• कल का दिन किसने देखा है, तो आज का दिन भी खोये क्यों;<br/>
जिन घडि़यों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोये क्यों।<br/>
सुप्रभात!
    कल का दिन किसने देखा है, तो आज का दिन भी खोये क्यों;
    जिन घडि़यों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोये क्यों।
    सुप्रभात!
  • जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है;<br/>
और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है।<br/>
सुप्रभात!
    जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है;
    और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है।
    सुप्रभात!
  • ऐ सूरज मेरे अपनों को यह पैगाम देना;<br/>
खुशियों का दिन हँसी की शाम देना;<br/>
जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को;<br/>
तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना। <br/>
सुप्रभात!
    ऐ सूरज मेरे अपनों को यह पैगाम देना;
    खुशियों का दिन हँसी की शाम देना;
    जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को;
    तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना।
    सुप्रभात!
  • जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था।<br/>
अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ।<br/>
सुप्रभात!
    जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था।
    अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ।
    सुप्रभात!
  • समस्याएं इतनी ताक़तवर नहीं हो सकती जितना हम इन्हें मान लेते हैं।<br/>
ऐसा कभी नहीं हुआ कि अंधेरों ने सुबह ही ना होने दी हो। चाहे कितनी भी गहरी काली रात हो उसके बाद सुबह होनी ही है।<br/>
सुप्रभात!
    समस्याएं इतनी ताक़तवर नहीं हो सकती जितना हम इन्हें मान लेते हैं।
    ऐसा कभी नहीं हुआ कि अंधेरों ने सुबह ही ना होने दी हो। चाहे कितनी भी गहरी काली रात हो उसके बाद सुबह होनी ही है।
    सुप्रभात!
  • तेरे बिना कैसे गुज़रेंगी ये रातें,<br/>
तन्हाई का गम कैसे सहेंगी ये रातें,<br/>
बहुत लम्बी हैं घड़ियाँ इंतज़ार की,<br/>
करवट बदल-बदल कर कटेंगी ये रातें।<br/>
शुभरात्रि!
    तेरे बिना कैसे गुज़रेंगी ये रातें,
    तन्हाई का गम कैसे सहेंगी ये रातें,
    बहुत लम्बी हैं घड़ियाँ इंतज़ार की,
    करवट बदल-बदल कर कटेंगी ये रातें।
    शुभरात्रि!
  • माला की तारीफ़ तो सब करते हैं, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं लेकिन तारीफ़ के काबिल तो धागा है जिसने सब को जोड़ रखा है। इसलिए केवल मोती ही ना बनें वो धागा भी बनें जो सब को जोड़े।<br/>
सुप्रभात!
    माला की तारीफ़ तो सब करते हैं, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं लेकिन तारीफ़ के काबिल तो धागा है जिसने सब को जोड़ रखा है। इसलिए केवल मोती ही ना बनें वो धागा भी बनें जो सब को जोड़े।
    सुप्रभात!
  • ज़िन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेकर आती है और ज़िन्दगी की हर शाम कुछ तजुर्बे देकर जाती है।<br/>
शुभरात्रि!
    ज़िन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेकर आती है और ज़िन्दगी की हर शाम कुछ तजुर्बे देकर जाती है।
    शुभरात्रि!
  • एक छोटा शब्द है... पढ़ें तो 'सेकंड' लगेगा<br/>
सोचें तो 'मिनट' लगेगा<br/>
समझें तो 'दिन' लगेगा<br/>
और साबित करने में पूरी ज़िन्दगी लग जाती है।<br/>
वो है  'विश्वास'। इसलिए कभी इसे टूटने मत दीजिये।<br/>
सुप्रभात!
    एक छोटा शब्द है... पढ़ें तो 'सेकंड' लगेगा
    सोचें तो 'मिनट' लगेगा
    समझें तो 'दिन' लगेगा
    और साबित करने में पूरी ज़िन्दगी लग जाती है।
    वो है 'विश्वास'। इसलिए कभी इसे टूटने मत दीजिये।
    सुप्रभात!
  • सुबह की प्यारी रौनक तो देखो,<br/>
इन आँखों में बसी उनकी तस्वीर तो देखो,<br/>
हम ने आपको प्यारा सा सन्देश भेजा है सुप्रभात का,<br/>
एक बार उठ कर इसे प्यार से तो देखो।<br/>
सुप्रभात!
    सुबह की प्यारी रौनक तो देखो,
    इन आँखों में बसी उनकी तस्वीर तो देखो,
    हम ने आपको प्यारा सा सन्देश भेजा है सुप्रभात का,
    एक बार उठ कर इसे प्यार से तो देखो।
    सुप्रभात!
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