• विकल्प मिलेंगे बहुत, मार्ग भटकाने के लिए;<br />
संकल्प एक ही काफी है मंज़िल तक जाने के लिए।
    विकल्प मिलेंगे बहुत, मार्ग भटकाने के लिए;
    संकल्प एक ही काफी है मंज़िल तक जाने के लिए।
  • पीपल के पत्तों जैसे ना बनो, जो वक़्त आने पर सूख कर गिर जाते हैं,<br />
बनना है तो मेहँदी के पत्तों जैसा बनो जो खुद पिस कर भी दूसरों की ज़िन्दगी में रंग भर जाते हैं।
    पीपल के पत्तों जैसे ना बनो, जो वक़्त आने पर सूख कर गिर जाते हैं,
    बनना है तो मेहँदी के पत्तों जैसा बनो जो खुद पिस कर भी दूसरों की ज़िन्दगी में रंग भर जाते हैं।
  • एक ज़रूरी सूचना:<br />
गाड़ी चलाना और सौन्दर्य दर्शन एक साथ ना करें... देवदर्शन की प्राप्ति हो सकती है।<br />
~ जनहित में जारी
    एक ज़रूरी सूचना:
    गाड़ी चलाना और सौन्दर्य दर्शन एक साथ ना करें... देवदर्शन की प्राप्ति हो सकती है।
    ~ जनहित में जारी
  • ज़िंदगी में मुश्किलें तमाम हैं;<br />
फिर भी लबों पे एक मुस्कान है;<br />
क्योंकि जब जीना हर हाल में है;<br />
तो मुस्कुरा कर जीने में क्या नुक्सान है।
    ज़िंदगी में मुश्किलें तमाम हैं;
    फिर भी लबों पे एक मुस्कान है;
    क्योंकि जब जीना हर हाल में है;
    तो मुस्कुरा कर जीने में क्या नुक्सान है।
  • इस तरह ना कमाओ कि पाप हो जाये,<br />
इस तरह ना खर्च करो कि क़र्ज़ हो जाये,<br />
इस तरह ना खाओ कि मर्ज़ हो जाये,<br />
इस तरह ना बोलो कि क्लेश हो जाये,<br />
इस तरह ना चलो कि देर हो जाये,<br />
इस तरह ना सोचो कि चिंता हो जाये।
    इस तरह ना कमाओ कि पाप हो जाये,
    इस तरह ना खर्च करो कि क़र्ज़ हो जाये,
    इस तरह ना खाओ कि मर्ज़ हो जाये,
    इस तरह ना बोलो कि क्लेश हो जाये,
    इस तरह ना चलो कि देर हो जाये,
    इस तरह ना सोचो कि चिंता हो जाये।
  • हम आज भी शतरंज का खेल अकेले खेलते हैं!<br />
क्योंकि दुश्मनों को हम सामने बिठाते नहीं<br />
 
और 'दोस्तों' के खिलाफ चाल चलना हमें आता नहीं।
    हम आज भी शतरंज का खेल अकेले खेलते हैं!
    क्योंकि दुश्मनों को हम सामने बिठाते नहीं
    और 'दोस्तों' के खिलाफ चाल चलना हमें आता नहीं।
  • बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही;<br />
जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही;<br />
यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी  बात नही।
    बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही;
    जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही;
    यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी बात नही।
  • यदि आपको अपना दर्द महसूस होता है, तो आप जीवित हैं और यदि आपको दूसरों का दर्द महसूस होता है तो आप एक इंसान हैं।
    यदि आपको अपना दर्द महसूस होता है, तो आप जीवित हैं और यदि आपको दूसरों का दर्द महसूस होता है तो आप एक इंसान हैं।
  • जब यूपी मे कोई बाईक चालक सामने की बजाऐ आजू बाजू देख रहा हो तो संभल जाइए।
    क्योकि वो अब गुटखा थूकने वाला है।
  • क्यों इतना वक़्त गुज़ारते हो देखते हुए खुद को `आईने` में;<br />
कुछ वक़्त बैठो प्रभु के सामने खूबसूरत हो जाओगे सही `मायने` में।
    क्यों इतना वक़्त गुज़ारते हो देखते हुए खुद को "आईने" में;
    कुछ वक़्त बैठो प्रभु के सामने खूबसूरत हो जाओगे सही "मायने" में।
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