्दगी उसी की है जो कुछ खोकर भी मुस्कुराना जानता है।
  • दिन की शुरआत में हमें लगता है कि ज़िन्दगी में पैसा बहुत ज़रूरी है पर दिन ढलने पर हमें पता चलता है कि ज़िन्दगी में शांति और सुकून अधिक ज़रूरी है।
    दिन की शुरआत में हमें लगता है कि ज़िन्दगी में पैसा बहुत ज़रूरी है पर दिन ढलने पर हमें पता चलता है कि ज़िन्दगी में शांति और सुकून अधिक ज़रूरी है।
  • लड़का और लड़की दोनों रेस्त्रां में खाना खाने गए। खाना खाते लड़की रोमांटिक अंदाज़ में लड़के से बोली,<br />
`जानू, कुछ ऐसा कहो कि मेरा दिल ज़ोर - ज़ोर से धड़के।`<br />
लड़का: मेरे पास पैसे नहीं हैं... बिल देने के लिए।
    लड़का और लड़की दोनों रेस्त्रां में खाना खाने गए। खाना खाते लड़की रोमांटिक अंदाज़ में लड़के से बोली,
    "जानू, कुछ ऐसा कहो कि मेरा दिल ज़ोर - ज़ोर से धड़के।"
    लड़का: मेरे पास पैसे नहीं हैं... बिल देने के लिए।
  • आज का ज्ञान:
    दोस्त और बीवी को कभी विश्वास दिलाने की जरुरत नही होती। क्योकि...
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    दोस्त कभी शक नही करता और बीवी कभी यकीन नही करती।
  • बेहतर से बेहतर की तलाश करो;<br />
मिल जाये नदी तो समंदर की तलाश करो;<br />
टूट जाता है शीशा पत्थर की चोट से;<br />
टूट जाये पत्थर कोई ऐसा शीशा तलाश करो।
    बेहतर से बेहतर की तलाश करो;
    मिल जाये नदी तो समंदर की तलाश करो;
    टूट जाता है शीशा पत्थर की चोट से;
    टूट जाये पत्थर कोई ऐसा शीशा तलाश करो।
  • दूसरों को सहयोग देना ही उन्हें अपना सहयोगी बनाना है।
Test