• ठान लिया था अब शायरी नहीं करेंगे,
    उनका पिछवाड़ा देखा और अल्फ़ाज़ बगावत कर बैठे।
  • सभी को खलता है मेरा बड़ा होना,
    गुनाह है क्या अपने आप मेरा खड़ा होना।
  • इश्क मोहब्बत क्या है मुझे नही मालूम,
    बस उसकी याद आती है और खडा हो जाता है।
  • एक बार नहीं सौ बार ये दिल टूटा;
    पर चोदने का शौक साला फिर भी ना छूटा।
  • हम न चोद सके उन्हें, मुद्दतो तक चाहने के बाद,
    वो गैरो से चुद गये, चंद रस्में निभाने के बाद।
  • याद है वो सुहानी मुलाकात,
    पहले हाथ मिलाया फिर दिल मिले,
    फिर नंगे हुए और खूब हिले।
  • मारना ही था तो कुछ और तरीका अपना लेती जालिम,
    जहर भी चटाया तो चूत पे लगाके।
  • 'सपना' को देखकर 'सपने' मे 'स्वपनदोष' हो गया;
    'सपना' भी बच गई ओर 'संतोष' भी हो गया।
  • सींग नही होते लोमड़ी के,
    सींग नही होते लोमड़ी के,
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    और कैसा रहा आज का दिन भोसड़ी के?
  • मोहब्बत की आजमाइश देते-देते थक गया हूँ ए-गालिब,
    लगता है अब पैसे देकर ही किसी की लेनी पड़ेगी।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Top Authors